ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट में आज जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है फोएबी एलिज़ाबेथ सुसान लिचफील्ड, जिन्होंने बेहद कम उम्र में अपनी आक्रामक बल्लेबाज़ी, तेज़ी से बनाए गए रिकॉर्ड्स और नेतृत्व क्षमता के दम पर खुद को टीम का अहम स्तंभ बना लिया है। बाएं हाथ की यह बल्लेबाज़ तीनों फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, साथ ही विमेंस बिग बैश लीग में सिडनी थंडर की कप्तान के रूप में भी नई पहचान गढ़ चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार शतकों और तेज़ अर्धशतकों ने उन्हें उभरते सितारे से स्थापित खिलाड़ी बना दिया है।

18 अप्रैल 2003 को न्यू साउथ वेल्स के ऑरेंज शहर में जन्मी लिचफील्ड ने बेहद कम उम्र से ही क्रिकेट में रुचि दिखाई। किनरॉस वोलारोई स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही उनकी प्रतिभा सामने आने लगी थी। वर्ष 2020 में बुशफायर राहत मैच में पोंटिंग इलेवन के लिए नंबर चार पर बल्लेबाज़ी करते हुए उन्होंने बड़े मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जो उनके करियर का शुरुआती संकेत था कि वह बड़े मौकों के लिए तैयार हैं।

घरेलू क्रिकेट में उनका सफर 2019 में शुरू हुआ जब मात्र 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने विमेंस बिग बैश लीग में डेब्यू किया और पहली ही पारी में 22 गेंदों पर 26 रन बनाए। अपने दूसरे ही मैच में उन्होंने अर्धशतक जड़कर टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने का रिकॉर्ड बना दिया। 2020-21 सीज़न में सिडनी थंडर की खिताबी जीत का हिस्सा बनते हुए उन्होंने मैदान पर अपनी उपयोगिता साबित की, जहां बल्लेबाज़ी का मौका न मिलने के बावजूद उन्होंने एक अहम कैच लेकर टीम को बढ़त दिलाई। अक्टूबर 2024 में वह 21 वर्ष 193 दिन की उम्र में स्थायी कप्तान बनने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बनीं, जिसने उनके नेतृत्व कौशल को भी उजागर किया।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लिचफील्ड का उदय तेज़ और प्रभावशाली रहा। जनवरी 2023 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे डेब्यू करते हुए उन्होंने नाबाद 78 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया की सबसे युवा खिलाड़ी बनीं जिन्होंने पदार्पण मैच में अर्धशतक जड़ा। अगले ही मैच में नाबाद 67 रन बनाकर उन्होंने लगातार दो अर्धशतक लगाने का अनोखा रिकॉर्ड कायम किया। इसी वर्ष आयरलैंड के खिलाफ डबलिन में 106 नाबाद रन बनाकर उन्होंने अपना पहला वनडे शतक लगाया और सबसे कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाली दूसरी ऑस्ट्रेलियाई महिला बनीं।

लिचफील्ड की आक्रामकता का एक और उदाहरण अक्टूबर 2023 में देखने को मिला जब वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने मात्र 18 गेंदों में अर्धशतक जड़ते हुए सोफी डिवाइन के सबसे तेज़ अर्धशतक के रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके बाद जनवरी 2024 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत के खिलाफ 119 रन की शानदार पारी खेलकर उन्होंने अपनी दूसरी वनडे सेंचुरी दर्ज की। आगे चलकर 2025 में डीवाई पाटिल स्टेडियम में भी उन्होंने 119 रन बनाकर अपने शतकों की संख्या बढ़ाई, जो उनकी निरंतरता और बड़े मंच पर प्रदर्शन की क्षमता को दर्शाता है।

टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने 2023 एशेज के दौरान पदार्पण किया और दोनों पारियों में 23 और 46 रन बनाकर संयमित बल्लेबाज़ी का परिचय दिया। इसके साथ ही उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय अनुबंध भी मिला, जो किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़े सम्मान की बात होती है। 2024 टी20 वर्ल्ड कप और 2025 एशेज सीरीज़ के लिए टीम में चयन ने यह स्पष्ट कर दिया कि लिचफील्ड अब ऑस्ट्रेलियाई टीम की दीर्घकालिक योजनाओं का अहम हिस्सा हैं।

आज फोएबी लिचफील्ड सिर्फ एक प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी नहीं, बल्कि आधुनिक महिला क्रिकेट की नई पहचान बन चुकी हैं, जिन्होंने अपने छोटे से करियर में रिकॉर्ड, कप्तानी और बड़े मंच पर प्रदर्शन के जरिए स्टारडम हासिल किया है।

Pratahkal Bureau

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