भारतीय क्रिकेट में हर सीज़न कुछ नए नाम उभरते हैं, लेकिन 2026 के आईपीएल में प्रफुल प्रकाश हिंगे ने जिस अंदाज़ में अपनी पहचान बनाई, उसने उन्हें रातोंरात सुर्खियों में ला खड़ा किया। सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए इस युवा तेज़ गेंदबाज़ ने अपने डेब्यू मैच में ही इतिहास रच दिया, जब उन्होंने अपने पहले ही ओवर में तीन विकेट झटककर लीग के इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज कर लिया। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में हिंगे ने वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल और लुआन-ड्रे प्रिटोरियस को लगातार आउट कर सनसनी फैला दी, और फिर दूसरे ओवर में कप्तान रियान पराग का विकेट लेकर मैच को पूरी तरह अपनी पकड़ में कर लिया। 4/34 के आंकड़े के साथ उनका यह प्रदर्शन आईपीएल डेब्यू में सबसे चर्चित स्पेल्स में गिना जाने लगा।

लेकिन इस चमकदार शुरुआत के पीछे एक लंबा संघर्ष और लगातार सुधार की कहानी छिपी है। 18 जनवरी 2002 को नागपुर में जन्मे हिंगे ने शुरुआत में खुद को एक बल्लेबाज़ के रूप में देखा था, लेकिन पिता की सलाह पर उन्होंने तेज़ गेंदबाज़ी की राह चुनी। शुरुआती दिनों में उन्हें अवैध बॉलिंग एक्शन जैसी तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसे उन्होंने कड़ी मेहनत और प्रशिक्षण के जरिए सुधारा। चेन्नई स्थित एमआरएफ पेस फाउंडेशन और ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन स्थित बुपा नेशनल क्रिकेट सेंटर में प्रशिक्षण ने उनके खेल को नई दिशा दी, जहां उन्होंने अपनी रफ्तार, लाइन-लेंथ और लय को निखारा।

घरेलू क्रिकेट में हिंगे का उभार धीरे-धीरे लेकिन मजबूत रहा। 2023-24 के सीके नायडू ट्रॉफी में 26 विकेट लेकर उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। इसके बाद 2024-25 रणजी ट्रॉफी में पुडुचेरी के खिलाफ प्रथम श्रेणी डेब्यू करते हुए उन्होंने अपनी क्षमता का परिचय दिया। नवंबर 2025 में तमिलनाडु के खिलाफ 4/60 का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन उनकी बढ़ती परिपक्वता को दर्शाता है। शुरुआती 10 प्रथम श्रेणी मैचों में 27 विकेट लेकर उन्होंने खुद को एक भरोसेमंद “हिट-द-डेक” गेंदबाज़ के रूप में स्थापित किया, जो भारतीय पिचों पर उछाल और मूवमेंट पैदा करने में सक्षम है।

2025-26 का सीज़न हिंगे के करियर का निर्णायक मोड़ साबित हुआ। उन्होंने विदर्भ की टीम के साथ विजय हजारे ट्रॉफी जीतने में अहम भूमिका निभाई, जहां फाइनल में सौराष्ट्र को 38 रन से हराया गया। इस टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अनुशासित गेंदबाज़ी की, जिसमें बड़ौदा के खिलाफ हार्दिक पांड्या जैसे बल्लेबाज़ को नियंत्रित करना शामिल रहा। इसी दौरान सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने 7 मैचों में 15 विकेट लेकर खुद को टी20 प्रारूप का खतरनाक गेंदबाज़ साबित किया।

उनकी इस निरंतर सफलता ने आईपीएल फ्रेंचाइज़ी का ध्यान खींचा, हालांकि 2025 की नीलामी में अनसोल्ड रहने के बाद 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें 30 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। इस मौके को हिंगे ने जिस तरह भुनाया, उसने उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। डेब्यू मैच में ही रिकॉर्ड बनाना इस बात का संकेत था कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी बनने की क्षमता रखते हैं।

आज प्रफुल प्रकाश हिंगे सिर्फ एक उभरता हुआ नाम नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के तेज़ गेंदबाज़ों में गिने जाने लगे हैं। उनकी कहानी यह दिखाती है कि तकनीकी खामियों, असफलताओं और शुरुआती निराशाओं के बावजूद अगर मेहनत और सही मार्गदर्शन मिले, तो एक खिलाड़ी न सिर्फ वापसी कर सकता है, बल्कि इतिहास भी रच सकता है।

Pratahkal Newsroom

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