Manchester United vs Newcastle : फुटबॉल की दुनिया में अक्सर ऐसी कहानियाँ सामने आती हैं जो किसी फिल्मी पटकथा जैसी प्रतीत होती हैं। शनिवार की रात सेंट जेम्स पार्क में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहाँ मैनचेस्टर यूनाइटेड को न केवल हार का सामना करना पड़ा, बल्कि उन्हें जख्म भी उनके एक पुराने 'शिष्य' ने दिया। कभी यूनाइटेड के सॉकर स्कूल में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले विलियम ओसुला ने 12 साल बाद अपनी पुरानी टीम के खिलाफ निर्णायक गोल दागकर इतिहास पलट दिया।

मैच की शुरुआत से ही मैदान पर तनाव साफ देखा जा सकता था। मुकाबले ने उस वक्त एक नाटकीय मोड़ लिया जब पहले हाफ के अतिरिक्त समय में जैकब रैमसे को 'डाइव' लगाने के कारण दूसरा पीला कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया। न्यूकैसल की टीम 10 खिलाड़ियों तक सिमट चुकी थी, लेकिन उनके हौसले कम नहीं हुए। लाल कार्ड के तुरंत बाद, एंथनी गॉर्डन ने मैन यूनाइटेड के कप्तान ब्रूनो फर्नांडीस के साथ हुई झड़प के बीच एक पेनल्टी हासिल की और उसे गोल में तब्दील कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।

हालाँकि, यूनाइटेड ने पलटवार करने में देरी नहीं की। हाफ टाइम की सीटी बजने से ठीक पहले ब्रूनो फर्नांडीस के एक सटीक क्रॉस पर ब्राजीलियाई दिग्गज कैसिमिरो ने शानदार हेडर लगाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। ऐसा लग रहा था कि यूनाइटेड दूसरे हाफ में 10 खिलाड़ियों वाली न्यूकैसल पर हावी हो जाएगी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

मैच के अंतिम क्षणों में बेंच से आए डेनिश फॉरवर्ड विलियम ओसुला ने फुटबॉल प्रेमियों को हतप्रभ कर दिया। 90वें मिनट में ओसुला ने एक अविश्वसनीय 'सोलो' रन बनाया और गेंद को जाल में डालकर अपनी टीम को 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिला दी। गौरतलब है कि 22 वर्षीय ओसुला का यूनाइटेड से एक गहरा नाता है; साल 2014 में उन्होंने ओल्ड ट्रैफर्ड में 'मैनचेस्टर यूनाइटेड सॉकर स्कूल स्किल्स फाइनल' जीता था। आज वही कौशल उनकी पूर्व टीम की हार का कारण बना।

अंतरिम मैनेजर माइकल कैरिक के लिए यह हार एक बड़े झटके के रूप में आई है। कैरिक के नेतृत्व में शानदार शुरुआत (छह जीत और एक ड्रॉ) के बाद यह उनकी पहली हार है। मैच के बाद कैरिक ने टीम के प्रदर्शन पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा, "हम आज के खेल से कतई खुश नहीं हैं। 10 खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना कोई बहाना नहीं हो सकता; आज हम अपनी लय में नहीं थे और न्यूकैसल जीत की हकदार थी।" यह मुकाबला न केवल अंकों के लिहाज से बल्कि भावनात्मक रूप से भी फुटबॉल जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ एक पुराने सम्मान की तस्वीर आज एक कड़वी हार के रूप में वायरल हो रही है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

Next Story