कौन हैं मयंक मार्कंडे? गूगली के जादू से रातों-रात छाए भारत के युवा लेग स्पिनर
फिरकी गेंदबाज मयंक मार्कंडे के आईपीएल डेब्यू, घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन और भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय सफर का विस्तृत विवरण।

आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अपनी लेग स्पिन से पहचान बनाने वाले मयंक मार्कंडे के करियर के विभिन्न पड़ाव।
भारतीय क्रिकेट में जब भी युवा स्पिनरों की बात होती है, तो मयंक मार्कंडे का नाम अचानक उभरकर सामने आता है, जैसे किसी अनदेखे सितारे ने एक ही रात में अपनी चमक से सबको चौंका दिया हो। आईपीएल के मंच पर अपनी फिरकी का जादू दिखाकर उन्होंने जिस तरह बल्लेबाज़ों को उलझाया, उसने उन्हें चर्चा का केंद्र बना दिया। खासकर अपनी सधी हुई फ्लाइट और खतरनाक गूगली के दम पर उन्होंने बड़े-बड़े बल्लेबाज़ों को मात दी और बहुत कम समय में खुद को एक प्रभावशाली स्पिनर के रूप में स्थापित कर लिया।
पटियाला से आने वाले मयंक मार्कंडे का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। यादविंद्रा पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने क्रिकेट की बारीकियां सीखनी शुरू कर दी थीं और स्कूल टीम का हिस्सा बनकर अपने हुनर को निखारा। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने 2017-18 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के जरिए पंजाब के लिए टी20 डेब्यू किया, जहां उनकी गेंदबाजी ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। इसके तुरंत बाद विजय हजारे ट्रॉफी में लिस्ट-ए डेब्यू करते हुए उन्होंने शुरुआती दो मैचों में ही सात विकेट झटककर अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया।
साल 2018 का आईपीएल नीलामी उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जब मुंबई इंडियंस ने उन्हें महज 20 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। पहले ही मैच में चेन्नई के खिलाफ तीन विकेट लेकर उन्होंने सबको चौंका दिया, जिसमें महेंद्र सिंह धोनी का विकेट उनकी सबसे यादगार सफलता बन गया। इसके बाद सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ चार विकेट लेकर उन्होंने पर्पल कैप की दौड़ में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उनकी इस शानदार शुरुआत ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया और क्रिकेट जगत में उनका नाम तेजी से फैलने लगा।
आईपीएल की सफलता ने उन्हें भारतीय ए टीम और फिर राष्ट्रीय टीम तक पहुंचा दिया। फरवरी 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करते हुए उन्होंने देश का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि भारतीय टीम में स्पिन विभाग में कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते वह अपनी जगह लंबे समय तक पक्की नहीं कर सके, लेकिन उनके प्रदर्शन ने यह जरूर साबित कर दिया कि उनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने की पूरी क्षमता है।
घरेलू क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा। 2018-19 रणजी ट्रॉफी में पंजाब के लिए खेलते हुए उन्होंने सिर्फ छह मैचों में 29 विकेट लेकर टीम के सबसे सफल गेंदबाज बनने का गौरव हासिल किया। इसके अलावा इंग्लैंड लायंस के खिलाफ पांच विकेट लेकर उन्होंने अपनी गेंदबाजी की धार को और मजबूत साबित किया। आईसीसी ने भी 2019 आईपीएल से पहले उन्हें आठ खिलाड़ियों में शामिल किया जिन्हें खास तौर पर देखने लायक माना गया था।
आईपीएल में उनका सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2022 में मुंबई इंडियंस ने उन्हें फिर से खरीदा, जबकि 2023 में वह सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा बने, जहां उन्हें ज्यादा मौके मिले और उन्होंने वापसी के संकेत दिए। हालांकि 2024 सीजन में वह अपनी पुरानी लय नहीं पकड़ सके और इसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें खरीदा, लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। 2026 आईपीएल से पहले एक बार फिर वह मुंबई इंडियंस में लौट आए, जहां से उन्होंने अपने करियर को नई दिशा देने की कोशिश शुरू की है।

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