कौन हैं विष्णु विनोद? केरल से निकलकर टी20 के विस्फोटक फिनिशर बनने की कहानी
केरल के विकेटकीपर-बल्लेबाज विष्णु विनोद की घरेलू क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी, आईपीएल सफर और संघर्षपूर्ण करियर का विस्तृत विवरण।

मुंबई इंडियंस के अभ्यास सत्र के दौरान बल्लेबाजी का अभ्यास करते विकेटकीपर-बल्लेबाज विष्णु विनोद।
भारतीय घरेलू क्रिकेट में जब भी आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाजों की बात होती है, तो विष्णु विनोद का नाम तेजी से उभरता है। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी, लंबे-लंबे छक्के लगाने की क्षमता और मैच का रुख पलट देने वाली पारियों के कारण उन्होंने खुद को एक भरोसेमंद फिनिशर के रूप में स्थापित किया है। सीमित ओवरों के प्रारूप में उनका प्रभाव खास तौर पर देखने को मिलता है, जहां वे कम गेंदों में मैच का समीकरण बदलने की काबिलियत रखते हैं।
केरल के पथानामथिट्टा में 2 दिसंबर 1993 को जन्मे विष्णु विनोद की क्रिकेट यात्रा साधारण पृष्ठभूमि से शुरू हुई, लेकिन उनका लक्ष्य हमेशा बड़ा रहा। स्कूल और कॉलेज स्तर पर खेलते हुए उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और धीरे-धीरे राज्य की टीम तक पहुंच बनाए। मार थोमा कॉलेज, तिरुवल्ला से पॉलिटिकल साइंस में स्नातक करने के दौरान ही उनका ध्यान पूरी तरह क्रिकेट पर केंद्रित हो गया था, जो आगे चलकर उनके करियर की दिशा तय करने वाला साबित हुआ।
घरेलू क्रिकेट में उनका सफर 2014 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के जरिए शुरू हुआ, जब उन्होंने कर्नाटक के खिलाफ टी20 डेब्यू किया। उसी साल विजय हजारे ट्रॉफी में लिस्ट-ए और 2016 में रणजी ट्रॉफी में फर्स्ट क्लास क्रिकेट की शुरुआत करते हुए उन्होंने तीनों प्रारूपों में खुद को साबित करने की कोशिश की। 2018-19 रणजी ट्रॉफी में मध्य प्रदेश के खिलाफ 282 गेंदों में नाबाद 193 रन की पारी ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया। इसके बाद 2019-20 विजय हजारे ट्रॉफी में 8 मैचों में 508 रन बनाकर, 63.50 की औसत और तीन शतकों के साथ वे केरल के सबसे सफल बल्लेबाज बने, जिसने उनके करियर को नई ऊंचाई दी।
हालांकि, उनके करियर में उतार-चढ़ाव भी कम नहीं रहे। 2019-20 देवधर ट्रॉफी में इंडिया-ए टीम में चयन के बावजूद वे सिर्फ 23 रन ही बना सके, जो उनके लिए एक निराशाजनक मोड़ था। लेकिन विष्णु ने वापसी का रास्ता खुद तैयार किया। 2021-22 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में तमिलनाडु के खिलाफ 26 गेंदों पर नाबाद 65 रन, जिसमें सात छक्के शामिल थे, उनकी विस्फोटक क्षमता का उदाहरण बना। इसके तुरंत बाद विजय हजारे ट्रॉफी में महाराष्ट्र के खिलाफ नाबाद शतक और सातवें विकेट के लिए सिजोमोन जोसेफ के साथ 174 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी ने उन्हें फिर से चर्चा में ला दिया।
आईपीएल में उनका सफर भी संघर्ष और अवसरों का मिश्रण रहा है। 2017 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने उन्हें केएल राहुल के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया, जहां उन्होंने तीन मैचों में 19 रन बनाए। इसके बाद कई सीजन तक अनसोल्ड रहने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। 2021 में दिल्ली कैपिटल्स और 2022 में सनराइजर्स हैदराबाद के साथ जुड़ने के बाद भी उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन 2023 और 2024 में मुंबई इंडियंस के साथ बैकअप विकेटकीपर के रूप में उन्होंने टीम का हिस्सा बनकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
विष्णु विनोद की पहचान एक ऐसे बल्लेबाज की है जो पावर-हिटिंग में माहिर है और जरूरत पड़ने पर ओपनिंग से लेकर निचले मध्यक्रम तक किसी भी भूमिका में फिट बैठता है। विकेटकीपिंग के साथ-साथ उनकी फील्डिंग और मध्यम गति की गेंदबाजी उन्हें एक बहुमुखी खिलाड़ी बनाती है। घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन और कठिन दौर से उबरने की उनकी क्षमता ही उन्हें एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में स्थापित करती है, जिसने संघर्ष के बीच अपनी पहचान बनाई और धीरे-धीरे स्टारडम की ओर कदम बढ़ाए।

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