भारतीय क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और बेखौफ अंदाज से पहचान बनाने वाले राहुल त्रिपाठी आज उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने देर से अंतरराष्ट्रीय मंच पर कदम रखा, लेकिन अपनी प्रतिभा से सभी का ध्यान खींचा। इंडियन प्रीमियर लीग में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन और तेज रन बनाने की क्षमता ने उन्हें एक भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया है। उनकी बल्लेबाजी में गति, लचीलापन और परिस्थिति के अनुसार खेल बदलने की कला साफ झलकती है, जिसने उन्हें फ्रेंचाइजी क्रिकेट का अहम चेहरा बना दिया।

राहुल त्रिपाठी का जन्म 2 मार्च 1991 को रांची में हुआ, लेकिन उनका पालन-पोषण एक सैन्य परिवार में हुआ, जहां अनुशासन और समर्पण जीवन का हिस्सा था। उनके पिता अजय त्रिपाठी भारतीय सेना में कर्नल रह चुके हैं और खुद भी क्रिकेट खेल चुके थे, जिससे राहुल को बचपन से ही खेल की प्रेरणा मिली। लगातार स्थानांतरण के कारण उनके क्रिकेट करियर में शुरुआती बाधाएं आईं, खासकर तब जब उन्हें श्रीनगर में अपने पिता की पोस्टिंग के चलते खेल से कुछ समय के लिए दूर होना पड़ा। हालांकि, पुणे में बसने के बाद उन्होंने फिर से क्रिकेट को अपनाया और डेक्कन जिमखाना में प्रशिक्षण शुरू किया, जहां उनकी प्रतिभा तेजी से निखरने लगी।

जूनियर स्तर पर लगातार तीन शतक लगाने के बाद राहुल ने अपनी पहचान मजबूत की और 2014 में बीसीसीआई का बेस्ट अंडर-25 क्रिकेटर पुरस्कार हासिल किया। इसके बाद उनका घरेलू क्रिकेट में सफर आगे बढ़ा और महाराष्ट्र के लिए खेलते हुए उन्होंने 2018-19 रणजी ट्रॉफी में 504 रन बनाकर टीम के शीर्ष रन स्कोरर बने। उनकी निरंतरता और तकनीकी दक्षता ने उन्हें बड़े मंच के लिए तैयार किया।

आईपीएल ने राहुल त्रिपाठी के करियर को नई दिशा दी। 2017 में राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के लिए खेलते हुए उन्होंने फाइनल तक टीम को पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई और यहीं से उनका नाम सुर्खियों में आया। इसके बाद उन्होंने राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद जैसी टीमों के लिए खेलते हुए खुद को एक भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया। 2022 सीजन में हैदराबाद के लिए 413 रन बनाते हुए 158.24 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करना उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ, जिसने उन्हें राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर में ला दिया।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका इंतजार लंबा रहा, लेकिन 2023 में 31 साल की उम्र में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में पदार्पण किया। हालांकि शुरुआती मैच में वह केवल 5 रन ही बना सके, लेकिन उनकी आक्रामक शैली और बहुमुखी बल्लेबाजी क्षमता उन्हें टीम के लिए एक उपयोगी विकल्प बनाती है। वह किसी भी बल्लेबाजी क्रम पर खेल सकते हैं और जरूरत के अनुसार पारी को संभालने या तेजी देने में सक्षम हैं।

आईपीएल में उतार-चढ़ाव के बावजूद राहुल त्रिपाठी ने खुद को लगातार प्रासंगिक बनाए रखा है। 2024 में सीमित अवसरों के बावजूद उन्होंने 165 रन बनाए और 2025 की नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 3.4 करोड़ रुपये में अपने साथ जोड़ा, जो उनके अनुभव और कौशल पर भरोसे को दर्शाता है। यह उनके लिए एक तरह से घर वापसी भी रही, क्योंकि वह पहले महेंद्र सिंह धोनी के साथ पुणे टीम में खेल चुके हैं। आज राहुल त्रिपाठी एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में उभरे हैं, जिनकी कहानी संघर्ष, धैर्य और निरंतर मेहनत की मिसाल है।

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