कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: प्रिया घांघस का ऐतिहासिक प्रदर्शन, कनाडाई बॉक्सर को हराकर भारत की झोली में डाला गोल्ड मेडल|
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाज प्रिया घांघस ने 60 किग्रा वर्ग के फाइनल मुकाबले में कनाडा की बॉक्सर को 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया।

स्वर्ण पदक और जर्सी में खड़ी हुई मुक्केबाज प्रिया घांघस ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान जीत का जश्न मनाते हुए।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया है। ग्लासगो में आयोजित इन खेलों में भारतीय महिला बॉक्सर प्रिया घांघस ने देश के लिए एक और स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। महिलाओं के 60 किलोग्राम भार वर्ग के बेहद रोमांचक और कड़े फाइनल मुकाबले में प्रिया ने कनाडा की मजबूत बॉक्सर मैरी-बाथौल अल-अहमदिया को 4-1 से शिकस्त देकर यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की। मुक्केबाजी के रिंग से आज के दिन भारत के लिए आया यह चौथा स्वर्ण पदक रहा, जिससे भारतीय दल में जश्न का माहौल है।
मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। हाइट और रीच के मामले में प्रिया घांघस अपनी कनाडाई प्रतिद्वंद्वी से आगे थीं, लेकिन अल-अहमदिया ने पहले राउंड से ही आक्रामक खेल अपना लिया। प्रिया ने दूर से सटीक पंच लगाने का प्रयास किया, परंतु कनाडाई बॉक्सर ने राउंड के अंतिम पलों में आक्रामक हमले जारी रखे। बेहद करीबी और संघर्षपूर्ण रहे इस पहले राउंड को जजों ने 3-2 से अल-अहमदिया के पक्ष में सुनाया, जिससे भारतीय खेमे पर शुरुआती दबाव बन गया था।
हालांकि, प्रिया घांघस ने दूसरे राउंड में गजब की मानसिक दृढ़ता और जुझारू क्षमता का परिचय देते हुए शानदार वापसी की। राउंड की शुरुआत में लगातार बरस रहे पंचों के बीच थकान हावी होने लगी थी, लेकिन प्रिया ने हार नहीं मानी। उन्होंने राउंड के अंतिम क्षणों में कुछ बेहतरीन और सटीक काउंटर-पंच लगाकर मुकाबले का पासा पलट दिया। उनकी इस जोरदार वापसी से प्रभावित होकर जजों ने दूसरा राउंड 4-1 से प्रिया के नाम कर दिया, जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया।
निर्णायक और तीसरे राउंड में दोनों ही मुक्केबाजों ने स्वर्ण पदक अपने नाम करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। रिंग में लगातार पावर-पंच और बेहतरीन कॉम्बिनेशन देखने को मिले। शारीरिक थकान और कड़े संघर्ष के बावजूद प्रिया ने अंत तक अपनी आक्रामक रणनीति को बनाए रखा और खुद को प्रतिद्वंद्वी पर हावी रखा। जजों ने 29-28, 29-28 और 30-27 के स्कोर के आधार पर निर्णय प्रिया के पक्ष में सुनाया, जबकि एक जज का वोट कनाडाई बॉक्सर को गया। इस 4-1 के स्प्लिट डिसीजन के साथ प्रिया घांघस ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाकर इतिहास रच दिया।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
