विश्व चैंपियन निखत जरीन पटियाला में हुए ट्रायल्स के सेमीफाइनल में साक्षी चौधरी से हारकर इस साल के बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से चूक गई हैं।

भारत की स्टार बॉक्सर और दो बार की विश्व चैंपियन निखत जरीन के प्रशंसकों के लिए एक निराशाजनक खबर सामने आई है। पटियाला में आयोजित चयन ट्रायल्स में निखत जरीन को हार का सामना करना पड़ा है, जिसके चलते वह आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स 2026 की दौड़ से बाहर हो गई हैं। यह परिणाम भारतीय मुक्केबाजी जगत के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि निखत जरीन को इन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा था।

पटियाला स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (NIS) में आयोजित क्वालिफाइंग ट्रायल्स के दौरान निखत जरीन 51 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर रही थीं। सेमीफाइनल मुकाबले में उनका सामना सर्विसेज की मुक्केबाज साक्षी चौधरी से हुआ। रिंग में कड़े संघर्ष के बावजूद निखत अपनी लय बरकरार नहीं रख पाईं और अंततः उन्हें साक्षी चौधरी के हाथों 1-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी। इस हार के साथ ही उनके ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और जापान के आइची-नागोया में प्रस्तावित एशियन गेम्स में भाग लेने के सपने को बड़ा धक्का लगा है।

निखत जरीन के बाहर होने के पीछे हालिया व्यस्त कार्यक्रम और शारीरिक थकान को मुख्य कारण माना जा रहा है। ट्रायल्स में हार के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए निखत ने स्वीकार किया कि वह मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह थक चुकी थीं। उन्होंने बताया कि जनवरी 2025 से वह लगातार विभिन्न टूर्नामेंटों के लिए यात्रा कर रही थीं और उन्हें आराम करने या घर पर समय बिताने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। मुक्केबाज का मानना है कि इस ब्रेक से उन्हें अपनी गलतियों को सुधारने और भविष्य की चुनौतियों के लिए फिर से तैयार होने का समय मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि निखत जरीन को इन ट्रायल्स में हिस्सा लेने के लिए इसलिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि वह मंगोलिया के उलानबटार में आयोजित एशियन चैंपियनशिप के दौरान सीधे प्रवेश पाने में विफल रही थीं। नियम के अनुसार, कॉन्टिनेंटल मीट के फाइनल में पहुंचने वाले खिलाड़ियों को ही एशियन गेम्स के लिए ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मिलना था, जबकि निखत सेमीफाइनल में चीन की मुक्केबाज वू यू से 0-5 से हार गई थीं। 2022 में बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड और एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली निखत के लिए यह सत्र काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।

भारतीय खेल प्रेमियों को उम्मीद थी कि निखत जरीन एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहराएंगी, लेकिन इस अप्रत्याशित हार ने चयन प्रक्रिया की कठोरता और प्रतिस्पर्धा के स्तर को उजागर कर दिया है। फिलहाल, भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) साक्षी चौधरी जैसी उभरती हुई प्रतिभाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिन्होंने दिग्गज खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती दी है। निखत जरीन की अनुपस्थिति में अब अन्य मुक्केबाजों के पास वैश्विक मंच पर खुद को साबित करने का एक बड़ा अवसर होगा।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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