विनीसियस विवाद; प्रैस्टियानी का बड़ा खुलासा, तोड़ी चुप्पी
रियल मैड्रिड के विनीसियस जूनियर पर विवादित टिप्पणी मामले में बेनफिका के प्रैस्टियानी ने यूईएफए जांच में तोड़ी चुप्पी। जानें क्या है पूरा विवाद और संभावित सजा।

Vinicius controversy
Football Racism Scandal : फुटबॉल के मैदान पर एक बार फिर खेल की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली घटना सामने आई है। चैंपियंस लीग के रोमांचक मुकाबले के बीच रियल मैड्रिड के स्टार फॉरवर्ड विनीसियस जूनियर के खिलाफ हुई कथित अपमानजनक टिप्पणियों ने पूरे खेल जगत को हिला कर रख दिया है। ईएसपीएन की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, बेनफिका के विंगर जियानलुका प्रैस्टियानी ने यूईएफए (UEFA) की आधिकारिक जांच में अपने साक्ष्य प्रस्तुत कर दिए हैं, जिससे इस विवाद में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है।
मैदान पर बढ़ा तनाव : 10 मिनट तक रुका रहा खेल
यह घटना मंगलवार को लिस्बन के प्रतिष्ठित एस्टाडियो दा लूज में घटी, जहाँ रियल मैड्रिड और बेनफिका के बीच चैंपियंस लीग प्लेऑफ का कड़ा मुकाबला चल रहा था। खेल के दूसरे हाफ में जब विनीसियस जूनियर ने मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल दागा, तो माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि गोल के जश्न के दौरान प्रैस्टियानी और विनीसियस के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
विनीसियस ने प्रैस्टियानी पर अपशब्द कहने का आरोप लगाया और भावुक होकर अपना चेहरा अपनी जर्सी से ढक लिया। मैदान पर बढ़ते आक्रोश और खिलाड़ियों के बीच धक्का-मुक्की को देखते हुए रेफरी को खेल लगभग 10 मिनट के लिए रोकना पड़ा। रियल मैड्रिड के खिलाड़ियों, विशेषकर किलियन म्बाप्पे और ऑरेलियन चोउमेनी ने तुरंत अपने साथी का पक्ष लेते हुए इस व्यवहार का कड़ा विरोध किया। म्बाप्पे ने पुष्टि करते हुए कहा, "मैंने इसे सुना। बेनफिका के कुछ खिलाड़ियों ने भी इसे सुना है।"
प्रैस्टियानी का कबूलनामा : 'बंदर' नहीं, कहे थे समलैंगिकता विरोधी शब्द
यूईएफए की जांच टीम के सामने पेश होकर 20 वर्षीय जियानलुका प्रैस्टियानी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। हालांकि, उनका स्पष्टीकरण विवाद को कम करने के बजाय एक अलग दिशा में ले जा रहा है। प्रैस्टियानी ने स्वीकार किया कि उन्होंने विनीसियस के प्रति अभद्र भाषा का उपयोग किया था, लेकिन उन्होंने 'नस्लीय' टिप्पणी के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने जांचकर्ताओं को बताया कि उन्होंने विनीसियस को 'मोनो' (बंदर) नहीं कहा था, बल्कि उनके खिलाफ 'समलैंगिकता विरोधी' (Homophobic) अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। ऑरेलियन चोउमेनी के अनुसार, प्रैस्टियानी ने मैच के तुरंत बाद भी यही तर्क दिया था।
कठोर दंड और कानूनी कार्रवाई की मांग :
इस घटना पर रियल मैड्रिड क्लब ने सख्त रुख अख्तियार किया है। क्लब ने यूईएफए को सभी उपलब्ध वीडियो और ऑडियो साक्ष्यों वाली एक विस्तृत फाइल सौंपी है। कोच अल्वारो अर्बेलोआ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों से निर्णायक कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यह मामला फुटबॉल में भेदभाव के खिलाफ लड़ाई में एक 'महत्वपूर्ण मोड़' साबित होना चाहिए।
यूईएफए के कड़े नियमों के अनुसार :
किसी भी व्यक्ति या समूह की मानवीय गरिमा का अपमान करने पर, चाहे वह त्वचा के रंग, नस्ल, धर्म, लिंग या यौन अभिरुचि के आधार पर हो, आरोपी को कम से कम 10 मैचों का निलंबन भुगतना पड़ सकता है। गंभीर मामलों में एक निर्दिष्ट अवधि के लिए प्रतिबंध या अन्य कठोर दंड का भी प्रावधान है।
दोहरे संकट में बेनफिका :
केवल प्रैस्टियानी ही नहीं, बल्कि बेनफिका क्लब अपने समर्थकों के व्यवहार के कारण भी जांच के घेरे में है। क्लब ने उन दो प्रशंसकों के खिलाफ आंतरिक जांच शुरू कर दी है, जिन्हें वीडियो में विनीसियस की ओर बंदर जैसे इशारे करते हुए पकड़ा गया था। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि फुटबॉल के मैदान पर प्रतिभा का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। अब दुनिया भर की नज़रें यूईएफए के फैसले पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि 'खूबसूरत खेल' में नफरत और भेदभाव के लिए कोई जगह है या नहीं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
