Safe House Location Leak : ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर शरण की आस लगाए बैठी ईरान की महिला फुटबॉल खिलाड़ियों के साथ एक ऐसा नाटकीय घटनाक्रम घटा है, जिसने उनकी सुरक्षा और भविष्य पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। अपने देश में 'गद्दार' करार दी गई इन महिला खिलाड़ियों को उस समय अपने 'सेफ हाउस' (सुरक्षित ठिकाने) से आनन-फानन में भागना पड़ा, जब उनकी अपनी ही एक साथी सदस्य ने विश्वासघात करते हुए उनकी गुप्त लोकेशन की जानकारी ईरानी दूतावास को दे दी। इस खुलासे के बाद ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में एक गुप्त ऑपरेशन के जरिए खिलाड़ियों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया।

राष्ट्रीय गान का विरोध और 'गद्दार' का ठप्पा :

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ईरान की महिला फुटबॉल टीम के सात सदस्यों ने एक मैच के दौरान अपने देश का राष्ट्रीय गान गाने से इनकार कर दिया था। इस साहसी विरोध के बाद उन्हें ईरान में भारी विरोध और धमकियों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उन्होंने ऑस्ट्रेलिया पहुँचते ही शरण की मांग की थी। इन खिलाड़ियों के लिए जीवन और मृत्यु का प्रश्न बन चुका यह मामला तब और उलझ गया जब टीम के ही भीतर वैचारिक मतभेद उभरने लगे।

गृह मंत्री का खुलासा: कैसे लीक हुई लोकेशन?

ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने इस संवेदनशील मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि खिलाड़ियों को पूरी सुरक्षा के साथ एक गोपनीय घर में रखा गया था। हालांकि, सुरक्षा घेरे में सेंध बाहर से नहीं बल्कि भीतर से लगी। टीम की एक महिला सदस्य ने अचानक अपना मन बदल लिया और वापस ईरान लौटने का फैसला किया। ईरान लौटने के अपने इरादे के साथ ही उसने उन अन्य सदस्यों से संपर्क साधा जो पहले ही स्वदेश लौटने का मन बना चुकी थीं। इसी प्रक्रिया में उसने उस सुरक्षित ठिकाने की जानकारी ईरानी दूतावास को साझा कर दी। टोनी बर्क ने स्पष्ट किया कि जैसे ही सरकार को इस सूचना लीक होने का पता चला, उन्होंने तुरंत खिलाड़ियों को वहाँ से रेस्क्यू करने का आदेश दिया।

प्रशासनिक चिंताएँ और वर्तमान स्थिति :

रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों को न केवल बाहरी तत्वों से, बल्कि टीम के साथ यात्रा कर रहे कुछ पुरुष अधिकारियों से भी खतरा महसूस हो रहा था। ऐसी आशंका थी कि ये अधिकारी खिलाड़ियों को शरण लेने से रोकने के लिए उन पर मानसिक या शारीरिक दबाव बना सकते हैं। वर्तमान में स्थिति इस प्रकार है:

  • खिलाड़ियों की सुरक्षा: शरण मांगने वाली शेष खिलाड़ियों को अब एक नए और अत्यधिक सुरक्षित अज्ञात स्थान पर रखा गया है।
  • स्वदेश वापसी: जिस खिलाड़ी ने अपना फैसला बदला है, उसके बारे में स्पष्ट किया गया है कि यह उसका व्यक्तिगत निर्णय था और उस पर कोई बाहरी दबाव नहीं था।
  • एशियाई फुटबॉल परिसंघ (AFC) की भूमिका: एएफसी ने जानकारी दी है कि ईरान की शेष टीम फिलहाल मलेशिया के कुआलालंपुर में एक होटल में रुकी हुई है और सुरक्षित घर लौटने का इंतजार कर रही है।
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story