भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों में जिस खिलाड़ी ने अपनी बहुआयामी प्रतिभा से तेजी से पहचान बनाई है, वह नाम है वेंकटेश राजसेकरन अय्यर का। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज और मध्यम गति के गेंदबाज ने इंडियन प्रीमियर लीग में अपने प्रभावशाली प्रदर्शन से न सिर्फ सुर्खियां बटोरीं, बल्कि टीम इंडिया के दरवाजे भी खटखटाए। आईपीएल में बड़े मैचों में निर्णायक पारियां खेलते हुए और महत्वपूर्ण मौकों पर गेंद से योगदान देते हुए अय्यर ने खुद को एक मैच-विनर ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया है।

मध्य प्रदेश के इंदौर में जन्मे अय्यर का क्रिकेट सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2015 में घरेलू टी20 क्रिकेट से की, जब उन्होंने रेलवेज के खिलाफ होलकर स्टेडियम में पदार्पण किया। उसी वर्ष उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में लिस्ट-ए क्रिकेट में भी कदम रखा। दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान वे वाणिज्य में स्नातक की पढ़ाई कर रहे थे और बाद में सीए इंटरमीडिएट पास करने के बाद उन्होंने क्रिकेट को प्राथमिकता देते हुए एमबीए (फाइनेंस) में दाखिला लिया। 2018-19 रणजी ट्रॉफी में प्रथम श्रेणी पदार्पण के साथ उन्होंने अपने करियर को नई दिशा दी।

घरेलू क्रिकेट में अय्यर की असली पहचान 2021-22 सीजन में बनी, जब उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 155 रन बनाकर मध्य प्रदेश के लिए शीर्ष स्कोरर का स्थान हासिल किया। इसके बाद विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने 379 रन 63.16 की औसत और 133 से अधिक की स्ट्राइक रेट से बनाए, जिसमें दो शतक शामिल थे। 151 रन की उनकी पारी विशेष रूप से ऐतिहासिक रही, क्योंकि वह टूर्नामेंट के इतिहास में नंबर छह या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए 150 से अधिक रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी बने। इसके साथ ही उन्होंने गेंद से भी छह मैचों में 9 विकेट लेकर अपनी ऑलराउंड क्षमता का परिचय दिया।

आईपीएल 2021 में कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा खरीदे जाने के बाद अय्यर ने अपने करियर का सबसे बड़ा मोड़ देखा। यूएई में खेले गए उस सीजन में उन्होंने पदार्पण करते ही प्रभाव छोड़ा और मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपना पहला अर्धशतक जड़ा। पूरे सीजन में उन्होंने 370 रन 41 की औसत और 129 की स्ट्राइक रेट से बनाए और टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। क्वालीफायर-2 में 55 रन की मैच जिताऊ पारी और फाइनल में अर्धशतक ने उन्हें बड़े मंच का खिलाड़ी साबित किया। 2023 में उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 51 गेंदों में 104 रन की विस्फोटक पारी खेलकर अपना पहला आईपीएल शतक लगाया, हालांकि टीम को हार का सामना करना पड़ा।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अय्यर की एंट्री भी तेज रही। 2021 टी20 विश्व कप के दौरान नेट बॉलर के रूप में टीम के साथ जुड़े अय्यर को जल्द ही न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मौका मिला, जहां उन्होंने 17 नवंबर 2021 को डेब्यू किया। उसी सीरीज में गेंद से 3 ओवर में 12 रन देकर एक विकेट लेने का प्रदर्शन भी किया। जनवरी 2022 में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे पदार्पण किया और वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में 179.24 की स्ट्राइक रेट से रन बनाकर फिनिशर की भूमिका निभाई। गेंद से भी उन्होंने योगदान देते हुए विकेट हासिल किए, जिससे उनकी उपयोगिता और बढ़ी।

आईपीएल में उनकी कीमत और जिम्मेदारी दोनों समय के साथ बढ़ती गईं। 2024 में कोलकाता ने उन्हें 23.75 करोड़ रुपये में खरीदकर भरोसा जताया और 2025 सीजन के लिए उपकप्तान बनाया। हालांकि 2025 सीजन अपेक्षाकृत शांत रहा, जिसके बाद 2026 आईपीएल के लिए उन्हें रिलीज कर दिया गया और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 7 करोड़ रुपये में उन्हें अपने साथ जोड़ लिया। घरेलू सत्र 2025-26 में उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में मध्य प्रदेश की कप्तानी भी संभाली, जो उनके नेतृत्व कौशल को दर्शाता है। 2 जून 2024 को श्रुति रघुनाथन के साथ विवाह के बाद उनके व्यक्तिगत जीवन में भी स्थिरता आई।

वेंकटेश अय्यर का सफर इस बात का उदाहरण है कि प्रतिभा, मेहनत और सही मौके मिलने पर कोई भी खिलाड़ी शिखर तक पहुंच सकता है। घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल और फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक, उन्होंने हर मंच पर खुद को साबित किया है और आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के लिए एक अहम ऑलराउंड विकल्प बने रहेंगे।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story