भारतीय क्रिकेट के उभरते परिदृश्य में साकिब हुसैन का नाम तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है, खासकर इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में उनके धमाकेदार डेब्यू के बाद। सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए इस युवा तेज गेंदबाज ने अपने पहले ही मुकाबले में 4 विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया, जिसमें उन्होंने यशस्वी जायसवाल जैसे खतरनाक बल्लेबाज को शुरुआती ओवर में आउट कर अपनी काबिलियत का परिचय दिया। उनकी रफ्तार, उछाल निकालने की क्षमता और दबाव में सटीक गेंदबाजी ने उन्हें तुरंत चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया।

लेकिन इस चमकदार शुरुआत के पीछे एक लंबा संघर्ष छिपा है, जिसकी जड़ें गोपालगंज की सादगी और कठिनाइयों में मिलती हैं। 14 दिसंबर 2004 को जन्मे साकिब का बचपन आर्थिक तंगी में बीता, जहां उनके पिता अली अहमद हुसैन एक मजदूर के रूप में परिवार का पालन-पोषण करते थे। शुरुआती दिनों में साकिब का सपना भारतीय सेना में शामिल होकर देश सेवा करना था, लेकिन गांव की गलियों में टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलते-खेलते उनका झुकाव खेल की ओर बढ़ता गया। संसाधनों की कमी के बावजूद उनकी मां ने अपने गहने बेचकर उनके क्रिकेट किट और सफर का खर्च उठाया, जो इस कहानी को और भी भावुक बना देता है।

स्थानीय मैदानों से निकलकर साकिब ने कोलकाता का रुख किया, जहां उनकी तेज गेंदबाजी ने टैलेंट स्काउट्स का ध्यान खींचा। 2021 में बिहार क्रिकेट लीग में गया ग्लैडिएटर्स के लिए खेलते हुए उन्होंने पहली बार प्रतिस्पर्धी स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इसके बाद अंडर-19 टूर्नामेंट और बीसीसीआई हाई-परफॉर्मेंस कैंप में चयन ने यह साबित कर दिया कि उनका हुनर अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाने लगा है। 2022 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बिहार के लिए डेब्यू करते हुए उन्होंने अपने दूसरे ही मैच में 4 विकेट लेकर चयनकर्ताओं को प्रभावित किया।

साकिब का फर्स्ट क्लास करियर भी उतना ही प्रभावशाली रहा। 2024 में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू के बाद उन्होंने 2025-26 सीजन में रणजी ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 10 विकेट लेकर सनसनी फैला दी, जिसमें पहली पारी में 6/51 का शानदार स्पेल शामिल था। उसी सीजन में विजय हजारे ट्रॉफी में वह बिहार के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने और टीम को प्लेट ग्रुप फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

आईपीएल में उनकी यात्रा भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें 20 लाख रुपये में खरीदा, हालांकि उस सीजन में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन टीम के साथ रहते हुए उन्होंने चैंपियन बनने का अनुभव हासिल किया। इसके बाद 2025 की नीलामी में अनसोल्ड रहना उनके लिए बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने खेल पर काम जारी रखा। आखिरकार 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें 30 लाख रुपये में खरीदा और उन्होंने मौके को भुनाते हुए अपने पहले ही मैच में 4/24 का मैच विनिंग प्रदर्शन देकर खुद को साबित कर दिया।

आज साकिब हुसैन सिर्फ एक युवा तेज गेंदबाज नहीं, बल्कि संघर्ष, धैर्य और जुनून का प्रतीक बन चुके हैं। बिहार की गलियों से निकलकर आईपीएल के बड़े मंच तक पहुंचने की उनकी कहानी यह दर्शाती है कि प्रतिभा अगर मेहनत के साथ जुड़ जाए तो सीमाएं टूट जाती हैं। उनका सफर अभी शुरू हुआ है, लेकिन जिस अंदाज में उन्होंने शुरुआत की है, वह संकेत देता है कि भारतीय क्रिकेट को एक और खतरनाक तेज गेंदबाज मिल चुका है।

Pratahkal Newsroom

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