शेफाली ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी और शानदार गेंदबाज़ी से यह साबित कर दिया कि अवसर मिलने पर वह किसी भी मंच पर चमक सकती हैं। फाइनल में शेफाली ने 78 गेंदों पर 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 87 रन की शानदार पारी खेली और भारत को मज़बूत शुरुआत दी। उन्होंने स्मृति मंधाना (45) के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 104 रन की साझेदारी की, जिसने भारत की जीत की नींव रखी।

2 नवंबर रविवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने नवी मुंबई के DY. Patil Stadium में खेले गए ICC महिला वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल मैच को जित कर इतिहास के पन्नो पर अपना नाम सुवर्णाक्षरों में दर्ज किया है। भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने अपना पहला आईसीसी खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। फाइनल में 87 रन की विस्फोटक पारी खेलने के साथ ही 2 विकेट लेने वाली शेफाली वर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। चलिए जानते है विस्तार से।


प्रतिका रावल के चोटिल होने के बाद जब सेमीफाइनल में शेफाली वर्मा को टीम में जगह मिली, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह युवा खिलाड़ी फाइनल मुकाबले की सबसे बड़ी स्टार बनेगी। लेकिन शेफाली ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी और शानदार गेंदबाज़ी से यह साबित कर दिया कि अवसर मिलने पर वह किसी भी मंच पर चमक सकती हैं। फाइनल में शेफाली ने 78 गेंदों पर 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 87 रन की शानदार पारी खेली और भारत को मज़बूत शुरुआत दी। उन्होंने स्मृति मंधाना (45) के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 104 रन की साझेदारी की, जिसने भारत की जीत की नींव रखी। बल्लेबाज़ी के साथ-साथ उन्होंने गेंद से भी कमाल दिखाते हुए 2 अहम विकेट झटके। इसी ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर शेफाली वर्मा को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।

पुरस्कार लेने के बाद शेफाली बहुत भावुक हुई थी। इस दौरान उसने कहा की, “मैंने शुरुआत में ही कहा था कि भगवान ने मुझे कुछ अच्छा करने के लिए भेजा है, आज वो बात सच साबित हुई। ये पल मेरे लिए अविस्मरणीय है। मुश्किलें थीं, लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था। अगर मैं शांत रहूं, तो मैं कुछ भी कर सकती हूं।”

उन्होंने आगे बताया कि टीम और कप्तान हरमनप्रीत कौर का सहयोग उनके आत्मविश्वास की बड़ी वजह रहा। “हरमन दीदी और टीम ने मुझसे कहा कि बस खुलकर खेलो। वही बात मेरे दिमाग में थी और मैंने भी वही किया”

शेफाली ने सचिन तेंदुलकर को अपने प्रेरणास्रोत बतया। उनका ज़िक्र करते हुए कहा कि उन्हें देखकर एक अलग ही ऊर्जा मिलती है। “सचिन सर से बात करने पर हमेशा आत्मविश्वास बढ़ता है। वो क्रिकेट के उस्ताद हैं और उनसे मिली इस प्रेरणा ने मुझे बड़ा बनने का हौसला दिया।”

भारत की जीत में दीप्ति शर्मा की भूमिका भी शानदार रही। उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज़’ चुना गया। दीप्ति ने पूरे टूर्नामेंट में 22 विकेट झटके और 215 रन भी बनाए, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल थे। फाइनल में उन्होंने 9.3 ओवर में 39 रन देकर 5 विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लौरा वूल्वार्ड्ट ने शतक (101 रन) जरूर जड़ा, लेकिन बाकी बल्लेबाज़ भारतीय गेंदबाज़ों के सामने टिक नहीं सके। पूरी टीम 45.3 ओवर में 246 रन पर सिमट गई और भारत ने मुकाबला 52 रन से जीतकर विश्व कप अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत की महिला टीम ने इतिहास रच दिया और शेफाली वर्मा उस इतिहास की सबसे चमकदार नायिका बनकर उभरीं वो नायिका जिसने दिखाया कि सपने देखने वाले कभी छोटे नहीं होते, बस उन्हें सच करने का हौसला चाहिए।

Updated On 3 Nov 2025 7:01 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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