भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों को ट्रिब्यूट; KSCA स्टेडियम में नए स्टैंड का ऐलान
कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ ने बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में राहुल द्रविड़, अनिल कुंबले और महिला क्रिकेट की अग्रणी शांता रंगास्वामी के नाम पर स्टैंड घोषित किए हैं। यह फैसला स्टेडियम के 50 वर्ष पूरे होने पर लिया गया, जो भारतीय क्रिकेट विरासत और महिला क्रिकेट सम्मान का महत्वपूर्ण प्रतीक है।

Karnataka cricket association news : भारतीय क्रिकेट इतिहास के तीन प्रतिष्ठित नामों को एक स्थायी सम्मान देते हुए कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने बेंगलुरु स्थित एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में स्टेडियम स्टैंड का नामकरण करने की घोषणा की है। भारत के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़, महान स्पिनर अनिल कुंबले और महिला क्रिकेट की अग्रणी शांता रंगास्वामी के नाम पर स्टैंड बनाए जाएंगे। यह निर्णय स्टेडियम के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित विशेष समारोह के दौरान घोषित किया गया।
यह घोषणा केवल नामकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्नाटक और भारतीय क्रिकेट की विरासत को सम्मानित करने का एक प्रतीकात्मक कदम भी माना जा रहा है। द्रविड़ और कुंबले दोनों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का गौरव बढ़ाया है, जबकि रंगास्वामी ने उस दौर में महिला क्रिकेट को पहचान दिलाई जब संसाधन और अवसर सीमित थे।
खिलाड़ियों का ऐतिहासिक योगदान :
अनिल कुंबले भारत के टेस्ट और वनडे इतिहास में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 619 और वनडे में 337 विकेट लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक विशिष्ट स्थान बनाया। वहीं राहुल द्रविड़ टेस्ट क्रिकेट में भारत के दूसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं, जिन्होंने 164 मैचों में 13,288 रन बनाए, जबकि 344 वनडे मैचों में उन्होंने 10,889 रन जोड़े।
महिला क्रिकेट में शांता रंगास्वामी का योगदान भी ऐतिहासिक माना जाता है। उन्होंने 1976 में भारतीय महिला टीम की कप्तानी करते हुए टेस्ट श्रृंखला जीत दिलाई और भारत की ओर से पहला महिला टेस्ट शतक भी बनाया। उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्राप्त करने वाली पहली महिला होने का गौरव भी प्राप्त है। यह भारत में केवल चौथा अवसर है जब किसी स्टेडियम के स्टैंड या गेट का नाम किसी महिला क्रिकेटर के नाम पर रखा गया है।
द्रविड़ की भावनात्मक प्रतिक्रिया :
समारोह के दौरान राहुल द्रविड़ ने चिन्नास्वामी स्टेडियम से अपने गहरे जुड़ाव को साझा करते हुए कहा कि यह स्थान उनके लिए दूसरे घर जैसा रहा है, जहां उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा बिताया। उन्होंने बताया कि बचपन में उनके पिता उन्हें यहां मैच दिखाने लाते थे और आज उनके नाम पर स्टैंड का नाम रखा जाना उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इस सम्मान को शांता रंगास्वामी जैसी महान खिलाड़ी के साथ साझा करना उनके लिए विशेष गर्व की बात है, जिनका महिला खेलों के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
महिला क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक महत्व :
रंगास्वामी के नाम पर स्टैंड का नामकरण महिला क्रिकेट के सम्मान और पहचान के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह निर्णय उस बदलते परिदृश्य को दर्शाता है, जिसमें महिला खिलाड़ियों को भी पुरुष खिलाड़ियों के समान सम्मान दिया जा रहा है।
भारतीय क्रिकेट विरासत को नई पहचान :
केएससीए का यह कदम केवल तीन खिलाड़ियों को सम्मान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने वाला संदेश भी है कि खेल में उत्कृष्टता और योगदान को हमेशा याद रखा जाता है। चिन्नास्वामी स्टेडियम में यह नामकरण भारतीय क्रिकेट इतिहास की विरासत को स्थायी रूप से संरक्षित करेगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
