न्यूज़ीलैंड क्रिकेट की आधुनिक कहानी में मिचेल सैंटनर का नाम एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में उभरता है, जिसने अपनी संतुलित ऑलराउंड क्षमता और शांत नेतृत्व से टीम को नई दिशा दी है। सीमित ओवरों में टीम की कप्तानी संभालते हुए सैंटनर ने 2025 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड को फाइनल तक पहुंचाया, जहां टीम उपविजेता रही। इससे पहले 2019 विश्व कप में भी वह उस टीम का हिस्सा थे, जिसने फाइनल तक का सफर तय किया। बाएं हाथ के इस स्पिन गेंदबाज और उपयोगी बल्लेबाज ने समय के साथ खुद को सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि टीम के रणनीतिक स्तंभ के रूप में स्थापित किया है।

5 फरवरी 1992 को हैमिल्टन में जन्मे सैंटनर की क्रिकेट यात्रा घरेलू स्तर पर नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट्स से शुरू हुई। 2014-15 के घरेलू सीजन में उनके शानदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और डेनियल विटोरी के संन्यास के बाद उन्हें टीम में बाएं हाथ के स्पिन विकल्प के तौर पर देखा जाने लगा। इंग्लैंड दौरे पर 2015 में उन्हें वनडे टीम में मौका मिला और एडगबास्टन में उन्होंने सिर्फ 19 लिस्ट ए मैचों के अनुभव के साथ अंतरराष्ट्रीय पदार्पण कर लिया। उसी दौरे में समरसेट के खिलाफ 94 रन की पारी और एक ओवर में 28 रन बनाकर उन्होंने अपनी बल्लेबाजी क्षमता का भी दमदार परिचय दिया।

सैंटनर ने 2015 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक डे-नाइट टेस्ट से अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की, जहां वह पहले ऐसे खिलाड़ी बने जिन्होंने इस प्रारूप में पदार्पण किया। 2016 टी20 विश्व कप में उनका प्रदर्शन उन्हें वैश्विक पहचान दिलाने वाला साबित हुआ, खासकर भारत के खिलाफ 4/11 के आंकड़े, जो उस समय किसी भी कीवी स्पिनर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। पूरे टूर्नामेंट में 11 विकेट लेकर वह ‘टीम ऑफ द टूर्नामेंट’ में शामिल हुए। 2019 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले टेस्ट शतक के साथ उन्होंने बल्लेबाजी में भी अपनी उपयोगिता साबित की, जबकि बीजे वॉटलिंग के साथ उनकी 261 रन की साझेदारी न्यूजीलैंड के लिए सातवें विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी बनी।

हालांकि चोटों ने भी उनके करियर को प्रभावित किया, खासकर 2018 में घुटने की गंभीर चोट के कारण वह कई महीनों तक क्रिकेट से दूर रहे। इसके बावजूद उन्होंने 2019 में वापसी करते हुए विश्व कप में अहम भूमिका निभाई, जहां भारत के खिलाफ सेमीफाइनल में 2/34 का प्रदर्शन टीम की जीत में निर्णायक रहा। 2023 विश्व कप में उन्होंने नीदरलैंड्स के खिलाफ पांच विकेट लेकर इतिहास रचा और टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड के सबसे सफल गेंदबाज बने। 2024 में भारत के खिलाफ पुणे टेस्ट में 7/53 और 6/104 जैसे आंकड़े उनके करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में गिने जाते हैं।

आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ उनका सफर भी दिलचस्प रहा, जहां 2019 में उन्होंने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को यादगार जीत दिलाई। 2025 में मुंबई इंडियंस द्वारा 2 करोड़ रुपये में खरीदे जाने के बाद उनकी टी20 लीग में मांग और बढ़ गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2020 से उन्हें कप्तानी के मौके मिलने शुरू हुए और दिसंबर 2024 में केन विलियमसन के बाद उन्हें सीमित ओवरों का स्थायी कप्तान बना दिया गया। इसके बाद उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ सीरीज जीत और त्रिकोणीय सीरीज में अपराजित प्रदर्शन से अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की।

आज मिचेल सैंटनर केवल एक स्पिन ऑलराउंडर नहीं, बल्कि न्यूजीलैंड क्रिकेट की नई पहचान बन चुके हैं। उनके खेल में स्थिरता, दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता और शांत स्वभाव उन्हें आधुनिक क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद नेताओं में शामिल करता है। लगातार आईसीसी टूर्नामेंट्स में टीम को फाइनल तक पहुंचाने की उनकी क्षमता इस बात का प्रमाण है कि वह आने वाले समय में न्यूजीलैंड क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक बने रहेंगे।

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Pratahkal Newsroom

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