CSK के इस तेज़ गेंदबाज़ को होना पड़ा मैदान से दूर ; माँ के निधन पर भीलवाड़ा पहुंचे मुकेश चौधरी
IPL 2026 के बीच चेन्नई सुपर किंग्स के एक अहम खिलाड़ी गेंदबाज मुकेश चौधरी पर दुखों का साया छा गया। इस घटना ने टीम और क्रिकेट जगत को भावुक कर दिया, जहां साथ और समर्थन की एक संवेदनशील कहानी सामने आई।

गेंदबाज मुकेश चौधरी
IPL 2026 के रोमांच के बीच चेन्नई सुपर किंग्स के तेज गेंदबाज मुकेश चौधरी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। 21 अप्रैल 2026 को उनकी मां प्रेम देवी का एक वर्ष से चल रही लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। इस व्यक्तिगत क्षति ने न केवल मुकेश को बल्कि पूरी क्रिकेट बिरादरी को गमगीन कर दिया है।
प्रेम देवी पिछले कुछ समय से मुंबई के एक अस्पताल में इलाज करा रही थीं, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। मां के निधन की खबर मिलते ही मुकेश चौधरी तुरंत सीएसके कैंप छोड़कर अपने पैतृक शहर राजस्थान के भीलवाड़ा के लिए रवाना हो गए, जहां उन्होंने अपने बड़े भाई डॉ. राजेश चौधरी के साथ मिलकर अंतिम संस्कार की सभी रस्में निभाईं।
इस दुखद घटना का असर उनके पेशेवर दायित्वों पर भी पड़ा है। माना जा रहा है कि वह मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले जाने वाले चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच अहम मुकाबले में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। टीम प्रबंधन ने इस कठिन समय में उन्हें पूरा समर्थन देने का निर्णय लिया है।
The CSK family mourns the passing of Mukesh Choudhary’s mother.
— Chennai Super Kings (@ChennaiIPL) April 23, 2026
We stand with Mukesh and his family, keeping them in our thoughts and prayers during this incredibly difficult time.
चेन्नई सुपर किंग्स ने आधिकारिक बयान जारी कर गहरा शोक व्यक्त किया। टीम ने सोशल मीडिया पर लिखा, “सीएसके परिवार मुकेश चौधरी की मां के निधन पर शोक व्यक्त करता है। इस कठिन समय में हम मुकेश और उनके परिवार के साथ खड़े हैं और उन्हें अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हैं।” इस संवेदनशील पल में टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का मानवीय पक्ष भी सामने आया। रिपोर्ट्स के अनुसार, धोनी लगातार मुकेश के संपर्क में रहे और अस्पताल जाकर उनकी मां से भी मुलाकात की, जिससे इस कठिन समय में परिवार को संबल मिला।
मुकेश चौधरी 2022 से चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा हैं। अपने डेब्यू सीजन में उन्होंने 13 मैचों में 16 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की थी, हालांकि इसके बाद पिछले तीन वर्षों में उन्हें केवल चार मुकाबलों में ही खेलने का अवसर मिला। इसके बावजूद टीम के साथ उनका जुड़ाव मजबूत बना रहा है।
यह घटना न केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत त्रासदी को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि खेल के पीछे खड़े इंसान की भावनाएं और संघर्ष कितने गहरे होते हैं। क्रिकेट के इस मंच पर जहां जीत और हार की चर्चा होती है, वहीं ऐसे क्षण जीवन की वास्तविकताओं की याद दिलाते हैं, जो हर उपलब्धि से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होती हैं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
