कौन हैं Rinku Singh? आखिरी ओवर का तूफान बनकर उभरा भारतीय क्रिकेट का नया फिनिशर
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से निकले रिंकू सिंह ने आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से फिनिशर के रूप में विशेष पहचान बनाई है।

कोलकाता नाइट राइडर्स के बल्लेबाज रिंकू सिंह इंडियन प्रीमियर लीग के एक मैच के दौरान मैदान पर बल्लेबाजी के लिए तैयार होते हुए।
भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों में अगर किसी खिलाड़ी ने अपने साहस, संयम और विस्फोटक बल्लेबाजी से सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, तो वह नाम रिंकू सिंह का है। बाएं हाथ के इस मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज ने न सिर्फ इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी पहचान बनाई, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी खुद को एक भरोसेमंद फिनिशर के रूप में स्थापित किया। 2026 टी20 वर्ल्ड कप, 2025 एशिया कप और 2022 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा बनकर रिंकू ने यह साबित किया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं, जो दबाव में भी मैच का रुख पलटने की क्षमता रखते हैं।
रिंकू सिंह की यह चमकदार कहानी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ की तंग गलियों से शुरू होती है, जहां 12 अक्टूबर 1997 को जन्मे इस खिलाड़ी ने बेहद साधारण परिस्थितियों में अपना बचपन बिताया। गैस सिलेंडर वितरण कंपनी में काम करने वाले पिता के सहारे पांच भाई-बहनों के बीच पले-बढ़े रिंकू के लिए क्रिकेट केवल एक सपना था, जिसे उन्होंने अपने अथक परिश्रम से हकीकत में बदला। घरेलू क्रिकेट में अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 स्तर पर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और 2014 में लिस्ट ए डेब्यू में ही 83 रन की पारी खेलकर अपनी क्षमता का संकेत दे दिया।
रणजी ट्रॉफी 2018-19 रिंकू सिंह के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जब उन्होंने 10 मैचों में 953 रन बनाकर खुद को एक बड़े बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया। उनका प्रथम श्रेणी औसत 54.68 तक पहुंचा, जो उनकी निरंतरता और तकनीकी मजबूती का प्रमाण है। इसके बाद आईपीएल में उनकी एंट्री हुई, जहां शुरुआती संघर्षों के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ उनका करियर नई ऊंचाइयों तक पहुंचा। 2023 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ आखिरी ओवर में लगातार पांच छक्के लगाकर मैच जिताने वाली ऐतिहासिक पारी ने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया। उस सीजन में उन्होंने 474 रन बनाकर अपनी फिनिशिंग क्षमता को साबित किया।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अगस्त 2023 में आयरलैंड के खिलाफ टी20 डेब्यू करने वाले रिंकू सिंह ने धीरे-धीरे खुद को भारतीय टीम में स्थापित किया। 30 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 507 रन बनाते हुए उन्होंने 46.09 की शानदार औसत और 170 से अधिक के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की, जो उन्हें एक खतरनाक फिनिशर बनाता है। 2024 में अफगानिस्तान के खिलाफ Rohit Sharma के साथ 190 रनों की साझेदारी ने भारत के लिए टी20 में नया रिकॉर्ड बनाया। वहीं, 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में 175 के स्ट्राइक रेट से 105 रन बनाकर उन्होंने अपनी आक्रामक शैली का प्रदर्शन किया।
रिंकू का करियर केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संघर्ष, वापसी और मानसिक मजबूती की कहानी भी छिपी है। आईपीएल में सस्पेंशन, चोट और टीम से बाहर होने जैसे झटकों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। 2025 एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ जीत दिलाने में उनकी भूमिका और 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 20 गेंदों में नाबाद 44 रन की पारी उनके आत्मविश्वास और मैच फिनिश करने की क्षमता को दर्शाती है। हालांकि 2026 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान निजी दुख और सीमित अवसरों ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया, फिर भी टीम की खिताबी जीत में उनकी उपस्थिति महत्वपूर्ण रही।
आज रिंकू सिंह भारतीय क्रिकेट के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं, जो निचले क्रम में आकर भी मैच का परिणाम बदल सकते हैं। घरेलू क्रिकेट में विजय हजारे ट्रॉफी में 8 मैचों में 421 रन और रणजी में 176 जैसी पारियों ने यह दिखाया कि उनका खेल केवल टी20 तक सीमित नहीं है। कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा 13 करोड़ रुपये में रिटेन किया जाना उनके महत्व को दर्शाता है। अलीगढ़ से उठकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मंच तक पहुंचने वाला यह खिलाड़ी आज नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन चुका है, जिसकी कहानी संघर्ष से सफलता तक के सफर की सजीव मिसाल है।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
