IND vs PAK T20 World Cup 2026 : क्रिकेट की दुनिया में रविवार (01 फरवरी, 2026) को उस वक्त हड़कंप मच गया जब पाकिस्तान सरकार ने एक ऐसा आत्मघाती फैसला सुनाया जो न केवल खेल भावना पर प्रहार है, बल्कि खुद पाकिस्तान क्रिकेट के भविष्य को अंधकार में धकेल सकता है। पाकिस्तान ने एलान किया है कि उसकी टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 में तो हिस्सा लेगी, लेकिन 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में भारत के खिलाफ होने वाले महा-मुकाबले के लिए मैदान पर नहीं उतरेगी। टूर्नामेंट शुरू होने से महज 6 दिन पहले आई इस घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को सकते में डाल दिया है।

हाइब्रिड मॉडल और समझौते का उल्लंघन :

हैरानी की बात यह है कि पाकिस्तान का यह फैसला पहले से तय 'हाइब्रिड मॉडल' समझौते की सरेआम धज्जियां उड़ाता है। यह सर्वविदित है कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के चलते दोनों टीमें एक-दूसरे के देश का दौरा नहीं करती हैं।

  • इसी समझौते के तहत, 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने अपने मैच दुबई में खेले थे।
  • मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप (भारत-श्रीलंका की सह-मेजबानी) में भी पाकिस्तान को अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलने थे, ताकि सुरक्षा और कूटनीतिक गतिरोध से बचा जा सके।
  • समझौते का पालन होने के बावजूद ऐन वक्त पर भारत के खिलाफ मैच छोड़ना पाकिस्तान की बड़ी प्रशासनिक विफलता मानी जा रही है।


आईसीसी की संभावित कार्रवाई: मेजबानी पर मंडराया संकट :

पाकिस्तान ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के जरिए 29 साल के लंबे इंतजार के बाद किसी आईसीसी इवेंट की मेजबानी की थी। हालांकि, इस 'नादानी' के बाद आईसीसी पाकिस्तान को भविष्य के सभी बड़े टूर्नामेंट्स की मेजबानी से हमेशा के लिए वंचित यानी 'अपाहिज' कर सकती है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि:

  • आर्थिक दंड: भारत-पाक मैच से होने वाले अरबों के राजस्व के नुकसान की भरपाई के लिए आईसीसी पाक बोर्ड पर भारी जुर्माना लगा सकती है।
  • बैन का खतरा: नियमों के मुताबिक, किसी विशेष देश के खिलाफ खेलने से इनकार करने पर पाकिस्तान को आईसीसी इवेंट्स की मेजबानी से पूरी तरह बैन किया जा सकता है।
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story