आज के दौर में जब भी दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों की बात होती है, तो मिचेल स्टार्क का नाम सबसे ऊपर गूंजता है। अपनी 160 किमी/घंटा से ज्यादा की रफ्तार, सटीक यॉर्कर और घातक रिवर्स स्विंग के दम पर स्टार्क ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसा दबदबा बनाया है, जो बहुत कम गेंदबाजों को नसीब होता है। टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूपों में ऑस्ट्रेलिया के लिए शीर्ष विकेट लेने वालों में शामिल स्टार्क ने बड़े मंचों पर मैच का रुख बदलने की अपनी क्षमता से खुद को आधुनिक युग का मैच-विनर साबित किया है।

मिचेल स्टार्क का सफर हालांकि इतना आसान नहीं रहा। 30 जनवरी 1990 को जन्मे इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने शुरुआत एक विकेटकीपर के रूप में की थी, लेकिन धीरे-धीरे उनकी पहचान एक घातक तेज गेंदबाज के रूप में बनी। घरेलू क्रिकेट में न्यू साउथ वेल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 2009 में फर्स्ट क्लास डेब्यू किया और शुरुआती सीजन में ही 21 विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का संकेत दे दिया। 2010 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने के बाद उनका शुरुआती करियर चोटों से प्रभावित रहा, लेकिन उन्होंने हर बार वापसी कर अपनी काबिलियत साबित की।

स्टार्क को असली पहचान 2015 क्रिकेट वर्ल्ड कप में मिली, जहां उन्होंने 22 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बने। इसके बाद 2019 वर्ल्ड कप में उन्होंने 27 विकेट लेकर एक ही संस्करण में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड बना दिया। वह लगातार दो वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने और आज भी विश्व कप इतिहास के शीर्ष विकेट लेने वालों में गिने जाते हैं। उनकी यही निरंतरता उन्हें बड़े टूर्नामेंट का सबसे भरोसेमंद गेंदबाज बनाती है।

वनडे क्रिकेट में स्टार्क ने इतिहास रचते हुए सबसे तेज 150 और 200 विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम किया, जहां उन्होंने क्रमशः 77 और 102 मैचों में यह उपलब्धि हासिल की। वहीं, केवल 19 वर्ल्ड कप मैचों में 50 विकेट लेने का कारनामा उनकी घातक गेंदबाजी का प्रमाण है। टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने 400 विकेट का आंकड़ा पार करते हुए खुद को महान गेंदबाजों की श्रेणी में स्थापित किया। 2025 में अपने 100वें टेस्ट में उन्होंने 7 विकेट लेकर यह दिखाया कि अनुभव के साथ उनकी धार और तेज होती जा रही है।

स्टार्क की सबसे बड़ी ताकत उनकी रफ्तार और स्विंग है। टेस्ट क्रिकेट में 160.4 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकने का रिकॉर्ड उनके नाम है, जो उन्हें दुनिया के सबसे तेज गेंदबाजों में शामिल करता है। इसके साथ ही वह निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी करते हैं, जो कई मौकों पर टीम के लिए अहम साबित हुई है। 2021 टी20 वर्ल्ड कप, 2023 वनडे वर्ल्ड कप और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीतने वाली टीम का हिस्सा बनकर उन्होंने तीनों फॉर्मेट में आईसीसी ट्रॉफी जीतने का दुर्लभ रिकॉर्ड भी हासिल किया।

इंडियन प्रीमियर लीग में भी स्टार्क का प्रभाव कम नहीं रहा, हालांकि चोटों और राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के कारण उन्होंने सीमित सीजन खेले। फिर भी 2024 में कोलकाता के लिए रिकॉर्ड कीमत पर खरीदे जाने और फाइनल में शानदार गेंदबाजी करने से उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की। 2025 में दिल्ली के लिए खेलते हुए 5 विकेट लेकर मैच जिताना उनके अनुभव और क्लास का उदाहरण है। टी20 से संन्यास लेने के बाद अब उनका पूरा फोकस टेस्ट और वनडे क्रिकेट पर है, जहां वह लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।

मिचेल स्टार्क की कहानी केवल आंकड़ों की नहीं, बल्कि संघर्ष, वापसी और निरंतर उत्कृष्टता की कहानी है। चोटों से जूझते हुए भी उन्होंने जिस तरह खुद को दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में स्थापित किया, वही उन्हें असली सुपरस्टार बनाता है।

Pratahkal Newsroom

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