भारतीय महिला क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों में जिन खिलाड़ियों ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा और जुझारूपन से खास पहचान बनाई है, उनमें Pooja Vastrakar का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। दाएं हाथ की बल्लेबाज़ और राइट आर्म मीडियम फास्ट गेंदबाज़ पूजा वस्त्राकर आज भारतीय महिला टीम की सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडरों में गिनी जाती हैं। अपनी तेज गेंदबाज़ी, निचले क्रम में विस्फोटक बल्लेबाज़ी और दबाव में मैच का रुख बदलने की क्षमता के कारण उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अलग मुकाम हासिल किया है। 2022 महिला विश्व कप में उनका प्रदर्शन हो या बड़े टूर्नामेंटों में टीम इंडिया के लिए अहम विकेट निकालने की जिम्मेदारी, पूजा ने हर बार यह साबित किया कि वह भारतीय महिला क्रिकेट के भविष्य की मजबूत कड़ी हैं।

मध्य प्रदेश के शहडोल जैसे छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं रहा। 25 सितंबर 1999 को जन्मी पूजा वस्त्राकर ने बचपन में अपने मोहल्ले के लड़कों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया था। उनकी प्रतिभा को पहली बार स्थानीय कोच आशुतोष श्रीवास्तव ने पहचाना, जिन्होंने उन्हें औपचारिक प्रशिक्षण देना शुरू किया। शुरुआत में पूजा सिर्फ बल्लेबाज़ के तौर पर खेलती थीं, लेकिन मध्य प्रदेश टीम से जुड़ने के बाद उन्होंने तेज गेंदबाज़ी पर भी काम करना शुरू किया और यही फैसला आगे चलकर उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। बेहद कम उम्र में उन्होंने इंडिया ग्रीन महिला टीम में जगह बना ली थी, जिससे साफ हो गया था कि भारतीय क्रिकेट को एक नई प्रतिभा मिल चुकी है।

हालांकि सफलता की राह में गंभीर चुनौतियां भी आईं। साल 2016 में एक घरेलू मैच के दौरान फील्डिंग करते समय उनके घुटने में गंभीर चोट लग गई थी। एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट यानी ACL इंजरी के कारण उन्हें सर्जरी करानी पड़ी और एक समय ऐसा लगा कि उनका राष्ट्रीय टीम में चयन का सपना अधूरा रह जाएगा। लेकिन कठिन हालातों से लड़ने की उनकी जिद ने उन्हें फिर मैदान पर वापसी कराई। 2018 के चैलेंजर ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और इसके तुरंत बाद उन्हें दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए भारतीय टीम में जगह मिल गई। यही वह क्षण था जिसने पूजा वस्त्राकर के अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की।

पूजा ने 10 फरवरी 2018 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना महिला वनडे अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया, जबकि तीन दिन बाद उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी डेब्यू किया। अपनी गति और स्विंग से उन्होंने जल्द ही भारतीय टीम में स्थायी स्थान बना लिया। उसी वर्ष उन्हें ICC महिला टी20 विश्व कप 2018 की भारतीय टीम में चुना गया, लेकिन दुर्भाग्यवश चोट के कारण वह टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। इसके बावजूद टीम प्रबंधन का भरोसा उन पर बना रहा और 2020 महिला टी20 विश्व कप के लिए भी उन्हें भारतीय टीम में शामिल किया गया। मई 2021 में उन्हें इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली और उन्होंने 16 जून 2021 को टेस्ट क्रिकेट में भी पदार्पण कर लिया, जिससे वह तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गईं।

पूजा वस्त्राकर का सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन 2022 महिला क्रिकेट विश्व कप में देखने को मिला। न्यूजीलैंड में खेले गए इस टूर्नामेंट में उन्होंने 156 रन बनाए और 10 विकेट हासिल किए। बल्लेबाज़ी में उनका औसत 26.00 और गेंदबाज़ी में 18.30 का औसत इस बात का प्रमाण था कि वह टीम इंडिया की सबसे उपयोगी ऑलराउंडरों में से एक बन चुकी हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भी उन्हें भारतीय टीम में शामिल किया गया, जहां उनकी तेज गेंदबाज़ी ने विरोधी बल्लेबाज़ों को लगातार परेशान किया। इसके बाद 2024 ICC महिला टी20 विश्व कप के लिए भी उनका चयन हुआ, जिसने यह साबित किया कि भारतीय महिला क्रिकेट में उनका महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है।

मैदान के बाहर भी पूजा का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उनके पिता बीएसएनएल में कार्यरत थे, जबकि जब पूजा सिर्फ दस साल की थीं तब उनकी मां का निधन हो गया था। सात भाई-बहनों वाले परिवार में सबसे छोटी पूजा ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। यही संघर्ष आज उनकी पहचान बन चुका है। शहडोल की गलियों से निकलकर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज़ ऑलराउंडर बनने तक का उनका सफर केवल प्रतिभा की कहानी नहीं, बल्कि धैर्य, मेहनत और आत्मविश्वास का जीवंत उदाहरण भी है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story