भारतीय क्रिकेट में नई पीढ़ी के जिन खिलाड़ियों ने तेजी से अपनी पहचान बनाई है, उनमें Raj Angad Bawa का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। एक ऑलराउंडर के रूप में उनकी उपयोगिता, बड़े मैचों में निर्णायक प्रदर्शन और दबाव में संयम ने उन्हें खास बना दिया है। खासकर 2022 के अंडर-19 विश्व कप में उनका प्रदर्शन ऐसा रहा, जिसने उन्हें रातों-रात सुर्खियों में ला दिया और भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सितारे के रूप में स्थापित कर दिया।

12 नवंबर 2002 को हिमाचल प्रदेश के नाहन में जन्मे राज अंगद बावा का बचपन चंडीगढ़ में बीता, जहां उन्होंने क्रिकेट की बारीकियों को सीखा और खुद को एक संतुलित खिलाड़ी के रूप में विकसित किया। खेल उनके परिवार की विरासत में रहा है, क्योंकि उनके दादा त्रिलोचन सिंह बावा 1948 लंदन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा थे। यही खेल संस्कृति और अनुशासन उनके भीतर शुरू से ही दिखाई देता है, जिसने उन्हें क्रिकेट के मैदान पर अलग पहचान दिलाने में मदद की।

राज बावा का करियर तब निर्णायक मोड़ पर पहुंचा जब उन्होंने 2022 आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप में भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 63 की औसत से 252 रन बनाए और साथ ही 9 विकेट भी झटके। इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल मुकाबले में उनका प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा, जहां उन्होंने 5 विकेट लेकर विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी और 35 रनों का योगदान देकर टीम की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, जिसने उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।

घरेलू क्रिकेट में भी उन्होंने अपने आगाज से ही प्रभाव छोड़ा। फरवरी 2022 में रणजी ट्रॉफी में चंडीगढ़ के लिए डेब्यू करते हुए उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लेकर अपने आगमन की जोरदार घोषणा की। इससे पहले ही आईपीएल 2022 की नीलामी में पंजाब किंग्स ने उन्हें 2 करोड़ रुपये में खरीदकर उनकी प्रतिभा पर भरोसा जताया था। 27 मार्च 2022 को उन्होंने अपना टी20 डेब्यू किया और भले ही शुरुआती मुकाबलों में उन्हें सीमित अवसर मिले, लेकिन उन्होंने अपनी क्षमता की झलक जरूर दिखाई।

आईपीएल में उनका सफर आगे बढ़ते हुए मुंबई इंडियंस तक पहुंचा, जहां 2025 सीजन से पहले उन्हें टीम में शामिल किया गया। हालांकि यहां भी उन्हें लगातार मौके नहीं मिले, लेकिन फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिटेन कर उनके भविष्य पर विश्वास दिखाया। घरेलू क्रिकेट और टी20 प्रारूप में उनके प्रदर्शन ने यह संकेत दे दिया है कि वे आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए एक अहम ऑलराउंड विकल्प बन सकते हैं।

राज अंगद बावा की कहानी सिर्फ प्रतिभा की नहीं, बल्कि मौके को भुनाने की भी है। अंडर-19 स्तर से लेकर पेशेवर क्रिकेट तक, उन्होंने हर मंच पर खुद को साबित किया है। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और गेंदबाजी में नियंत्रण उन्हें एक संपूर्ण खिलाड़ी बनाता है। यही वजह है कि क्रिकेट विशेषज्ञ उन्हें भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े ऑलराउंडर के रूप में देख रहे हैं, जिनकी असली परीक्षा अभी बाकी है, लेकिन शुरुआत बेहद दमदार रही है।

Pratahkal Newsroom

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