कौन हैं नांद्रे बर्गर? रफ्तार और उछाल से बल्लेबाजों के लिए बने खौफ का दूसरा नाम
टेनिस और स्क्वैश छोड़कर क्रिकेट अपनाने वाले नांद्रे बर्गर ने अपनी रफ्तार और सटीक गेंदबाजी से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहद कम समय में एक अलग पहचान बनाई है।

दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज नांद्रे बर्गर मैदान पर विकेट लेने के बाद खुशी मनाते हुए; उन्होंने भारत के खिलाफ डेब्यू सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर सबको प्रभावित किया।
दक्षिण अफ्रीका की तेज गेंदबाजी परंपरा में हाल के वर्षों में जिस नए चेहरे ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, वह हैं नांद्रे बर्गर। अपनी तेज रफ्तार, ऊंची उछाल और आक्रामक अंदाज के चलते बर्गर ने बेहद कम समय में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना ली है। 145 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति और बाउंसर की घातक क्षमता के दम पर वह शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के लिए लगातार चुनौती बनते जा रहे हैं। भारत के खिलाफ 2023 में डेब्यू सीरीज में ही उन्होंने 3/50 और 4/33 जैसे प्रभावशाली आंकड़े दर्ज कर यह संकेत दे दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं।
11 अगस्त 1995 को क्रुगर्सडॉर्प में जन्मे बर्गर का क्रिकेट तक का सफर सीधा नहीं रहा। किशोरावस्था में वह टेनिस और स्क्वैश के प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे और 15 साल की उम्र में क्षेत्रीय टेनिस रैंकिंग में शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल हो चुके थे। 17 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर स्क्वैश भी खेला, लेकिन पीठ की गंभीर चोट ने उनके इस करियर को रोक दिया। यही वह मोड़ था जब उन्होंने क्रिकेट की ओर रुख किया, जिसे वह खुद “एक आकस्मिक करियर” बताते हैं।
2014 में यूनिवर्सिटी ऑफ द विटवाटरस्रैंड में मनोविज्ञान की पढ़ाई के लिए मिली स्कॉलरशिप के दौरान बर्गर ने क्रिकेट में किस्मत आजमाई। यहीं उन्हें कोच नील लेवेनसन का मार्गदर्शन मिला, जिन्होंने उनकी तकनीक को निखारने में अहम भूमिका निभाई। पढ़ाई और क्रिकेट के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं था, लेकिन जब 2016-17 सीजन में केप कोब्रा से पहला फ्रेंचाइजी कॉन्ट्रैक्ट मिला, तो उन्होंने पढ़ाई छोड़कर पूरी तरह क्रिकेट को अपनाने का कठिन निर्णय लिया।
घरेलू क्रिकेट में बर्गर का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया। 2017-18 के सीएसए प्रांतीय वनडे चैलेंज में उन्होंने सिर्फ सात मैचों में 19 विकेट लेकर खुद को शीर्ष गेंदबाज के रूप में स्थापित किया। 2018 अफ्रीका टी20 कप में भी छह मैचों में 11 विकेट लेकर वह सबसे सफल गेंदबाज रहे। गौतेंग, लायंस और वेस्टर्न प्रोविंस जैसी टीमों के लिए खेलते हुए उन्होंने रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल दोनों फॉर्मेट में अपनी उपयोगिता साबित की। हालांकि इस दौरान उन्हें लंबर स्ट्रेस फ्रैक्चर जैसी गंभीर चोट का सामना भी करना पड़ा, जिसने उन्हें एक साल से अधिक समय तक क्रिकेट से दूर रखा।
इसके बावजूद बर्गर की वापसी दमदार रही। दिसंबर 2023 में भारत के खिलाफ उन्होंने महज 13 दिनों के भीतर टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों फॉर्मेट में डेब्यू कर एक दुर्लभ उपलब्धि हासिल की। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने दो मैचों में 11 विकेट लेकर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। उनकी गेंदबाजी में स्विंग से ज्यादा उछाल और आक्रामकता दिखती है, जो उन्हें पारंपरिक बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों से अलग बनाती है। यही खासियत उन्हें आधुनिक क्रिकेट में एक अनूठा हथियार बनाती है।
फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी उनकी मांग तेजी से बढ़ी है। 2024 आईपीएल के लिए राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 50 लाख रुपये में खरीदा, जो उनके बढ़ते कद को दर्शाता है। भले ही 2025 सीजन में उन्हें खेलने का मौका न मिला हो, लेकिन टीम ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें बनाए रखा। इसके साथ ही साउथ अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें 2024-25 सीजन के लिए राष्ट्रीय कॉन्ट्रैक्ट देकर उनकी अहमियत को और पुख्ता किया। आज नांद्रे बर्गर सिर्फ एक तेज गेंदबाज नहीं, बल्कि दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी आक्रमण में संतुलन और आक्रामकता का प्रतीक बन चुके हैं।

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