भारतीय क्रिकेट के मौजूदा दौर में अगर किसी तेज़ गेंदबाज़ ने अपनी धार, निरंतरता और मैच जिताने की क्षमता से अलग पहचान बनाई है, तो वह नाम मोहम्मद शमी का है। सीम पोज़िशन, रिवर्स स्विंग और डेथ ओवर्स में सटीक यॉर्कर के दम पर शमी ने खुद को दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाज़ों में स्थापित किया है। वर्ष 2023 के वनडे विश्व कप में 7 पारियों में 24 विकेट लेकर टूर्नामेंट के सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बनने से लेकर सेमीफाइनल में 7/57 जैसे ऐतिहासिक प्रदर्शन तक, शमी ने बड़े मंच पर अपनी काबिलियत का ऐसा प्रदर्शन किया जिसने उन्हें वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के सहसपुर गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के शिखर तक पहुंचने का उनका सफर संघर्ष और समर्पण की मिसाल है। किसान परिवार में जन्मे शमी के पिता तौसीफ अली खुद तेज गेंदबाज़ रहे थे और उन्होंने बेटे की प्रतिभा को शुरुआती दौर में ही पहचान लिया। कोच बदरुद्दीन सिद्दीकी की निगरानी में शमी ने कड़ी मेहनत की, लेकिन उत्तर प्रदेश की अंडर-19 टीम में चयन न होने के बाद उनका करियर मोड़ लेता है, जब उन्हें कोलकाता भेजा गया। वहां क्लब क्रिकेट से लेकर बंगाल टीम तक का सफर तय करते हुए उन्होंने अपनी गेंदबाज़ी को निखारा, खासकर पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग कराने की कला, जो आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन ने उन्हें 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दरवाजा खोलकर दिया। India national cricket team के लिए टेस्ट डेब्यू में ही 9 विकेट लेकर उन्होंने रिकॉर्ड कायम किया और भारतीय तेज गेंदबाज़ों में नई उम्मीद जगाई। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे कठिन दौरों पर भी उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की और महज़ 29 टेस्ट में 100 विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बने। टेस्ट क्रिकेट में 200 विकेट का आंकड़ा भी उन्होंने अपेक्षाकृत कम गेंदों में हासिल कर अपनी निरंतरता को प्रमाणित किया।

वनडे क्रिकेट में शमी का प्रभाव और भी अधिक विस्फोटक रहा है। 2015 विश्व कप में 17 विकेट लेकर उन्होंने भारत को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई, जबकि 2019 विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ हैट्रिक लेकर इतिहास रच दिया। उसी टूर्नामेंट में उन्होंने सिर्फ 4 मैचों में 14 विकेट लेकर अपनी घातक स्ट्राइक रेट से सबको चौंकाया। 2023 विश्व कप में उन्होंने कई रिकॉर्ड तोड़े, जिसमें भारत के लिए विश्व कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बनना और 50 विकेट तक सबसे तेज पहुंचना शामिल है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में उनका 7/57 का प्रदर्शन आज भी भारतीय वनडे इतिहास का सर्वश्रेष्ठ आंकड़ा माना जाता है।

आईपीएल में भी शमी ने अपनी अलग पहचान बनाई है। Gujarat Titans के लिए 2023 सीजन में 28 विकेट लेकर पर्पल कैप जीतना और पावरप्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज है। इससे पहले पंजाब और दिल्ली के लिए खेलते हुए भी उन्होंने लगातार प्रभाव छोड़ा। 2026 में Lucknow Super Giants से जुड़ना उनके करियर का नया अध्याय है, जहां उनसे फिर से आक्रामक गेंदबाज़ी की उम्मीदें हैं।

चोटों, व्यक्तिगत विवादों और लंबे ब्रेक के बावजूद शमी ने हर बार जोरदार वापसी की है। 2025 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में वापसी करते हुए उन्होंने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई और 200 वनडे विकेट तक सबसे तेज पहुंचने का रिकॉर्ड भी बनाया। उनकी कहानी सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि उस जज़्बे की है जिसने उन्हें हर मुश्किल से लड़ते हुए विश्व क्रिकेट का ‘अनप्लेयेबल’ गेंदबाज़ बना दिया।

Pratahkal Newsroom

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