भारतीय क्रिकेट में जब भी किसी ऐसे खिलाड़ी की बात होती है जो दबाव के क्षणों में मैच का रुख पलट दे, तो शार्दुल ठाकुर का नाम प्रमुखता से सामने आता है। दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर ने अपनी उपयोगिता केवल गेंद से ही नहीं, बल्कि निचले क्रम में आक्रामक बल्लेबाजी से भी साबित की है। 2018 और 2023 एशिया कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे ठाकुर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार यह दिखाया है कि वे केवल एक गेंदबाज नहीं, बल्कि टीम के लिए ‘क्राइसिस मैनेजर’ हैं।

हालांकि उनका सफर इतना आसान नहीं रहा। अपेक्षाकृत कम कद और शुरुआती दौर में फिटनेस को लेकर आलोचनाओं के कारण उन्हें लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया। 2012-13 रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए डेब्यू करते हुए उन्होंने पहले चार मैचों में केवल चार विकेट लिए और उनका औसत 82.0 रहा, जो किसी भी उभरते गेंदबाज के लिए निराशाजनक शुरुआत थी। लेकिन अगले ही सीजन में उन्होंने 6 मैचों में 27 विकेट लेकर वापसी की और 2014-15 में 10 मुकाबलों में 48 विकेट झटकते हुए खुद को घरेलू क्रिकेट का प्रमुख गेंदबाज बना लिया। 2015-16 रणजी ट्रॉफी फाइनल में सौराष्ट्र के खिलाफ 8 विकेट लेकर उन्होंने मुंबई को 41वां खिताब दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई।

घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन ने 2017 में उन्हें भारतीय टीम तक पहुंचाया, जहां उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ वनडे डेब्यू किया। इसके बाद टी20 और टेस्ट टीम में भी जगह बनाई। हालांकि टेस्ट डेब्यू 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ चोट के कारण अधूरा रह गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे में ब्रिस्बेन के ऐतिहासिक गाबा टेस्ट में 67 रनों की पारी और कुल 7 विकेट लेकर उन्होंने भारत की ऐतिहासिक जीत में अहम योगदान दिया और खुद को बड़े मैच का खिलाड़ी साबित किया।

इंग्लैंड दौरे 2021 में द ओवल टेस्ट में ठाकुर ने केवल 36 गेंदों में 57 रन ठोककर इंग्लैंड में टेस्ट इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक जड़ा और दूसरी पारी में 60 रन बनाकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उसी मैच में उन्होंने जो रूट और रॉरी बर्न्स जैसे बल्लेबाजों के विकेट लेकर जीत की नींव रखी। 2022 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग टेस्ट में 7/61 के आंकड़े के साथ उन्होंने भारतीय गेंदबाज द्वारा उस देश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।

आईपीएल में भी ठाकुर का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा। 2015 में पंजाब से शुरुआत करने के बाद उन्होंने पुणे और चेन्नई के लिए खेलते हुए 2021 सीजन में 21 विकेट लेकर टीम के सबसे सफल गेंदबाज बने। 2022 में 10.75 करोड़ रुपये में खरीदे जाने के बाद कोलकाता पहुंचे, लेकिन 2025 मेगा ऑक्शन में अनसोल्ड रहना उनके करियर का कठिन दौर साबित हुआ। इसके बावजूद लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया, जहां उन्होंने फिर अपनी उपयोगिता साबित की और 2026 सीजन से मुंबई इंडियंस के साथ नई शुरुआत की।

व्यक्तिगत जीवन में 2023 में मिताली परुलकर से विवाह करने वाले ठाकुर ने मैदान और मैदान के बाहर दोनों जगह संतुलन बनाए रखा है। एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में, जो हर बार मौके पर खरा उतरता है, शार्दुल ठाकुर ने यह साबित किया है कि निरंतर संघर्ष, आत्मविश्वास और बहुआयामी कौशल ही किसी खिलाड़ी को स्टार बनाते हैं। उनकी कहानी केवल आंकड़ों की नहीं, बल्कि जिद और जज्बे की कहानी है, जिसने उन्हें भारतीय क्रिकेट का भरोसेमंद ऑलराउंडर बना दिया।

Pratahkal Newsroom

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