कर्नाटक के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की घरेलू क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय मंच तक की यात्रा और आईपीएल 2025 में पर्पल कैप जीतने की उपलब्धि।

गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा आईपीएल 2025 के दौरान एक विकेट लेने का जश्न मनाते हुए, जहां उन्होंने 25 विकेट लेकर पर्पल कैप जीती।
भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजी की नई धार के रूप में उभरे प्रसिद्ध कृष्णा आज अपनी अतिरिक्त उछाल और ‘स्किड’ के लिए पहचाने जाते हैं, जो उन्हें बाकी गेंदबाजों से अलग बनाती है। सीमित ओवरों से लेकर टेस्ट क्रिकेट तक, उन्होंने अपनी गति और आक्रामकता से बल्लेबाजों को लगातार चुनौती दी है। हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके प्रदर्शन, खासकर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ, ने यह साबित किया है कि वह भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के भविष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
19 फरवरी 1996 को बेंगलुरु में जन्मे प्रसिद्ध कृष्णा का क्रिकेट सफर घरेलू स्तर से शुरू हुआ, जहां उन्होंने कर्नाटक क्रिकेट टीम के लिए खेलते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। 2015 में बांग्लादेश ए के खिलाफ अपने प्रथम श्रेणी डेब्यू में 49 रन देकर 5 विकेट लेने का कारनामा उनके करियर की मजबूत शुरुआत बना। उसी मैच में पहली ही गेंद पर विकेट लेकर उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और जल्द ही घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान स्थापित कर ली।
इसके बाद विजय हजारे ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जहां 2017-18 सीजन में उन्होंने सिर्फ 8 मैचों में 17 विकेट लेकर टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी निरंतरता और विकेट लेने की क्षमता ने उन्हें भारत के उभरते तेज गेंदबाजों की सूची में ला खड़ा किया। 2021-22 रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ 10 विकेट लेकर उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली।
आईपीएल में उनका सफर कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ शुरू हुआ, जहां उन्होंने 2018 में डेब्यू करते ही प्रभाव डाला। बाद में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने अपनी गेंदबाजी को और निखारा, और फिर 2025 में गुजरात टाइटंस के साथ जुड़कर 25 विकेट लेकर पर्पल कैप जीतना उनके करियर की बड़ी उपलब्धि बनी। आईपीएल में 4/30 जैसे प्रदर्शन यह दर्शाते हैं कि वह दबाव में भी मैच पलटने की क्षमता रखते हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू करते हुए 54 रन देकर 4 विकेट लिए और 24 साल पुराना भारतीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने टी20 और टेस्ट क्रिकेट में भी कदम रखा, हालांकि चोटों ने उनके करियर की रफ्तार को कई बार धीमा किया। 2019 में स्ट्रेस फ्रैक्चर, 2022 में पीठ की चोट और 2024 में क्वाड्रिसेप्स इंजरी जैसी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने वापसी कर अपनी उपयोगिता साबित की। 2023 विश्व कप में हार्दिक पांड्या के चोटिल होने पर टीम में शामिल किया जाना उनके महत्व को दर्शाता है।
हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में छह विकेट लेकर और इंग्लैंड दौरे पर 14 विकेट झटककर उन्होंने अपने अनुभव और परिपक्वता का परिचय दिया। हालांकि उनके प्रदर्शन में अस्थिरता अब भी चर्चा का विषय है, लेकिन निर्णायक मौकों पर उनका योगदान भारत के लिए मैच जिताऊ साबित हुआ है। प्रसिद्ध कृष्णा की कहानी संघर्ष, चोटों से जूझते हुए वापसी और लगातार बेहतर बनने की जिद की कहानी है, जिसने उन्हें भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा बना दिया है।

