नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने अपने 38वें जन्मदिन पर अपनी सर्वश्रेष्ठ वनडे पारियों में से एक को लेकर ऐसा चुनाव किया, जिसने क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान खींचा है। गुरुवार को अपने जन्मदिन के मौके पर कोहली ने चैंपियंस ट्रॉफी 2013 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई 34 गेंदों में 43 रनों की पारी को अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ वनडे पारी बताया।

38 वर्षीय विराट कोहली क्रिकेट प्रेमियों के बीच लोकप्रियता के शिखर पर हैं। वनडे क्रिकेट में उनका शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है और अब वह भारतीय टीम के लिए केवल इसी प्रारूप में खेल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के बाद से 'रन-मशीन' के नाम से पहचान बनाने वाले कोहली ने कई ऐसी यादगार पारियां खेली हैं, जिन्होंने उन्हें दुनिया के बेहतरीन वनडे बल्लेबाजों में शामिल किया। लक्ष्य का पीछा करने में उनकी महारत के कारण उन्हें 'चेज मास्टर' भी कहा जाता है।

अपनी सर्वश्रेष्ठ पारियों का चयन करना कोहली के लिए आसान नहीं था। उनके करियर में कई ऐसी पारियां शामिल हैं, जिन्हें लंबे समय तक याद किया जाता रहेगा। इनमें एशिया कप 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ बनाए गए 183 रन, कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज 2012 में श्रीलंका के खिलाफ लसिथ मलिंगा के बेहतरीन फॉर्म के बावजूद खेली गई 133 रनों की पारी और वर्ल्ड कप 2023 के लीग चरण में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाए गए 85 महत्वपूर्ण रन शामिल हैं।

कोहली के 38वें जन्मदिन पर 'स्टार स्पोर्ट्स' ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें इस दिग्गज बल्लेबाज ने अपनी पसंदीदा वनडे पारी का खुलासा किया। उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी 2013 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई 43 रनों की पारी को चुना। इस मुकाबले में उनकी बल्लेबाजी ने भारत को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।

एजबेस्टन में खेला गया यह फाइनल बारिश से प्रभावित था और मुकाबला 20-20 ओवर का कर दिया गया था। आसमान में बादल छाए हुए थे और भारतीय पारी के दौरान लगातार विकेट गिर रहे थे। ऐसे मुश्किल हालात में कोहली ने 34 गेंदों का सामना करते हुए 43 रन बनाए। उनकी पारी में एक चौका और एक छक्का शामिल था। उनके इस योगदान की बदौलत भारतीय टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 129 रन बनाने में सफल रही। इसके बाद भारत ने इंग्लैंड को 5 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया।

कोहली उस समय बल्लेबाजी के लिए उतरे थे, जब भारतीय टीम का स्कोर 19/1 था। उन्होंने शिखर धवन के साथ दूसरे विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी की। धवन ने 31 रन बनाए। हालांकि, इस साझेदारी के बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई और टीम का स्कोर 66/5 हो गया। लगातार विकेट गिरने के बावजूद कोहली ने एक छोर संभाले रखा और 19वें ओवर में आउट हुए।

कोहली की पारी के अलावा रवींद्र जडेजा ने भी 33 रनों का योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों के प्रयासों से भारतीय टीम सात विकेट गंवाकर 129 रन तक पहुंच सकी। यही स्कोर आखिरकार खिताबी मुकाबले में भारत की जीत का आधार बना।

'स्टार स्पोर्ट्स' के वीडियो में कोहली ने अपनी पसंद को लेकर एक और दिलचस्प बात साझा की। उन्होंने शुरुआत में 2012 में श्रीलंका के खिलाफ खेली गई अपनी 133 रनों की नाबाद पारी के बजाय वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ बनाए गए 35 रनों को चुना था। कुछ समय तक यही पारी उनकी पसंद बनी रही, लेकिन बाद में उन्होंने अपना फैसला बदलते हुए चैंपियंस ट्रॉफी 2013 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई 34 गेंदों में 43 रनों की पारी को अपनी सर्वश्रेष्ठ वनडे पारी के रूप में चुना।

Pratahkal Bureau

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