कौन हैं रियान पराग? रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन से भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सुपरस्टार
असम के ऑलराउंडर रियान पराग का घरेलू क्रिकेट में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन, आईपीएल में कप्तानी और भारतीय टीम में उनके बढ़ते प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण।

आईपीएल मैच के दौरान बल्लेबाजी करते रियान पराग; 2024 सीजन में नंबर चार पर सर्वाधिक रन बनाने और 2026 में राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी मिलने के बाद वे प्रमुख खिलाड़ी बने।
भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों में जिस युवा खिलाड़ी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी, उपयोगी गेंदबाजी और आत्मविश्वास से सबसे अधिक सुर्खियां बटोरी हैं, वह नाम है रियान पराग। आईपीएल में लगातार शानदार प्रदर्शन, रिकॉर्ड तोड़ पारियां और अब राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी तक का सफर इस बात का प्रमाण है कि वह सिर्फ एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी नहीं, बल्कि भविष्य के बड़े सितारे के रूप में खुद को स्थापित कर चुके हैं। 2025 और 2026 के आईपीएल सीजन में उनकी निरंतरता और आक्रामक अंदाज ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित ऑलराउंडर्स में शामिल कर दिया है।
10 नवंबर 2001 को गुवाहाटी में जन्मे रियान पराग का क्रिकेट से जुड़ाव किसी संयोग का परिणाम नहीं था, बल्कि यह उनके पारिवारिक परिवेश का हिस्सा था। उनके पिता पराग दास एक पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर रहे हैं, जबकि उनकी मां मिथू बरुआह अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैराक रह चुकी हैं। खेलों से जुड़े इस माहौल ने बचपन से ही रियान को अनुशासन और प्रतिस्पर्धा की भावना सिखाई। यही कारण रहा कि उन्होंने कम उम्र में ही क्रिकेट को गंभीरता से अपनाया और तेजी से जूनियर स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
रियान का पेशेवर क्रिकेट करियर 2017 में शुरू हुआ, जब उन्होंने असम के लिए तीनों प्रारूपों में पदार्पण किया। इसी वर्ष वह 21वीं सदी में जन्मे भारत के पहले प्रथम श्रेणी क्रिकेटर बने। जल्द ही उनकी प्रतिभा ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और वह 2018 अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा बने। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिसमें 2022-23 विजय हजारे ट्रॉफी में 552 रन बनाकर असम के शीर्ष स्कोरर बनना और 174 रनों की तूफानी पारी खेलना उनके करियर का अहम मोड़ साबित हुआ।
इसके बाद 2023 देवधर ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनका बल्ला जमकर बोला। देवधर ट्रॉफी में 354 रन और 11 विकेट के साथ प्लेयर ऑफ द सीरीज बनना, वहीं सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 510 रन और लगातार सात अर्धशतक जड़ना, उनकी असाधारण निरंतरता को दर्शाता है। इस दौरान उन्होंने 182.79 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए और 40 छक्के लगाकर अपनी आक्रामक शैली का परिचय दिया। गेंदबाजी में भी उन्होंने 11 विकेट लेकर खुद को एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया।
आईपीएल में रियान पराग का सफर 2019 में शुरू हुआ, जब वह मात्र 17 साल की उम्र में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी बने। शुरुआती वर्षों में वह अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके, लेकिन 2024 सीजन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस सीजन में उन्होंने 573 रन बनाए, 33 छक्के लगाए और नंबर चार पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इसके बाद 2025 में 393 रन और कोलकाता के खिलाफ 45 गेंदों में 95 रन की पारी, जिसमें लगातार छह छक्के शामिल थे, ने उन्हें इतिहास के पन्नों में दर्ज कर दिया।
उनकी इसी शानदार फॉर्म का परिणाम रहा कि 2024 में उन्हें भारत की टी20 और वनडे टीम में पदार्पण का मौका मिला। टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने 3 विकेट देकर 5 रन की घातक गेंदबाजी की, वहीं वनडे डेब्यू में भी तीन विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की। 2026 में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें कप्तानी सौंपकर उनके नेतृत्व कौशल पर भी भरोसा जताया। घरेलू क्रिकेट में भी उन्होंने रणजी ट्रॉफी में शतक और पांच विकेट लेकर अपनी ऑलराउंड क्षमता को और मजबूत किया।
रियान पराग की कहानी सिर्फ एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी की नहीं, बल्कि धैर्य, निरंतरता और आत्मविश्वास की कहानी है। संघर्ष के शुरुआती वर्षों से लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल में स्टार बनने तक का उनका सफर यह दिखाता है कि सही दिशा और मेहनत के साथ कोई भी खिलाड़ी शिखर तक पहुंच सकता है। आज वह न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।

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