AFC Women's Asian Cup 2026 : फुटबॉल के मैदान पर जब कौशल और संयम का मिलन होता है, तो परिणाम अंतिम सेकंड तक अनिश्चित रहता है। 2026 महिला एशियाई कप के ग्रुप-सी के एक हाई-वोल्टेज मुकाबले में वियतनाम की महिला राष्ट्रीय टीम ने भारतीय महिला टीम को 2-1 से पराजित कर टूर्नामेंट में अपने अभियान का विजयी आगाज किया। विश्व रैंकिंग में 36वें स्थान पर काबिज वियतनाम और 67वें स्थान की भारतीय टीम के बीच का यह अंतर मैदान पर रणनीतिक वर्चस्व और अनुभव के रूप में स्पष्ट दिखाई दिया।

मैच की शुरुआत से ही कोच माई डुक चुंग के मार्गदर्शन में वियतनामी टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रतिनिधियों ने मिडफील्ड पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया और विंग्स के माध्यम से भारतीय रक्षा पंक्ति पर लगातार हमले बोले। खेल के शुरुआती चरण में ही वियतनाम की स्ट्राइकर नगन थी वान सू ने एक सुनियोजित आक्रमण को गोल में तब्दील कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि पहले हाफ के अंत में वियतनाम ने एक और गोल दागा था, लेकिन रेफरी ने फाउल के आधार पर उसे अमान्य करार दिया, जिससे भारत को वापसी की एक धुंधली उम्मीद मिली।

द्वितीय हाफ में खेल का रुख अचानक पलटा जब भारतीय टीम ने पलटवार किया। वियतनामी रक्षा पंक्ति की एक क्षणिक चूक का लाभ उठाते हुए भारत की नोंगराम ने शानदार बराबरी का गोल दागकर स्कोर 1-1 कर दिया। इस गोल ने मुकाबले में तनाव बढ़ा दिया। भारतीय टीम ने इसके बाद 'डीप डिफेंस' की रणनीति अपनाई, जिससे वियतनाम के लिए गोल के अवसर बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया। मैच अपने निर्धारित समय के अंत की ओर बढ़ रहा था और ऐसा प्रतीत हो रहा था कि भारत एक मूल्यवान अंक हासिल करने में सफल रहेगा।

किंतु, खेल के इंजरी टाइम (90+4वें मिनट) में नगन थी वान सू ने एक बार फिर अपनी व्यक्तिगत प्रतिभा का लोहा मनवाया। पेनल्टी क्षेत्र के भीतर बिजली जैसी गति से आगे बढ़ते हुए उन्होंने निर्णायक शॉट लगाया, जिसने भारतीय गोलकीपर पैंथोई चानू को छकाते हुए जाली को चूम लिया। इस गोल ने न केवल वियतनाम को 3 अंक दिलाए, बल्कि भारतीय टीम के साहसी संघर्ष पर पानी फेर दिया।

प्रतियोगिता का गणित और महत्व :

  • ग्रुप संरचना: ग्रुप सी में वियतनाम और भारत के साथ-साथ शक्तिशाली जापान और चीनी ताइपे भी शामिल हैं।
  • क्वालीफिकेशन: प्रत्येक समूह की शीर्ष दो टीमें और तीसरे स्थान की दो सर्वश्रेष्ठ टीमें क्वार्टर फाइनल में प्रवेश करेंगी।
  • रणनीतिक बढ़त: इस जीत के साथ वियतनाम ने न केवल 2026 एशियाई कप के अगले दौर की ओर कदम बढ़ाए हैं, बल्कि 2027 महिला विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने की अपनी उम्मीदों को भी जीवित रखा है।

यह मुकाबला वियतनाम के लिए जहाँ आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा, वहीं भारतीय टीम के लिए यह रक्षात्मक अनुशासन और अंतिम क्षणों में एकाग्रता बनाए रखने की चुनौती को रेखांकित करता है। कोच माई डुक चुंग की टीम ने अपनी जुझारू भावना से यह सिद्ध कर दिया कि वे इस टूर्नामेंट में खिताब के प्रबल दावेदारों में से एक हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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