राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में सोमवार की रात एक ऐसे सितारे का उदय हुआ जिसने न केवल गेंद से आग उगली, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि अगर इरादे फौलादी हों तो नियति को भी झुकना पड़ता है। सनराइजर्स हैदराबाद के युवा तेज गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपने पदार्पण मैच में वह कर दिखाया, जो आईपीएल के 19 सालों के इतिहास में कोई नहीं कर सका था। पारी के पहले ही ओवर में तीन विकेट चटकाकर राजस्थान के शीर्ष क्रम को तहस-नहस करने वाले हिंगे ने मैच के बाद एक ऐसा खुलासा किया, जिसने उनके आत्मविश्वास की एक नई गाथा लिख दी है। प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए इस युवा खिलाड़ी ने बताया कि उनके इस प्रदर्शन के पीछे न केवल पसीना था, बल्कि एक साल पहले लिखा गया वह अटूट विश्वास भी था जिसे उन्होंने आज हकीकत में बदल दिया।

प्रफुल्ल हिंगे की सफलता की कहानी उस समय शुरू हुई जब उन्होंने राजस्थान के सबसे खतरनाक और फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पारी की पहली ही गेंद पर पवेलियन की राह दिखाई। मैच के बाद हिंगे ने गर्व से साझा किया कि यह कोई इत्तेफाक नहीं था। उन्होंने खेल शुरू होने से पहले ही अपने कुछ करीबी साथियों से यह वादा किया था कि वे सूर्यवंशी को पहली ही गेंद पर आउट कर देंगे। हिंगे के अनुसार, उनका पूरा ध्यान पावरप्ले के दौरान विपक्षी टीम पर हावी होने पर था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वे 'मैनिफेस्टेशन' यानी मानसिक संकल्प की शक्ति में विश्वास रखते हैं। उन्होंने खुलासा किया कि पिछले साल उन्होंने अपनी डायरी में यह स्पष्ट लिखा था कि जब भी उन्हें आईपीएल में डेब्यू का मौका मिलेगा, वे पक्का चार या पांच विकेट लेंगे। आज उनके स्पैल के आंकड़े—34 रन देकर 4 विकेट—उसी संकल्प की गवाही दे रहे हैं।

इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुँचने का सफर प्रफुल्ल के लिए आसान नहीं था। 13 साल की उम्र में जब उन्होंने पहली बार क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा था, तब उन्हें लेदर बॉल क्रिकेट की बारीकियों का ज्ञान तक नहीं था। प्रफुल्ल ने याद किया कि कैसे उन्होंने अपने पिता से किसी क्रिकेट क्लब में शामिल होने की जिद की थी। शुरुआत में उनके पिता ने उन्हें बहुत छोटा समझकर मना कर दिया था, लेकिन प्रफुल्ल की दृढ़ता ने उन्हें मजबूर कर दिया। आज उस छोटी सी जिद ने उन्हें दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग के मंच पर खड़ा कर दिया है। अपनी इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने अपने परिवार को दिया है, जिन्होंने उनके सपनों में निवेश किया और तब साथ दिया जब राहें कठिन थीं।

मैच के तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं पर बात करते हुए हिंगे ने बताया कि वैभव सूर्यवंशी का विकेट उनका सबसे पसंदीदा था क्योंकि वे बेहतरीन लय में थे। हिंगे की इस घातक गेंदबाजी की बदौलत ही सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्थान रॉयल्स के विजय रथ को 57 रनों के विशाल अंतर से रोक दिया। यह जीत हैदराबाद के लिए सत्र की दूसरी जीत थी, जिसने उन्हें अंक तालिका में मजबूती प्रदान की है। प्रफुल्ल हिंगे का यह प्रदर्शन केवल एक मैच की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से बड़े सपने लेकर निकलते हैं। उनकी कहानी यह सिखाती है कि मैदान पर कौशल के साथ-साथ खुद पर किया गया अटूट भरोसा ही चैंपियन बनने की पहली शर्त है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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