भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों में जिस बाएं हाथ के स्पिनर ने अपनी कसी हुई गेंदबाजी और लगातार प्रदर्शन से पहचान बनाई है, वह नाम है साई किशोर। सीमित अवसरों के बावजूद उन्होंने जिस तरह हर मंच पर अपनी उपयोगिता साबित की, उसने उन्हें आईपीएल से लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचाया। 2023 एशियन गेम्स में भारत के लिए टी20 डेब्यू करते हुए उन्होंने न सिर्फ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि नेपाल के खिलाफ 1/25 और सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ 3/12 जैसी प्रभावशाली गेंदबाजी कर टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई, जिससे उनका कद तेजी से बढ़ा।

6 नवंबर 1996 को जन्मे रविश्रीनिवासन साई किशोर का क्रिकेट सफर किसी तेज उछाल का परिणाम नहीं रहा, बल्कि यह लगातार मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास की कहानी है। तमिलनाडु के लिए खेलते हुए उन्होंने 2017 में विजय हजारे ट्रॉफी से लिस्ट-ए क्रिकेट में कदम रखा, जहां उन्होंने अपने शुरुआती मुकाबले में ही विकेट लेकर संकेत दे दिया था कि वह लंबे रेस के घोड़े हैं। इसी साल रणजी ट्रॉफी में प्रथम श्रेणी क्रिकेट और 2018 में टी20 क्रिकेट में डेब्यू के साथ उन्होंने अपने करियर की नींव मजबूत कर ली।

घरेलू क्रिकेट में उनका असली उभार 2018-19 रणजी ट्रॉफी में देखने को मिला, जब उन्होंने महज छह मैचों में 22 विकेट लेकर तमिलनाडु के सबसे सफल गेंदबाज बनने का गौरव हासिल किया। इसके बाद 2019-20 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 12 मैचों में 20 विकेट लेकर वह टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाज बने, जहां उनका इकोनॉमी रेट 4.63 रहा। यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि साई किशोर सिर्फ विकेट लेने वाले गेंदबाज ही नहीं, बल्कि रन रोकने की कला में भी माहिर हैं।

उनके इसी निरंतर प्रदर्शन ने आईपीएल का दरवाजा खोला, जहां 2020 में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 20 लाख रुपये के बेस प्राइस पर खरीदा। हालांकि शुरुआती सीजन में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2022 में गुजरात टाइटंस ने उन पर 3 करोड़ रुपये का बड़ा दांव लगाया और यहीं से उनके करियर ने नई दिशा पकड़ी। टीम के भरोसे पर खरा उतरते हुए उन्होंने 2025 सीजन में 15 मैचों में 19 विकेट लेकर खुद को एक भरोसेमंद स्पिनर के रूप में स्थापित किया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनका सफर धीरे-धीरे आगे बढ़ा। 2021 में श्रीलंका दौरे पर नेट बॉलर के रूप में शामिल होने के बाद उन्हें मुख्य टीम में जगह मिली, जिसने उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी। 2022 में वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के लिए स्टैंडबाय खिलाड़ी के रूप में चुना जाना और फिर एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता टीम का हिस्सा बनना उनके करियर के अहम पड़ाव साबित हुए। इसके अलावा तमिलनाडु प्रीमियर लीग में आईड्रीम तिरुप्पुर तमिझांस को खिताब दिलाने में उनकी कप्तानी और ऑलराउंड प्रदर्शन ने उन्हें एक संपूर्ण खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया।

साई किशोर का सफर यहीं नहीं रुका, बल्कि उन्होंने इंग्लैंड में काउंटी चैंपियनशिप में सरे के लिए खेलते हुए अपनी रेड-बॉल क्षमता भी साबित की। घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल और फिर अंतरराष्ट्रीय मंच तक, उन्होंने हर स्तर पर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। यही कारण है कि गुजरात टाइटंस ने 2026 सीजन के लिए भी उन पर भरोसा कायम रखा है। उनका करियर इस बात का उदाहरण है कि निरंतरता और अनुशासन के दम पर कोई भी खिलाड़ी क्रिकेट की ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story