कौन है KKR का होश उड़ाने वाले मुकुल चौधरी? कैसे राजस्थान के झुंझुनूं का 21 साल का लड़का बना LSG का दु:खहर्ता?
ईडन गार्डन्स में झुंझुनूं के मुकुल चौधरी ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। जब लखनऊ सुपर जाएंट्स (LSG) हार की कगार पर थी, तब इस 21 वर्षीय युवा खिलाड़ी ने 27 गेंदों में सात छक्कों की मदद से असंभव दिख रही जीत को मुमकिन बना दिया। आखिर कैसे मुकुल ने KKR के हाथों से मैच छीना और क्या है उनके संघर्ष की पूरी कहानी? इस रोमांचक मैच की पूरी दास्तां जानने के लिए पढ़ें।

कोलकाता के ईडन गार्डन्स में 9 अप्रैल 2026 को आयोजित मैच के दौरान लखनऊ सुपर जाएंट्स के बल्लेबाज मुकुल चौधरी शॉट खेलते हुए (बाएं), मुकुल चौधरी का प्रोफाइल चित्र (मध्य) और अपने माता-पिता के साथ मुकुल (दाएं)।
कोलकाता: क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर गुरुवार की शाम एक ऐसे युवा सितारे का उदय हुआ, जिसने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से न केवल लखनऊ सुपर जाएंट्स (LSG) की डूबती नैया को पार लगाया, बल्कि कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खेमे में सन्नाटा पसरा दिया। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बेदोत गांव से ताल्लुक रखने वाले 21 वर्षीय विकेटकीपर बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने अपनी आतिशी पारी से आईपीएल 2026 के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक की पटकथा लिख दी। जब LSG को जीत के लिए अंतिम 4 ओवरों में 54 रनों की दरकार थी और टीम अपने 7 मुख्य विकेट खोकर संघर्ष कर रही थी, तब मुकुल ने मैदान पर कदम रखते ही हार को जीत में तब्दील करने का बीड़ा उठाया।
मुकुल चौधरी का जन्म 6 अगस्त 2004 को राजस्थान में हुआ था। घरेलू क्रिकेट में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाले इस युवा खिलाड़ी ने 17 जनवरी 2023 को रणजी ट्रॉफी से अपने प्रथम श्रेणी करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद साल 2025 में विजय हजारे ट्रॉफी के जरिए उन्होंने लिस्ट-ए क्रिकेट में कदम रखा। उनकी प्रतिभा और विस्फोटक बल्लेबाजी शैली को देखते हुए आईपीएल 2026 की नीलामी में लखनऊ सुपर जाएंट्स ने उन पर बड़ा दांव खेलते हुए ₹2.60 करोड़ की मोटी रकम खर्च कर अपनी टीम में शामिल किया था। कल रात कोलकाता के खिलाफ खेली गई उनकी ऐतिहासिक पारी ने फ्रेंचाइजी के उस भरोसे को पूरी तरह सही साबित कर दिया है।
मैच के उस निर्णायक मोड़ पर, जहां 182 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए लखनऊ की टीम मात्र 128 रनों पर 7 विकेट गंवाकर हार की कगार पर खड़ी थी, मुकुल ने निडरता का परिचय दिया। उन्होंने मात्र 27 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 54 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली, जिसमें 7 गगनचुंबी छक्के और 2 शानदार चौके शामिल थे। आखिरी गेंद तक चले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में मुकुल ने आक्रामक रुख अपनाते हुए KKR के गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ दी और मैच की अंतिम गेंद पर टीम को तीन विकेट से सनसनीखेज जीत दिला दी। इस जादुई प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' के पुरस्कार से नवाजा गया।
मुकुल चौधरी की यह पारी केवल एक मैच की जीत नहीं है, बल्कि भारतीय क्रिकेट जगत में एक नए 'फिनिशर' के आगमन का शंखनाद है। झुंझुनूं के इस छोटे से गांव से निकलकर ईडन गार्डन्स जैसे बड़े मंच पर दबाव की स्थितियों में ऐसा धैर्य दिखाना उनकी मानसिक मजबूती को दर्शाता है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि मुकुल के रूप में भारत को एक ऐसा विकेटकीपर बल्लेबाज मिला है, जो आने वाले समय में राष्ट्रीय टीम के लिए भी तुरुप का इक्का साबित हो सकता है। फिलहाल, लखनऊ के इस 'दु:खहर्ता' की चर्चा पूरे क्रिकेट जगत में जोरों पर है और उनकी यह पारी लंबे समय तक प्रशंसकों के जेहन में ताजा रहेगी।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
