जयपुर के डॉ. सोनी स्टेडियम में खेले गए विजय हजारे ट्रॉफी एलिट ग्रुप C के मुकाबले में महाराष्ट्र टीम के बल्लेबाज अभिजीत गायकवाड़ ने अपनी नाबाद 56 रनों की पारी से टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। गायकवाड़ ने 88 गेंदों का सामना करते हुए चौके-छक्कों की मदद से टीम के लिए एक अहम साझेदारी निभाई। उन्होंने विकेटकीपर-बल्लेबाज विक्की ओस्तवाल (34 नाबाद) के साथ सातवें विकेट के लिए 66 रनों की अटूट साझेदारी कर महाराष्ट्र को 36 ओवरों में 118/6 तक पहुंचाया।

महाराष्ट्र का शीर्ष क्रम गोवा की गेंदबाजी के सामने पूरी तरह संघर्ष कर रहा था। गोवा के तेज गेंदबाज वासुकी कौशिक ने तीन विकेट लेकर शुरुआती बल्लेबाजों को जल्दी पवेलियन भेजा। उन्होंने प्रीतम शॉ और अन्य बल्लेबाजों को अपने शिकार में शामिल करते हुए टीम को संकट में डाल दिया। इस प्रदर्शन से गायकवाड़ पर टीम की जिम्मेदारी और बढ़ गई और उन्होंने संयमित और सतर्क खेल का परिचय देते हुए टीम को पतन से बचाया।

गायकवाड़ की यह पारी इस टूर्नामेंट में उनका तीसरा अर्धशतक है। इससे पहले उन्होंने उत्तराखंड के खिलाफ शतक और मुंबई के खिलाफ अर्धशतक बनाया था। उनके इस लगातार प्रदर्शन ने उन्हें भारत की लिस्ट A क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शीर्ष पर ला दिया है, जहां उनके करियर कुल रन 4,900 से अधिक हैं। गायकवाड़ की तकनीकी मजबूती और दबाव में भी खेल की समझ इस पारी में साफ दिखाई दी।

इस मैच में महाराष्ट्र की मध्यक्रम बल्लेबाजी ने अपनी महत्वता साबित की। शुरुआती पतन के बावजूद गायकवाड़ और ओस्तवाल ने संयमित बल्लेबाजी के साथ टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की साझेदारी टीम के मनोबल के लिए भी बेहद जरूरी होती है।

गोवा की टीम ने पहले विकेट से ही दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन गायकवाड़ और ओस्तवाल ने परिस्थिति के अनुसार खेल कर मैच को संतुलित किया। इस प्रदर्शन से महाराष्ट्र की जीत की संभावनाएं बढ़ गई हैं, और यह साफ संकेत है कि मध्यक्रम की स्थिरता किसी भी घरेलू टूर्नामेंट में टीम की सफलता के लिए निर्णायक हो सकती है।

अभिजीत गायकवाड़ की यह नाबाद पारी न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि महाराष्ट्र टीम के लिए भी बड़ी राहत साबित हुई। यह मैच साबित करता है कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य और तकनीकी समझ से खेली गई पारी टीम की दिशा बदल सकती है। विजय हजारे ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट में ऐसे प्रदर्शन खिलाड़ियों की पहचान को मजबूत करते हैं और उन्हें राष्ट्रीय टीम में संभावनाओं का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।

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Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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