दक्षिण अफ्रीका की पूर्व तेज गेंदबाज Shabnim Ismail आज महिला क्रिकेट इतिहास की सबसे खतरनाक और तेज गेंदबाजों में गिनी जाती हैं। मैदान पर उनकी रफ्तार, आक्रामकता और लगातार विकेट लेने की क्षमता ने उन्हें विश्व क्रिकेट में अलग पहचान दिलाई। वर्ष 2024 में महिला प्रीमियर लीग के दौरान 132.1 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंककर उन्होंने महिला क्रिकेट की सबसे तेज गेंद डालने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया। दक्षिण अफ्रीका के लिए वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बनीं शबनिम इस्माइल ने लगभग डेढ़ दशक तक अपनी टीम के गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ बनकर काम किया। उन्होंने 2009 से लेकर 2023 तक खेले गए लगभग हर आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में हिस्सा लिया और अपनी तेज गेंदबाजी से विरोधी बल्लेबाजों के लिए लगातार मुश्किलें खड़ी कीं।

केपटाउन के क्रेवेनबी इलाके में जन्मी शबनिम इस्माइल का बचपन संघर्षों और खेल के जुनून के बीच बीता। भारतीय मूल के परिवार से आने वाली शबनिम सात भाई-बहनों में सबसे छोटी थीं। उनके मोहल्ले की गलियों में क्रिकेट और फुटबॉल खेलना रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था। वहीं उन्होंने अपने बड़े भाइयों और स्थानीय खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए अपनी प्रतिभा को निखारा। स्कूल में लड़कियों के लिए क्रिकेट की व्यवस्था नहीं थी, इसलिए उन्होंने लड़कों के साथ फुटबॉल खेला और बाद में लड़कों की क्रिकेट टीम में भी जगह बनाई। यही अनुभव उनके भीतर मजबूती और प्रतिस्पर्धा की भावना लेकर आया। एक स्थानीय महिला कोच की नजर जब उन पर पड़ी तो उन्हें प्रिमरोज क्रिकेट क्लब से जोड़ दिया गया। शुरुआत में शबनिम बल्लेबाजी करना चाहती थीं, लेकिन एक कोच की सलाह ने उनकी जिंदगी बदल दी और उन्होंने तेज गेंदबाजी को अपना हथियार बना लिया। बाउंसर फेंकने की आदत के कारण उन्हें “द डेमन” कहा जाने लगा।

महज 18 साल की उम्र में जनवरी 2007 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाली शबनिम इस्माइल ने जल्द ही खुद को दक्षिण अफ्रीका की मुख्य तेज गेंदबाज के रूप में स्थापित कर लिया। शुरुआती दिनों में वह सेकेंड-चेंज गेंदबाज थीं, लेकिन समय के साथ नई गेंद संभालने लगीं। उनकी और Marizanne Kapp की जोड़ी महिला क्रिकेट की सबसे घातक तेज गेंदबाजी जोड़ियों में गिनी जाने लगी। 2011 विश्व कप क्वालीफायर में नीदरलैंड्स के खिलाफ 6 विकेट पर सिर्फ 10 रन देकर उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लिए नया रिकॉर्ड कायम किया। 2013 महिला विश्व कप में उन्होंने सात मैचों में 11 विकेट लेकर अपनी टीम को मजबूती दी। इसके बाद 2014 महिला टी20 विश्व कप में आयरलैंड के खिलाफ 3 रन देकर 5 विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका को पहली बार सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

शबनिम इस्माइल की सबसे बड़ी ताकत उनकी निरंतरता रही। जनवरी 2021 में वह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट लेने वाली दक्षिण अफ्रीका की पहली गेंदबाज बनीं। पाकिस्तान के खिलाफ उसी श्रृंखला में 5 विकेट पर 12 रन का उनका प्रदर्शन आज भी उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी में गिना जाता है। मार्च 2021 में उन्होंने महिला वनडे क्रिकेट में 150 विकेट पूरे कर इतिहास रच दिया। पोटचेफस्ट्रूम के सेनवेस पार्क मैदान पर 24 विकेट लेने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है, जो महिला वनडे इतिहास में किसी एक मैदान पर सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड माना जाता है। उनकी गेंदबाजी में केवल रफ्तार ही नहीं, बल्कि सटीक लाइन-लेंथ और आक्रामक मानसिकता भी दिखाई देती थी। दक्षिण अफ्रीका के लिए खेलते हुए उन्होंने कई बार अकेले दम पर मैच का रुख बदल दिया।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी शबनिम इस्माइल का प्रभाव बेहद बड़ा रहा। ऑस्ट्रेलिया की महिला बिग बैश लीग में Sydney Thunder के लिए खेलते हुए उन्होंने टीम को खिताब जिताने में निर्णायक भूमिका निभाई। WBBL फाइनल में मेलबर्न स्टार्स के खिलाफ 2 विकेट पर 12 रन का घातक स्पेल डालकर वह प्लेयर ऑफ द फाइनल बनीं और यह सम्मान जीतने वाली पहली दक्षिण अफ्रीकी महिला खिलाड़ी बनीं। इंग्लैंड की द हंड्रेड प्रतियोगिता और अन्य वैश्विक लीगों में भी उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी का जलवा दिखाया। 2023 महिला टी20 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका को फाइनल तक पहुंचाने के बाद 3 मई 2023 को उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी, लेकिन उनका प्रभाव आज भी महिला क्रिकेट में कायम है।

शबनिम इस्माइल का जीवन केवल क्रिकेट उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कठिन परिस्थितियों, आर्थिक संघर्ष और निजी चुनौतियों का सामना करते हुए खुद को विश्व क्रिकेट के शीर्ष पर पहुंचाया। दक्षिण अफ्रीका के लिए खेलने वाली पहली मुस्लिम महिला क्रिकेटर होने के नाते उन्होंने नई पीढ़ी की खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का रास्ता खोला। क्रिकेट साउथ अफ्रीका द्वारा उन्हें वर्ष 2015 में विमेंस क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया, जबकि 2021 में आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ का सम्मान भी मिला। उनकी कहानी यह साबित करती है कि जुनून, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी खिलाड़ी दुनिया के सबसे बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकता है।

Pratahkal Bureau

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