क्रिकेट के मैदान पर अक्सर ऐसे व्यक्तिगत प्रदर्शन देखने को मिलते हैं जो हार-जीत के आंकड़ों से ऊपर उठकर इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा बीसीसीआय द्वारा आयोजित विजय हजारे ट्रॉफी के ग्रुप सी मुकाबले में देखने को मिला, जहाँ महाराष्ट्र के तेज गेंदबाज रामकृष्ण घोष ने अपनी तूफानी गेंदबाजी से कोहराम मचा दिया। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में रामकृष्ण ने हिमाचल प्रदेश की बल्लेबाजी की कमर तोड़ते हुए अकेले 7 विकेट चटकाए। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का हिस्सा होने के बावजूद अब तक डेब्यू का इंतजार कर रहे इस गेंदबाज ने अपनी इस घातक गेंदबाजी से चयनकर्ताओं और क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

मैच का विवरण देखें तो, रामकृष्ण घोष ने अपनी सधी हुई लाइन और लेंथ से हिमाचल प्रदेश के बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का मौका नहीं दिया। उन्होंने अपने 9.4 ओवर के स्पेल में मात्र 30 रन खर्च करते हुए 7 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। उनकी इस धारदार गेंदबाजी के चलते, एक समय विशाल स्कोर की ओर बढ़ रही हिमाचल प्रदेश की टीम 49.4 ओवर में 271 रनों पर सिमट गई। हालांकि, हिमाचल की ओर से पुखराज मान ने बेहतरीन धैर्य और तकनीक का परिचय दिया। मान ने 111 गेंदों का सामना करते हुए 3 छक्कों और 9 चौकों की मदद से 110 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। इसके अलावा वैभव अरोड़ा ने अंत में 33 गेंदों पर 40 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर अपनी टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया। महाराष्ट्र की ओर से प्रदीप, राजवर्धन हंगेरगेकर और सत्यजित ने भी एक-एक सफलता हासिल की।

272 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी महाराष्ट्र की टीम ने कड़ा संघर्ष किया, लेकिन जीत की दहलीज तक पहुँचकर उन्हें निराशा हाथ लगी। महाराष्ट्र की पूरी टीम निर्धारित ओवरों के समापन और अंतिम गेंद पर 264 रनों पर ढेर हो गई, जिसके परिणामस्वरूप हिमाचल प्रदेश ने यह रोमांचक मुकाबला 7 रनों से जीत लिया। महाराष्ट्र के लिए अनुभवी बल्लेबाज अंकित बावणे ने जुझारू पारी खेली। उन्होंने 120 गेंदों में 97 रन बनाए, लेकिन वे अपने शतक और टीम की जीत से कुछ कदम दूर रह गए। निखिल नाईक ने भी 39 रनों का योगदान दिया, लेकिन यह प्रयास नाकाफी साबित हुआ। हिमाचल की ओर से गेंदबाजी में कप्तान मृदुल सुरोच, रोहित कुमार और आर्यमन सिंह ने दो-दो विकेट लेकर महाराष्ट्र के जबड़े से जीत छीन ली, जबकि वैभव अरोड़ा ने एक विकेट चटकाया।

इस मैच का सबसे बड़ा आकर्षण निस्संदेह नासिक में 28 अगस्त 1997 को जन्मे रामकृष्ण घोष रहे। गौरतलब है कि रामकृष्ण को आईपीएल 2025 की नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स ने 30 लाख रुपये की बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया था। भले ही उन्हें अब तक दुनिया की सबसे बड़ी टी-20 लीग में खेलने का मौका न मिला हो, लेकिन सीएसके प्रबंधन ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें आईपीएल 2026 के लिए भी रिटेन (बरकरार) किया है। विजय हजारे ट्रॉफी में उनके इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि सीएसके का उन पर भरोसा गलत नहीं था। आंकड़ों पर नजर डालें तो रामकृष्ण ने अब तक 11 प्रथम श्रेणी मैचों में 21 विकेट और 7 लिस्ट-ए मैचों में 17 विकेट लेने का कारनामा किया है। यह प्रदर्शन निश्चित रूप से उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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