निकोलस पूरन आज विश्व क्रिकेट के उन चुनिंदा बल्लेबाज़ों में शुमार हैं, जिन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से टी20 क्रिकेट की परिभाषा ही बदल दी है। 2025 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद वह फ्रेंचाइज़ क्रिकेट में लगातार छाए हुए हैं, जहाँ उनकी पहचान एक मैच फिनिशर और आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज़ के रूप में और भी मजबूत हुई है। आईपीएल 2025 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 525 रन बनाकर टीम की बल्लेबाज़ी की रीढ़ साबित किया, जबकि मेजर लीग क्रिकेट 2023 के फाइनल में 55 गेंदों पर 137 रनों की तूफानी पारी खेलकर उन्होंने एमआई न्यूयॉर्क को खिताब दिलाया और सीज़न के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बने।

पूरन का फ्रेंचाइज़ क्रिकेट में दबदबा लगातार बढ़ता गया। सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें 2022 में 10.75 करोड़ रुपये में खरीदा, जिसके बाद 2023 में लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 16 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। इससे पहले वह किंग्स इलेवन पंजाब के लिए आईपीएल 2020 में 353 रन बनाकर चमके थे, जिसमें 25 छक्कों के साथ वह उस सीज़न के सबसे खतरनाक हिटर में से एक रहे। हालांकि 2021 सीज़न में उनका प्रदर्शन गिरकर सिर्फ 85 रन तक सिमट गया, लेकिन इसके बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी की और खुद को टी20 स्पेशलिस्ट के रूप में स्थापित कर दिया।

त्रिनिदाद के कौवा शहर से आने वाले पूरन ने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया था। नेपरिमा कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उन्होंने स्कूल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया और सिर्फ 16 वर्ष की उम्र में 2012 में राष्ट्रीय अंडर-19 टीम में जगह बना ली। 2014 अंडर-19 विश्व कप में उन्होंने वेस्टइंडीज के लिए 303 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 143 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली, जिसे टूर्नामेंट की सबसे यादगार पारियों में गिना जाता है। इसी टूर्नामेंट में उनका 136 रनों की साझेदारी का रिकॉर्ड भी चर्चा में रहा, जिसने उन्हें भविष्य का सुपरस्टार बना दिया।

हालांकि उनके करियर में संघर्ष भी कम नहीं रहे। 2015 में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर चोटों के कारण वह लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे, लेकिन वापसी के बाद उन्होंने कैरेबियन प्रीमियर लीग में दमदार प्रदर्शन किया। 2018 में बांग्लादेश प्रीमियर लीग में सिलहट सिक्सर्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 379 रन बनाकर टीम के शीर्ष स्कोरर का स्थान हासिल किया। 2020 में उन्होंने टी20 क्रिकेट में अपना पहला शतक जड़ा और लगातार टी20 लीगों में अपनी आक्रामक शैली का प्रदर्शन किया।

निकोलस पूरन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ टी20 डेब्यू किया और 2019 विश्व कप में वेस्टइंडीज के लिए 367 रनों के साथ शीर्ष स्कोरर बने। श्रीलंका के खिलाफ इसी साल उन्होंने अपना पहला वनडे शतक भी लगाया। 2019 में ICC ने उन्हें “राइजिंग स्टार” का दर्जा दिया। बाद में उन्हें उपकप्तान और फिर 2022 में वेस्टइंडीज सीमित ओवरों का कप्तान बनाया गया, लेकिन टी20 विश्व कप 2022 में टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उन्होंने कप्तानी छोड़ दी। उनके करियर में 2019 का बॉल-टैम्परिंग विवाद भी शामिल रहा, जिसके चलते उन्हें चार टी20 मैचों का प्रतिबंध झेलना पड़ा।

2025 में 29 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी पूरन का प्रभाव कम नहीं हुआ। वह अब पूरी तरह फ्रेंचाइज़ क्रिकेट पर केंद्रित हैं, जहाँ उनकी विस्फोटक बल्लेबाज़ी और मैच जिताऊ पारियाँ उन्हें आधुनिक टी20 क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में बनाए रखती हैं।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story