नीतीश कुमार रेड्डी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उठाया मां का कॉल, सादगी और शालीनता का वीडियो हुआ वायरल|
अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे मैच की समाप्ति के बाद प्रेस वार्ता में पत्रकारों के सवालों के बीच मां का फोन सुनते भारतीय ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी।

नीली जर्सी और कैप पहने हुए भारतीय क्रिकेटर नीतीश कुमार रेड्डी मुस्कराते हुए कान पर फोन लगाकर बात कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारतीय क्रिकेट टीम के युवा और उभरते ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी ने अपनी खेल प्रतिभा के साथ-साथ अपने उच्च संस्कारों से खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया है। अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए रोमांचक एकदिवसीय मुकाबले में भारतीय टीम की शानदार जीत के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक बेहद अनूठी और भावुक कर देने वाली घटना सामने आई। मीडियाकर्मियों के तीखे और तकनीकी सवालों का जवाब दे रहे नीतीश कुमार रेड्डी का मोबाइल फोन अचानक बज उठा। जब उन्होंने स्क्रीन पर अपनी मां का नाम देखा, तो उन्होंने कूटनीतिक या पेशेवर प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना तुरंत कॉल उठाया और अपनी सादगी से वहां मौजूद सभी पत्रकारों और सोशल मीडिया पर करोड़ों फैंस को अपना मुरीद बना लिया।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस आधिकारिक वीडियो में देखा जा सकता है कि धर्मशाला में मैच खत्म होने के बाद नीतीश कुमार रेड्डी औपचारिक रूप से पत्रकारों के सामने बैठे थे। इसी दौरान उनकी मां का फोन आया, जिसे उन्होंने तुरंत रिसीव किया और अत्यंत आदरपूर्वक तेलुगु या अपनी मातृभाषा के लहजे में संक्षिप्त बात करते हुए कहा कि वह इस समय एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में हैं और ठीक पांच मिनट में वापस फोन करेंगे। इसके तुरंत बाद, युवा खिलाड़ी ने बेहद शालीनता से हाथ जोड़कर वहां मौजूद सभी मीडिया प्रतिनिधियों से इस अनपेक्षित रुकावट के लिए औपचारिक माफी भी मांगी। एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी का अपनी मां के प्रति यह अटूट सम्मान और विनम्रता देखकर खेल जगत में उनकी जमकर प्रशंसा हो रही है।
इस कूटनीतिक और भावुक पल से इतर यदि खेल के मैदान की बात करें, तो स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या की अनुपस्थिति में टीम प्रबंधन ने 23 वर्षीय नीतीश कुमार रेड्डी पर प्रमुख तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में भरोसा जताया था। अपने करियर का महज पांचवां वनडे मैच खेल रहे नीतीश ने इस भरोसे को पूरी तरह सही साबित किया। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने अपने कोटे के 4 ओवरों की कसी हुई गेंदबाजी में मात्र 31 रन खर्च कर 2 महत्वपूर्ण सफलताएं अर्जित कीं। उनके द्वारा फेंकी गई एक सटीक और तीखी यॉर्कर गेंद पर अफगानिस्तान के इन-फॉर्म बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज पूरी तरह बीट हो गए और बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। गुरबाज उस समय 51 गेंदों पर 102 रनों की शतकीय और विस्फोटक पारी खेलकर भारतीय टीम के लिए बड़ा खतरा बने हुए थे। इसके बाद नीतीश ने खतरनाक ऑलराउंडर मोहम्मद नबी का भी बहुमूल्य विकेट चटकाकर अफगानिस्तान की मध्यक्रम की रीढ़ तोड़ दी।
यह मुकाबला बारिश की वजह से बाधित रहा, जिसके कारण अंपायरों और मैच रेफरी ने नियमों के तहत इसे घटाकर 25-25 ओवर का करने का आधिकारिक निर्णय लिया था। अफगानिस्तान की टीम ने रहमानुल्लाह गुरबाज की आतिशी शतकीय पारी के दम पर एक मजबूत स्कोर खड़ा किया था। परंतु, भारतीय बल्लेबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के सामने यह स्कोर बौना साबित हुआ। कप्तान शुभमन गिल ने मोर्चे से अगुवाई करते हुए मैदान के चारों तरफ आकर्षक शॉट लगाए और मात्र 66 गेंदों पर 84 रनों की शानदार नाबाद पारी खेलकर टीम को 23वें ओवर में ही 3 विकेट खोकर लक्ष्य तक पहुंचा दिया। शुभमन गिल को उनकी कप्तानी और बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' के पुरस्कार से नवाजा गया। भारतीय टीम ने इस जीत के साथ ही सीरीज में 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है, लेकिन मैदान के बाहर नीतीश कुमार रेड्डी की इस पारिवारिक निष्ठा और संस्कारों की चर्चा मैच के नतीजों से भी अधिक सुर्खियां बटोर रही है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
