ISSF World Cup : स्पेन के ग्रेनाडा में आयोजित इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (ISSF) वर्ल्ड कप में भारतीय निशानेबाजों का सफर उतार-चढ़ाव भरे रोमांच के साथ समाप्त हुआ। प्रतियोगिता के अंतिम दिन सबकी निगाहें उभरती हुई स्टार सोनम उत्तम मस्कर पर टिकी थीं, लेकिन महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के कड़े मुकाबले में वे पांचवें स्थान पर रहीं। इस परिणाम के साथ ही भारत ने इस वर्ल्ड कप राइफल/पिस्टल अभियान का समापन पदक तालिका में कुल एक गोल्ड मेडल के साथ किया।

सोनम मस्कर ने 24-शॉट के इस कड़े फाइनल में शुरुआती दौर से ही अपनी मानसिक दृढ़ता का परिचय दिया। उन्होंने प्रतियोगिता की शुरुआत 10.6 के स्कोर वाले एक दमदार शॉट के साथ की, हालांकि अगले ही पल 9.8 के शॉट ने उन पर दबाव बना दिया। फाइनल के दौरान सोनम ने तीन बार खुद को एलिमिनेशन की कगार से बाहर निकाला, जिसमें 14वें राउंड में लगाया गया 10.9 का 'परफेक्ट शॉट' उनके जुझारू प्रदर्शन का सबसे यादगार पल रहा। हालांकि, 18वें शॉट के बाद उनका कुल स्कोर 188.5 रहा, जो उन्हें शीर्ष तीन प्रतिद्वंद्वियों से 0.8 अंक पीछे ले गया और उन्हें पांचवें स्थान से संतोष करना पड़ा। इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल चीन की विश्व नंबर एक निशानेबाज वांग जिफेई (252.9 अंक) ने जीता, जबकि सिल्वर नॉर्वे की जेनेट हेग ड्यूस्टैड और ब्रॉन्ज चीन की हान जियायू के नाम रहा।

भारतीय दल के प्रदर्शन का विश्लेषण करें तो इस वर्ल्ड कप चरण में निम्नलिखित मुख्य बिंदु सामने आए :

  • स्वर्ण पदक : प्रतियोगिता के पहले दिन 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में मुकेश नेलावल्ली और पलक की जोड़ी ने भारत को एकमात्र गोल्ड मेडल दिलाया।
  • फाइनल में उपस्थिति : भारत के कुल सात निशानेबाजों ने विभिन्न श्रेणियों के फाइनल में जगह बनाई, जो भारतीय शूटिंग की गहराई को दर्शाता है।
  • पदक तालिका : भारत पदक तालिका में तीसरे स्थान पर रहा, जबकि चीन 8 स्वर्ण और कुल 13 पदकों के साथ शीर्ष पर काबिज रहा।
  • अन्य निशानेबाज : क्वालिफिकेशन राउंड में मेहुली घोष 44वें और श्रुति 63वें स्थान पर रहीं, जबकि पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3पी में नीरज कुमार (15वां) और अखिल श्योरान (22वां) फाइनल की रेस से बाहर रहे।

राष्ट्रीय चयन नीति के तहत भारत ने इस बार मुख्य रूप से घरेलू रैंकिंग में चौथे से छठे स्थान के निशानेबाजों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने के लिए मैदान में उतारा था। हालांकि अनुभवी चैन सिंह एलिमिनेशन राउंड से आगे नहीं बढ़ सके, लेकिन युवा निशानेबाजों के प्रदर्शन ने भविष्य के लिए उम्मीदें जगाई हैं। ग्रेनाडा में मिला यह अनुभव आगामी बड़े टूर्नामेंटों और ओलंपिक तैयारियों के लिहाज से भारतीय शूटिंग दल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।

Updated On
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story