कौन हैं Varun Chakravarthy? मिस्ट्री स्पिन से दुनिया पर छाने वाला भारत का तुरुप का इक्का
आर्किटेक्चर छोड़ क्रिकेट अपनाने वाले वरुण चक्रवर्ती ने टी20 विश्व कप 2026 और चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया।

कोलकाता नाइट राइडर्स के स्पिनर वरुण चक्रवर्ती आईपीएल मैच के दौरान विकेट लेने का जश्न मनाते हुए; उन्होंने 2026 टी20 विश्व कप में भारत की जीत में 14 विकेट लिए।
भारतीय क्रिकेट में हाल के वर्षों में यदि किसी गेंदबाज़ ने अपनी रहस्यमयी स्पिन से बल्लेबाज़ों के मन में डर पैदा किया है, तो वह नाम है वरुण चक्रवर्ती का। ICC Men's T20 World Cup 2026 में भारत की ऐतिहासिक जीत में उनकी अहम भूमिका ने उन्हें वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दिलाई, जहां उन्होंने 14 विकेट लेकर संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ों में जगह बनाई। इससे पहले 2025 के ICC Champions Trophy 2025 और Asia Cup 2025 में भी उनका प्रदर्शन भारत की जीत की कहानी का केंद्र बना रहा। दिसंबर 2025 में 818 अंकों के साथ टी20 अंतरराष्ट्रीय गेंदबाज़ों की रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचकर उन्होंने इतिहास रच दिया और भारत के सबसे उच्च रेटिंग वाले टी20 गेंदबाज़ बने।
लेकिन यह सफलता अचानक नहीं आई। कर्नाटक के बीदर में जन्मे और चेन्नई के अडयार में पले-बढ़े वरुण का क्रिकेट सफर पारंपरिक नहीं रहा। उन्होंने शुरुआती दिनों में विकेटकीपर-बल्लेबाज़ के रूप में खेलना शुरू किया, लेकिन पढ़ाई के लिए क्रिकेट छोड़ दिया और एसआरएम यूनिवर्सिटी से आर्किटेक्चर की डिग्री हासिल की। 25 साल की उम्र में उन्होंने एक स्थिर करियर को छोड़कर क्रिकेट को दोबारा अपनाने का जोखिम उठाया। एक तेज गेंदबाज़ के रूप में शुरुआत करने वाले वरुण को 2017 में घुटने की चोट लगी, जिसने उन्हें स्पिन गेंदबाज़ी की ओर मोड़ दिया, और यही फैसला उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
तमिलनाडु प्रीमियर लीग 2018 में मदुरै पैंथर्स को खिताब दिलाने में उनकी 9 विकेट और 4.70 की किफायती गेंदबाज़ी ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया। उसी साल विजय हजारे ट्रॉफी में तमिलनाडु के लिए 9 मैचों में 22 विकेट लेकर वह टीम के सबसे सफल गेंदबाज़ बने। आईपीएल 2019 में Punjab Kings के लिए डेब्यू भले ही 25 रन के महंगे ओवर के साथ हुआ, लेकिन 2020 में Kolkata Knight Riders के लिए खेलते हुए उन्होंने 5/20 के शानदार आंकड़े दर्ज किए और 17 विकेट लेकर खुद को साबित किया। इसके बाद 2023 और 2024 सीजन में क्रमशः 20 और 21 विकेट लेकर उन्होंने अपनी निरंतरता दिखाई।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। 2021 में श्रीलंका के खिलाफ टी20 डेब्यू करने के बाद उन्हें टी20 विश्व कप में मौका मिला, लेकिन वह तीन मैचों में एक भी विकेट नहीं ले सके। इसके बाद टीम से बाहर होना पड़ा, लेकिन 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ वापसी करते हुए उन्होंने 3 विकेट लेकर संकेत दिया कि वह बदले हुए खिलाड़ी हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 5/17 और इंग्लैंड के खिलाफ 5/24 जैसे प्रदर्शन ने उन्हें टी20 विशेषज्ञ के रूप में स्थापित कर दिया। इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों में 14 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द सीरीज बने और फिर 33 साल की उम्र में वनडे डेब्यू कर भारत के सबसे उम्रदराज डेब्यूटेंट्स में शामिल हुए।
2025 के चैंपियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड के खिलाफ 5/42 का प्रदर्शन उनके वनडे करियर का भी टर्निंग पॉइंट बना, जहां उन्होंने सिर्फ तीन मैचों में 9 विकेट लेकर भारत को खिताब जिताने में बड़ी भूमिका निभाई। इसके बाद एशिया कप और फिर 2026 टी20 विश्व कप में उनकी निरंतर सफलता ने उन्हें भारतीय स्पिन आक्रमण का अहम स्तंभ बना दिया। आईपीएल में भी कोलकाता द्वारा उन्हें 12 करोड़ रुपये में रिटेन किया जाना इस बात का प्रमाण है कि वह अब टीम के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।
वरुण चक्रवर्ती की कहानी सिर्फ एक क्रिकेटर की नहीं, बल्कि उस जुनून और धैर्य की है जो असफलताओं के बाद भी हार नहीं मानता। एक आर्किटेक्ट से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के शीर्ष गेंदबाज़ बनने तक का उनका सफर इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर लिया गया एक साहसिक निर्णय जिंदगी बदल सकता है। आज उनकी ‘मिस्ट्री स्पिन’ न सिर्फ बल्लेबाज़ों के लिए पहेली है, बल्कि भारतीय क्रिकेट की जीत का एक बड़ा हथियार भी बन चुकी है।

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