ISL 2025-26 : इंडियन सुपर लीग (ISL) 2025-26 के सीजन का आगाज होने से पहले ही केरल ब्लास्टर्स के घरेलू मैदान पर एक ऐसा 'ऑफ-फील्ड' ड्रामा देखने को मिला, जिसने प्रशंसकों की धड़कनें तेज कर दी थीं। भारी अनिश्चितता और घंटों चले विवाद के बाद आखिरकार यह साफ हो गया है कि केरल ब्लास्टर्स और मुंबई सिटी एफसी के बीच होने वाला बहुप्रतीक्षित मुकाबला रविवार को कोच्चि के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में ही खेला जाएगा। हालांकि, इस सहमति से पहले की कहानी किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं थी, जिसमें वित्तीय विवाद और स्टेडियम प्रबंधन के कड़े रुख ने मैच रद्द होने का खतरा पैदा कर दिया था।

विवाद की जड़: किराये की रकम और अंतिम समय की मांग :

इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में स्टेडियम के मालिक, ग्रेटर कोचीन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GCDA) और केरल ब्लास्टर्स प्रबंधन के बीच चल रहा पैसों का विवाद रहा। दरअसल, ब्लास्टर्स ने इस सीजन में परिचालन लागत कम करने के लिए अपना बेस कोझिकोड के कॉर्पोरेशन स्टेडियम में स्थानांतरित करने पर विचार किया था। क्लब का तर्क था कि प्रायोजन आय में गिरावट के कारण वे प्रति मैच 8.4 लाख रुपये का भारी किराया वहन करने में असमर्थ हैं। इस स्थिति को देखते हुए, जीसीडीए ने पहले किराया कम कर 2 लाख रुपये प्रति मैच करने की पेशकश की थी, ताकि क्लब कोच्चि में बना रहे।

परंतु, जैसे ही शेड्यूल में बदलाव हुआ और मैच कोझिकोड से कोच्चि शिफ्ट किए गए, जीसीडीए ने अपनी शर्तों को बदलते हुए किराये की राशि को दोगुने से भी अधिक करने की मांग रख दी। इसके अलावा, फ्रेंचाइजी द्वारा जमा की जाने वाली सुरक्षा राशि (Security Deposit) को लेकर भी गहरा मतभेद पैदा हो गया।

मैदान के बाहर का तनाव: ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस और घेराबंदी

शनिवार की शाम को तनाव तब चरम पर पहुँच गया जब जीसीडीए ने क्लब को स्टेडियम के अंदर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। नतीजतन, क्लब को यह कार्यक्रम ऑनलाइन आयोजित करने पर मजबूर होना पड़ा। इतना ही नहीं, रिपोर्टों के अनुसार क्लब के अधिकारियों को कथित तौर पर स्टेडियम परिसर छोड़ने के लिए भी कह दिया गया था। घंटों तक चली बंद कमरों की चर्चा और फुटबॉल जगत के दबाव के बाद, देर रात यह निर्णय लिया गया कि रविवार का मैच पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होगा।

भविष्य पर सस्पेंस बरकरार :

हालांकि रविवार के मैच के लिए रास्ता साफ हो गया है, लेकिन कोच्चि में होने वाले केरल ब्लास्टर्स के आगामी मैचों को लेकर अभी भी संशय के बादल मंडरा रहे हैं। प्रबंधन और सरकारी निकाय के बीच का यह वित्तीय गतिरोध भारतीय फुटबॉल के बुनियादी ढांचे और क्लबों की आर्थिक स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

यह घटनाक्रम दर्शाता है कि कैसे प्रशासनिक और वित्तीय बाधाएं खेल की भावना पर हावी हो सकती हैं। कोच्चि के प्रशंसकों के लिए यह जीत तो है, लेकिन यह एक स्थायी समाधान है या केवल एक अस्थायी युद्धविराम, यह आने वाले मैचों के दौरान ही स्पष्ट होगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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