India U-17 Football Team : जब इरादों में फौलाद और हाथों में गोल रोकने का जुनून हो, तो रास्ते की तंगहाली भी कामयाबी का रास्ता नहीं रोक सकती। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के माधवपुर निवासी आलोक निषाद ने कुछ ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया है। भारतीय अंडर-17 राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में उत्तर प्रदेश से चुने जाने वाले एकमात्र खिलाड़ी बनकर आलोक ने न केवल प्रदेश का मान बढ़ाया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या रसूख की मोहताज नहीं होती। आलोक अब तुर्किए की राजधानी इस्तांबुल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में भारत की ओर से गोलकीपिंग की कमान संभालते नजर आएंगे।

इस्तांबुल का सफर और भारतीय टीम में चयन :

7 से 17 फरवरी तक इस्तांबुल में आयोजित होने वाली अंडर-17 फुटबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय दल की घोषणा कर दी गई है। इस पूरे दल में सबसे खास नाम आलोक निषाद का है, क्योंकि वे समूचे उत्तर प्रदेश से चयनित होने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं। मैदान पर गोलकीपर की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आलोक इस समय भारतीय फुटबॉल के उभरते हुए सबसे बड़े चेहरों में से एक हैं।

उपलब्धियों का 'गोल्डन' रिकॉर्ड :

आलोक का भारतीय टीम तक पहुँचने का सफर उनकी हालिया सफलताओं की गूंज है। इसी वर्ष आयोजित हुई बीसी राय फुटबॉल चैंपियनशिप (अंडर-19) में उन्होंने तेलंगाना की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। उनके अभेद्य डिफेंस और शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रतिष्ठित 'गोल्डन ग्लव्स' अवॉर्ड से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त, रिलायंस फाउंडेशन डेवलपमेंट लीग में भी उन्होंने 'बेस्ट गोलकीपर' का खिताब जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

आलोक की सफलता के मुख्य स्तंभ :

  • प्रारंभिक प्रशिक्षण : गोरखपुर की महाराणा प्रताप फुटबॉल एकेडमी और रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम।
  • शैक्षणिक पृष्ठभूमि : महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के पूर्व छात्र और सेंट एंड्रयूज कॉलेज से फुटबॉल की बारीकियां सीखीं।
  • वर्तमान प्रशिक्षण : उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए वर्तमान में हैदराबाद की एक प्रतिष्ठित फुटबॉल एकेडमी में अभ्यास।

संघर्ष और विरासत की प्रेरक गाथा :

आलोक की इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार का कड़ा संघर्ष छिपा है। उनके पिता, मनोज कुमार निषाद, नगर निगम में ड्राइवर के पद पर तैनात हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद बेटे के सपनों के बीच कभी आर्थिक तंगी को नहीं आने दिया। आलोक को फुटबॉल खेलने की प्रेरणा अपने चाचा धर्मेंद्र निषाद से मिली, जो स्वयं एक राष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं।

आलोक की इस ऐतिहासिक जीत पर उत्तर प्रदेश फुटबॉल संघ के महासचिव मोहम्मद शाहिद, गोरखपुर मंडल फुटबॉल संघ के सचिव हमजा खां और महाराणा प्रताप कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अरुण कुमार सिंह सहित कई खेल हस्तियों ने उन्हें बधाई दी है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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