भारतीय टेस्ट टीम के लिए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहला मुकाबला महज तीन दिनों में खत्म हो गया, लेकिन दूसरा टेस्ट शुरू होने से पहले ही कप्तान शुभमन गिल की गर्दन की चोट ने पूरे कैंप में सनसनी फैला दी है। गिल की अनुपस्थिति में टीम प्रबंधन ने तुरंत कदम उठाया और युवा ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी को भारत ए की सीरीज से रिलीज कर टेस्ट स्क्वॉड में वापस बुला लिया। 22 वर्षीय आंध्र प्रदेश के इस धुरंधर की वापसी न केवल निचले क्रम में बल्लेबाजी को मजबूती देगी, बल्कि गेंदबाजी में भी बहुमुखी विकल्प उपलब्ध कराएगी – और यह सब गुवाहाटी के ऐतिहासिक टेस्ट से ठीक पहले।


टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रेड्डी को मूल रूप से कोलकाता के ईडन गार्डन्स टेस्ट से पहले ही रिलीज किया गया था, ताकि वे राजकोट में भारत ए की ओर से दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ तीन मैचों की लिस्ट ए सीरीज खेल सकें। बीसीसीआई ने स्पष्ट किया था कि रेड्डी दूसरे टेस्ट के लिए स्वतः स्क्वॉड में लौटेंगे, लेकिन गिल की चोट ने इस योजना को तेज कर दिया। रेड्डी ने भारत ए के लिए खेले दो लिस्ट ए मैचों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया – पहले मैच में 37 रन की उपयोगी पारी खेली और 1/18 के आंकड़े से गेंदबाजी में भी छाप छोड़ी। हालांकि, दूसरे मैच में उन्हें बल्लेबाजी या गेंदबाजी का मौका नहीं मिला, क्योंकि भारत ए ने नौ विकेट से आसान जीत हासिल की। उनकी वापसी का मतलब है कि वे 19 नवंबर को राजकोट में होने वाले तीसरे और अंतिम भारत ए मैच को मिस कर देंगे।


रेड्डी 18 नवंबर को ईडन गार्डन्स में टीम के वैकल्पिक ट्रेनिंग सत्र में शामिल होंगे और 19 नवंबर को पूरे दस्ते के साथ गुवाहाटी के लिए रवाना हो जाएंगे। टीम प्रबंधन ने पिच की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पहले ही रेड्डी को रिलीज किया था, लेकिन अब गिल की अनिश्चितता ने उन्हें प्राथमिकता बना दिया। गिल को कोलकाता टेस्ट के दौरान गर्दन में स्पैजम हो गया था, जिसके कारण वे मैच से बाहर हो गए। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद भी उनकी स्थिति संदिग्ध बनी हुई है, और यदि वे फिट नहीं हुए तो ऋषभ पंत को कप्तान की जिम्मेदारी संभालनी पड़ सकती है।


भारतीय टीम की बल्लेबाजी में गहराई की कमी को पूरा करने के लिए रेड्डी का आना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। बेंच पर देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन जैसे विकल्प मौजूद हैं, लेकिन दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, जो दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों के खिलाफ संतुलन बिगाड़ सकते हैं। रेड्डी का दाएं हाथ का बल्ला निचले क्रम को मजबूत करेगा, साथ ही उनकी मध्यम गति की गेंदबाजी अतिरिक्त विकल्प देगी। पहला टेस्ट भारत के लिए 30 रनों से हार के साथ समाप्त हुआ, जहां चेज करते हुए टीम 124 रनों का लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। अब सभी की निगाहें 22 नवंबर से शुरू हो रहे गुवाहाटी टेस्ट पर हैं, जो सरसपारा क्रिकेट स्टेडियम में पहली बार टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा।


भारतीय टेस्ट टीम का वर्तमान स्क्वॉड इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर एवं उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, आकाश दीप, नितीश कुमार रेड्डी। बीसीसीआई ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिए हैं कि चोट प्रबंधन और टीम संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जाए, जो क्रिकेट के वैश्विक मानकों के अनुरूप है।


नितीश कुमार रेड्डी की यह अप्रत्याशित वापसी न केवल सीरीज को 1-1 से बराबर करने की भारत की उम्मीदों को मजबूत करेगी, बल्कि युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर मौका देने की नीति को भी रेखांकित करती है। गुवाहाटी का मैदान नया अध्याय लिखने को तैयार है, और यदि रेड्डी ने अपनी प्रतिभा का जादू बिखेरा, तो यह टेस्ट न केवल घरेलू दर्शकों के लिए यादगार बनेगा, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य को नई दिशा भी देगा।


Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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