भारतीय क्रिकेट में तेज़ गेंदबाज़ी की नई लहर के बीच तुषार देशपांडे का नाम तेजी से उभरकर सामने आया है, जिन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में अपने प्रदर्शन से पहचान बनाई और फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर तय किया। 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज़ में भारत के लिए डेब्यू करने वाले इस राइट-आर्म मीडियम फास्ट गेंदबाज़ ने अपनी आक्रामक गेंदबाज़ी और लगातार सुधार की क्षमता से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। IPL में “इम्पैक्ट प्लेयर” के रूप में इतिहास रचने वाले देशपांडे आज भारतीय तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण का एक संभावित भविष्य माने जा रहे हैं।

मुंबई में 15 मई 1995 को जन्मे तुषार देशपांडे का क्रिकेट सफर घरेलू स्तर पर शानदार प्रदर्शन से शुरू हुआ। 2015-16 के कूच बिहार ट्रॉफी सीजन में उन्होंने मात्र चार मैचों में 21 विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का जोरदार परिचय दिया। इस प्रदर्शन के दम पर उन्हें उसी साल मुंबई की रणजी टीम में मौका मिला, जहां उन्होंने 19 सितंबर को तमिलनाडु के खिलाफ अपना प्रथम श्रेणी डेब्यू किया। घरेलू क्रिकेट में लगातार विकेट लेने की उनकी आदत ने उन्हें एक भरोसेमंद गेंदबाज़ के रूप में स्थापित कर दिया।

इसके बाद 2018 में विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में कदम रखा और बड़ौदा के खिलाफ क्वार्टरफाइनल में पांच विकेट लेकर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी इस निरंतरता ने उन्हें 2019 में दलीप ट्रॉफी के लिए इंडिया ‘बी’ टीम में जगह दिलाई, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। इस प्रदर्शन ने IPL फ्रेंचाइज़ियों का ध्यान भी उनकी ओर खींचा।

2020 के IPL ऑक्शन में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें उनके बेस प्राइस पर खरीदा, हालांकि छह मैचों में सिर्फ तीन विकेट के साथ उनका पहला सीजन ज्यादा प्रभावशाली नहीं रहा। लेकिन 2022 के मेगा ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन पर भरोसा जताया और 20 लाख रुपये में टीम में शामिल किया। शुरुआती सीमित मौके के बावजूद फ्रेंचाइज़ी ने उन्हें बनाए रखा और 2023 में देशपांडे ने 21 विकेट लेकर चेन्नई को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई, जिससे वे टीम के प्रमुख गेंदबाज़ों में शामिल हो गए।

2024 में उन्होंने अपनी शानदार फॉर्म को बरकरार रखते हुए एक और मजबूत IPL सीजन खेला, जिसके चलते उन्हें भारतीय टीम में मौका मिला। हालांकि इसी साल अक्टूबर में टखने की सर्जरी ने उनके करियर की रफ्तार को थोड़ा थाम दिया और वे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी से बाहर हो गए। इसके बावजूद उन्होंने वापसी की कोशिश जारी रखी और 2025 के IPL ऑक्शन में चेन्नई से रिलीज होने के बाद राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। घरेलू सीजन में मिश्रित प्रदर्शन और इंडिया ए के लिए इंग्लैंड ए के खिलाफ सीमित प्रभाव के बावजूद उन्होंने रणजी ट्रॉफी में मजबूत वापसी कर अपनी उपयोगिता साबित की।

तुषार देशपांडे का सफर संघर्ष, धैर्य और निरंतर सुधार की कहानी है, जहां शुरुआती असफलताओं के बाद उन्होंने खुद को एक प्रभावशाली गेंदबाज़ के रूप में स्थापित किया। IPL में सफलता, घरेलू क्रिकेट में निरंतरता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारों में शामिल कर दिया है, जिनसे भविष्य में बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं।

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Pratahkal Newsroom

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