बर्नबेउ में मोरिन्हो की 'ब्लैक रिटर्न'; बैन और नस्लवाद के साये में लौटे 'द स्पेशल वन'!
जोस मोरिन्हो की बर्नबेउ वापसी विवादों में घिरी—उन पर बैन, प्रेस्टियानी पर विनीसियस के खिलाफ नस्लवाद आरोप। बिना कोच बेनफिका कैसे भिड़ेगी रियल? जानिए कानूनी व तकनीकी पहलू।

Real Madrid vs Benfica
Champions League 2026 : फुटबॉल जगत के सबसे चर्चित और विवादास्पद कोचों में से एक, जोस मोरिन्हो की सैंटियागो बर्नबेउ में वापसी किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म के क्लाइमेक्स जैसी नजर आ रही है। साल 2013 में रियल मैड्रिड का साथ छोड़ने के बाद यह पहला मौका है जब मोरिन्हो इस ऐतिहासिक मैदान पर कदम रखेंगे, लेकिन यह वापसी वैसी नहीं है जैसी उनके प्रशंसकों ने सोची थी। बेनफिका के कोच के रूप में लौट रहे मोरिन्हो पर न केवल यूईएफए (UEFA) का कड़ा प्रतिबंध है, बल्कि उनकी टीम पर नस्लवाद जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं।
बुधवार को होने वाले चैंपियंस लीग के इस निर्णायक मुकाबले में मोरिन्हो डगआउट में नजर नहीं आएंगे। पिछले सप्ताह लिस्बन में खेले गए पहले चरण के मैच के दौरान, रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सियर के निर्णयों पर उग्र विरोध जताने के कारण उन्हें रेड कार्ड दिखाया गया था। लिस्बन में बेनफिका ने हालांकि 1-0 से जीत दर्ज की थी, लेकिन मोरिन्हो का आपा खोना अब उन पर भारी पड़ रहा है। उन पर मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में जाने या टीम से सीधे संपर्क करने पर पूर्ण प्रतिबंध है। मोरिन्हो ने कड़वाहट भरे स्वर में कहा कि उन्होंने अपने करियर के 1400 मैचों में ऐसा पक्षपातपूर्ण व्यवहार नहीं देखा, जहाँ रेफरी को पता था कि किसे कार्ड दिखाना है और किसे बचाना है।
मैच के तकनीकी पहलुओं से इतर, यह मुकाबला एक गहरे सामाजिक विवाद की चपेट में आ गया है। बेनफिका के युवा मिडफील्डर जियानलुका प्रेस्टियानी पर रियल मैड्रिड के स्टार खिलाड़ी विनीसियस जूनियर के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी करने का गंभीर आरोप है। रिपोर्टों के अनुसार, किलियन म्बाप्पे ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने स्पष्ट रूप से प्रेस्टियानी को विनीसियस के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते सुना था। इसके जवाब में विनीसियस ने सोशल मीडिया पर कड़ा प्रहार करते हुए लिखा, "नस्लवादी सबसे बड़े कायर होते हैं।"
इस संवेदनशील मुद्दे पर मोरिन्हो के बचाव ने आग में घी डालने का काम किया है। उन्होंने यह कहकर विवाद को जन्म दे दिया कि विनीसियस का गोल सेलिब्रेशन 'अपमानजनक' था, जिसे कई दिग्गजों ने नस्लवाद को जायज ठहराने की कोशिश करार दिया। नीदरलैंड के पूर्व दिग्गज क्लेरेंस सीडॉर्फ ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी उकसावे के आधार पर नस्लीय दुर्व्यवहार को सही नहीं ठहराया जा सकता। वर्तमान में प्रेस्टियानी को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है और दोष सिद्ध होने पर उन्हें 10 मैचों के प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है।
मैदान के अंदर की प्रतिद्वंद्विता भी कम दिलचस्प नहीं है। रियल मैड्रिड के वर्तमान कोच अल्वारो अर्बेलोआ, जिन्होंने जनवरी में ज़ाबी अलोंसो की जगह ली थी, पर अपनी जगह बचाने का भारी दबाव है। दिलचस्प बात यह है कि रियल मैड्रिड के अध्यक्ष फ्लोरेंटिनो पेरेज़ आज भी मोरिन्हो के बड़े प्रशंसक माने जाते हैं और गलियारों में यह चर्चा आम है कि अर्बेलोआ की विफलता मोरिन्हो की स्थायी वापसी का रास्ता साफ कर सकती है।
यह मैच केवल एक फुटबॉल मुकाबला नहीं, बल्कि मोरिन्हो की विरासत, रियल मैड्रिड के अस्तित्व और फुटबॉल में नस्लवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई का एक साझा मंच बन गया है। अब देखना यह होगा कि क्या बिना अपने सेनापति के बेनफिका इस 'नर्क' से बचकर निकल पाती है या मैड्रिड अपने पुराने गुरु को एक और जख्म देकर बाहर का रास्ता दिखाता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
