सूजी बेट्स: न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट की सबसे बड़ी रन मशीन और रिकॉर्ड मेकर
बास्केटबॉल से क्रिकेट तक का सफर तय करने वाली सूजी बेट्स टी20 में 3000 रन बनाने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनीं।

व्हाइट फर्न्स की पूर्व कप्तान सूजी बेट्स आईसीसी महिला वनडे और टी20 क्रिकेटर ऑफ द ईयर का खिताब जीतने वाली दुनिया की दिग्गज खिलाड़ी हैं।
न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट की जब भी सबसे प्रभावशाली बल्लेबाज़ों का ज़िक्र होता है, तो सुज़ैना विल्सन बेट्स का नाम सबसे आगे दिखाई देता है। दुनिया उन्हें सूजी बेट्स के नाम से जानती है, जिन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी, शांत नेतृत्व और लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर महिला क्रिकेट में एक अलग मुकाम बनाया। व्हाइट फर्न्स की पूर्व कप्तान रही बेट्स आज भी न्यूज़ीलैंड महिला टी20 टीम की सबसे बड़ी रन मशीन मानी जाती हैं। उन्होंने न सिर्फ टीम को कई ऐतिहासिक जीत दिलाईं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसे रिकॉर्ड कायम किए जिन्हें महिला क्रिकेट के इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा। आईसीसी ने उनके प्रभाव को स्वीकार करते हुए उन्हें 2013 में महिला वनडे क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना, जबकि 2016 में उन्होंने एक साथ आईसीसी महिला वनडे और टी20 क्रिकेटर ऑफ द ईयर पुरस्कार जीतकर दुनिया को अपनी महानता का एहसास कराया।
16 सितंबर 1987 को न्यूज़ीलैंड के डुनेडिन में जन्मी सूजी बेट्स का खेल सफर सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा। क्रिकेट मैदान पर छाने से पहले उन्होंने बास्केटबॉल में भी देश का प्रतिनिधित्व किया और 2008 बीजिंग ओलंपिक में न्यूज़ीलैंड महिला बास्केटबॉल टीम का हिस्सा बनीं। पेशेवर बास्केटबॉल में उन्होंने क्राइस्टचर्च सायरेंस, ओटागो गोल्ड रश और लोगन थंडर जैसी टीमों के लिए खेला। यही बहुमुखी प्रतिभा बाद में उनके क्रिकेट करियर की सबसे बड़ी ताकत बनी। तेज़ निर्णय क्षमता, फिटनेस और दबाव में प्रदर्शन करने की कला ने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग पहचान दिलाई। बाद के वर्षों में उन्होंने ओटागो नगेट्स टीम के साथ सहायक कोच की भूमिका निभाकर नेतृत्व क्षमता का भी परिचय दिया।
क्रिकेट में सूजी बेट्स का उदय बेहद तेज़ रहा। उन्होंने कम उम्र में ही यह साबित कर दिया था कि वह लंबी रेस की खिलाड़ी हैं। 2007 में भारत के खिलाफ चेन्नई में अपने पहले वनडे शतक 122 रन की पारी खेलकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर दस्तक दी। इसके बाद 2009 महिला विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ सिडनी में खेली गई 168 रन की विस्फोटक पारी ने उन्हें विश्व क्रिकेट में नई पहचान दिला दी। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का सर्वोच्च स्कोर भी बना। समय के साथ उनकी बल्लेबाज़ी और अधिक परिपक्व होती गई। 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक लगाकर उन्होंने डेबी हॉकले का रिकॉर्ड तोड़ा और न्यूज़ीलैंड की ओर से सबसे ज्यादा महिला वनडे शतक लगाने वाली बल्लेबाज़ बन गईं। 2022 महिला विश्व कप तक उनके नाम 12 वनडे शतक दर्ज हो चुके थे, जो न्यूज़ीलैंड की किसी भी महिला खिलाड़ी द्वारा सर्वाधिक थे। ऑस्ट्रेलिया की मेग लैनिंग के बाद वह महिला वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली बल्लेबाज़ों में शामिल रहीं।
सिर्फ वनडे ही नहीं, टी20 क्रिकेट में भी सूजी बेट्स ने इतिहास रचा। जून 2018 में इंग्लैंड में खेले गए ट्राई सीरीज़ मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने नाबाद 124 रन की पारी खेलते हुए अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया। उसी मैच में वह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज़ बन गईं और उन्होंने चार्लोट एडवर्ड्स का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इसके कुछ ही महीनों बाद आईसीसी महिला वर्ल्ड टी20 के दौरान उन्होंने इतिहास रचते हुए पुरुष और महिला क्रिकेट मिलाकर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 3000 रन पूरे करने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। उस टूर्नामेंट में भी वह न्यूज़ीलैंड की सबसे सफल बल्लेबाज़ रहीं। उनकी निरंतरता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने बल्लेबाज़ी के साथ गेंदबाज़ी में भी योगदान दिया और 2020 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना 50वां टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल किया।
सूजी बेट्स का करियर सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं बल्कि संघर्ष, धैर्य और नेतृत्व का भी उदाहरण रहा है। 2018 में उन्होंने न्यूज़ीलैंड टीम की कप्तानी छोड़ी, लेकिन इसके बाद भी उनके प्रदर्शन में कोई गिरावट नहीं आई। वह लगातार व्हाइट फर्न्स की रीढ़ बनी रहीं और 2022 महिला विश्व कप से लेकर 2024 महिला टी20 विश्व कप तथा भारत दौरे के लिए भी टीम में शामिल की गईं। घरेलू क्रिकेट में ओटागो स्पार्क्स के लिए उनका प्रभाव उतना ही मजबूत रहा, जिसके चलते उन्हें 2022 में सुपर स्मैश प्लेयर ऑफ द ईयर सम्मान भी मिला। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके योगदान को देखते हुए आईसीसी ने उन्हें दशक की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर पुरस्कारों के लिए नामांकित किया, जबकि विजडन ने 2015 में उन्हें दुनिया की लीडिंग महिला क्रिकेटर घोषित किया।
आज सूजी बेट्स महिला क्रिकेट की उस पीढ़ी का चेहरा बन चुकी हैं जिसने इस खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी बल्लेबाज़ी में आक्रामकता, कप्तानी में संयम और मैदान पर निरंतरता ने उन्हें न्यूज़ीलैंड महिला क्रिकेट की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल कर दिया। बास्केटबॉल कोर्ट से लेकर क्रिकेट के सबसे बड़े मंच तक का उनका सफर इस बात का प्रमाण है कि असाधारण प्रतिभा और अनुशासन किसी खिलाड़ी को विश्व क्रिकेट का अमर सितारा बना सकते हैं।

Pratahkal Bureau
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