दुबई। एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को पाँच विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत के बाद भारतीय टीम ने जहाँ जश्न मनाया, वहीं पाकिस्तान की ओर से आए बयानों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने फाइनल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक ऐसा एलान किया जिसने पूरे क्रिकेट जगत को चौंका दिया। आगा ने कहा कि उनकी टीम की पूरी मैच फीस उन परिवारों को दी जाएगी जो भारत द्वारा संचालित "ऑपरेशन सिंदूर" में मारे गए।

यह ऑपरेशन दरअसल भारत की उस सैन्य कार्रवाई से जुड़ा था, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इस कार्रवाई में सौ से अधिक आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि की गई थी। ऐसे में पाक कप्तान के बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या यह धन वास्तव में आतंकी संगठनों से जुड़े परिवारों तक जाएगा।

भारतीय टीम के फैसले पर निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सलमान अली आगा ने भारतीय टीम के रवैये पर भी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों द्वारा पाकिस्तान टीम से हाथ न मिलाना और प्री-फाइनल फोटोशूट में शामिल न होना क्रिकेट के प्रति अनादर है। आगा ने कहा, “खेल में औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी होता है। अच्छी टीमें कभी ऐसा नहीं करतीं।”

उन्होंने भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव पर भी आरोप लगाया कि वे निजी तौर पर हाथ मिलाते हैं, लेकिन कैमरों के सामने अलग रवैया दिखाते हैं। हालांकि, इस दावे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि रिपोर्ट्स के मुताबिक टूर्नामेंट की शुरुआत में सूर्यकुमार ने कभी आगा से हाथ मिलाया ही नहीं था।

ट्रॉफी विवाद पर बचाव

फाइनल के बाद एक और विवाद उस समय सामने आया जब भारतीय खिलाड़ियों ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) अध्यक्ष मोहसिन नक़वी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। नक़वी ने बाद में ट्रॉफी वापस ले ली। इस घटना को लेकर भी सलमान अली आगा ने भारत पर निशाना साधा और नक़वी का बचाव किया। उन्होंने कहा, “अगर आप ट्रॉफी नहीं लेंगे तो वे आपको कैसे देंगे? जो हुआ, वह उसी का नतीजा था।” हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि एसीसी अध्यक्ष के रूप में नक़वी को अपने पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए थी।

ऑपरेशन सिंदूर और विवादित एलान

सबसे बड़ा विवाद तब पैदा हुआ जब आगा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में टीम की मैच फीस आतंकियों के परिवारों को देने की घोषणा कर दी। उन्होंने इसे “भारत के हमलों में मारे गए नागरिकों और बच्चों के परिवारों की मदद” बताकर पेश किया। लेकिन इस बयान ने संदेह और आलोचना दोनों को जन्म दिया।

कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि यदि यह राशि वास्तव में उन परिवारों तक पहुँची जो आतंकी संगठनों से जुड़े हैं, तो यह गंभीर मामला बन सकता है। इस एलान के बाद सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली। भारतीय प्रशंसकों ने इसे पाकिस्तान का असली चेहरा करार देते हुए लिखा कि यह देश आतंक के खिलाफ नहीं बल्कि आतंक के साथ खड़ा है।

मसूद अजहर का नाम भी जुड़ा

बयान के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या यह धन आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर और उसके परिवार तक भी पहुँचेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, "ऑपरेशन सिंदूर" में अजहर के परिवार के कई सदस्य मारे गए थे। ऐसे में पाक कप्तान का एलान सीधे-सीधे उन संगठनों तक मदद पहुँचाने का जरिया माना जा सकता है जो भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं।

बयान पर बवाल और असर

सलमान अली आगा के बयान ने एशिया कप की खेल उपलब्धियों को पीछे छोड़ दिया है। भारतीय जीत की गूँज के बीच पाकिस्तान कप्तान की घोषणा ने कूटनीतिक और खेल दोनों स्तरों पर बहस छेड़ दी है। भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से ही तनावपूर्ण रिश्तों में यह बयान आग में घी डालने जैसा साबित हुआ है।

एशिया कप 2025 का फाइनल भले ही भारत के पक्ष में रहा हो, लेकिन पाकिस्तान कप्तान का यह विवादित बयान लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला है। यह घटना केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दों को भी छू गई है।

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Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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