भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारों में विहान मनोज मल्होत्रा का नाम तेजी से सुर्खियों में आया है, जिन्होंने बेहद कम उम्र में अपनी ऑलराउंड क्षमता से राष्ट्रीय और फ्रेंचाइज़ी स्तर पर गहरी छाप छोड़ी है। 2026 के अंडर-19 विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के दौरान उपकप्तान की भूमिका निभाते हुए उन्होंने न केवल बल्ले से मजबूती दिखाई, बल्कि गेंद से भी निर्णायक क्षणों में मैच का रुख बदलने की क्षमता का प्रदर्शन किया। यही कारण रहा कि आईपीएल 2026 की नीलामी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन पर 30 लाख रुपये का दांव लगाकर उनके भविष्य पर भरोसा जताया।

1 जनवरी 2007 को पंजाब के पटियाला में जन्मे विहान का क्रिकेट सफर एक साधारण पारिवारिक माहौल से शुरू हुआ, जहां शिक्षा को प्राथमिकता दी जाती थी। उनके पिता मनोज एक इंजीनियर और माता पूनम एक डॉक्टर हैं, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनके झुकाव ने जल्द ही उन्हें अलग पहचान दिलानी शुरू कर दी। शुरुआती दिनों में स्क्रीन से दूर रखने के लिए शुरू किया गया खेल धीरे-धीरे उनके जीवन का लक्ष्य बन गया और कोचों की नजर में उनका कौशल जल्दी ही आ गया।

पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के तहत उम्र-समूह क्रिकेट में विहान ने लगातार प्रदर्शन करते हुए खुद को एक भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया। बाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के ऑफ-ब्रेक गेंदबाज के रूप में उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें टीम के लिए अहम बना दिया। 2022 से 2023 के बीच उनके खेल में बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब उन्होंने ओपनर की भूमिका छोड़कर मिडिल ऑर्डर में खुद को ढाला और दबाव की परिस्थितियों में पारी संभालने की कला सीखी।

उनके करियर का निर्णायक मोड़ 2025 एशिया कप और 2026 अंडर-19 विश्व कप के दौरान आया, जहां वे भारतीय टीम के उपकप्तान रहे। 2025 एशिया कप में टीम उपविजेता रही, लेकिन विहान का प्रदर्शन स्थिर और प्रभावशाली रहा। इसके बाद 2026 विश्व कप में उन्होंने सात मैचों में 240 रन बनाए और 5 विकेट झटके। इस दौरान जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर सिक्स मुकाबले में 190 नाबाद की ऐतिहासिक पारी और बांग्लादेश के खिलाफ 4 विकेट लेकर मैच जिताने वाला स्पेल उनके करियर के सुनहरे अध्याय बन गए। उनकी यह उपलब्धियां उन्हें टूर्नामेंट के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल करती हैं।

विहान मल्होत्रा की खासियत सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी तकनीक, संयम और मैच की परिस्थिति के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता उन्हें अलग बनाती है। मिडिल ऑर्डर में पारी को संभालने की उनकी समझ और गेंदबाजी में मिडिल ओवर्स में विकेट निकालने की कला ने उन्हें एक पूर्ण ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया है। उनकी फील्डिंग और रणनीतिक समझ भी टीम के लिए अतिरिक्त मजबूती प्रदान करती है।

आज विहान मल्होत्रा को भारतीय क्रिकेट के भविष्य के रूप में देखा जा रहा है, जिनकी यात्रा अंडर-19 स्तर से शुरू होकर अब आईपीएल जैसे बड़े मंच तक पहुंच चुकी है। उनकी निरंतर प्रगति, अनुशासन और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने की क्षमता यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी भारत के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन सकते हैं।

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Pratahkal Newsroom

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