भारतीय शटलर अश्मिता चालिहा डेनमार्क की लाइन केयर्सफेल्ड से मुकाबला हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं, जिससे कुआलालंपुर में भारत का अभियान समाप्त हो गया।

Malaysia Masters 2026 Ashmita Chaliha : अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन कोर्ट से भारतीय खेल प्रेमियों के लिए एक बेहद निराश करने वाली खबर सामने आई है। मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में खेले जा रहे प्रतिष्ठित मलेशिया मास्टर्स बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत की आखिरी उम्मीद भी शुक्रवार को टूट गई। महिला सिंगल्स के एक बेहद रोमांचक और दिल थाम देने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय शटलर अश्मिता चालिहा को हार का सामना करना पड़ा है। इस हार के साथ ही बीडब्ल्यूएफ (BWF) सुपर 500 टूर्नामेंट में भारतीय बैडमिंटन दल का अभियान पूरी तरह से समाप्त हो गया है। पूरे मैच के दौरान अश्मिता ने जीत के लिए जी-जान लगा दी, लेकिन अंत में विरोधी खिलाड़ी के आक्रामक खेल और अनुभव के सामने उन्हें घुटने टेकने पर मजबूर होना पड़ा।

61 मिनट का महासंग्राम: पहला गेम जीतकर भी डेनमार्क की केयर्सफेल्ड से हारीं अश्मिता

विश्व रैंकिंग में 71वें स्थान पर काबिज युवा भारतीय शटलर अश्मिता चालिहा का सामना क्वार्टर फाइनल में डेनमार्क की पूर्व यूरोपियन गेम्स चैंपियन और विश्व की 23वें नंबर की खिलाड़ी लाइन केयर्सफेल्ड से था। रैंकिंग के इस बड़े फासले के बावजूद अश्मिता ने मैच की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की। उन्होंने केयर्सफेल्ड को हैरान करते हुए शुरुआती गेम के मध्य तक 11-6 की मजबूत बढ़त बना ली थी। हालांकि, अनुभवी डेनिश खिलाड़ी ने पासा पलटते हुए स्कोर को 17-17 की बराबरी पर ला खड़ा किया। इस नाजुक मोड़ पर अश्मिता ने अद्वितीय मानसिक दृढ़ता दिखाई और 61 मिनट तक चलने वाले इस महामुकाबले का पहला गेम 23-21 से अपने नाम कर भारतीय खेमे में जोश भर दिया।

दूसरे गेम में हाथ से फिसला मोमेंटम, निर्णायक सेट में केयर्सफेल्ड ने किया एकतरफा कब्जा

जीत की दहलीज पर खड़ी अश्मिता ने दूसरे गेम में भी अपनी लय बरकरार रखी और देखते ही देखते 10-5 की शानदार बढ़त हासिल कर ली। ऐसा लग रहा था कि भारतीय खिलाड़ी सीधे गेमों में मैच जीतकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लेंगी, लेकिन यहीं से लाइन केयर्सफेल्ड ने मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया। डेनिश शटलर ने इंटरवल तक स्कोर को 11-10 किया और फिर खेल दोबारा शुरू होते ही लगातार अंक बटोरकर अश्मिता पर दबाव बना दिया। केयर्सफेल्ड ने यह गेम 21-18 से जीतकर मैच को निर्णायक तीसरे गेम में धकेल दिया। अंतिम और निर्णायक गेम में अश्मिता का आत्मविश्वास डगमगा गया। शुरुआती स्कोर 4-4 की बराबरी पर रहने के बाद केयर्सफेल्ड ने मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा कर दिया। अश्मिता विरोधी खिलाड़ी की सटीक ड्रॉप शॉट्स और स्मैश का सामना नहीं कर सकीं और केयर्सफेल्ड ने आखिरी सेट 21-11 से जीतकर अश्मिता का खिताबी सपना तोड़ दिया।

भारतीय बैडमिंटन दल का निराशाजनक प्रदर्शन: पहले और दूसरे दौर में ही साफ हुआ सूपड़ा

अश्मिता चालिहा की इस हार ने मलेशिया मास्टर्स में भारतीय अभियान के फ्लॉप शो पर अंतिम मुहर लगा दी है। इससे पहले गुरुवार को भारतीय टीम के बाकी प्रमुख खिलाड़ियों को शर्मनाक हार झेलकर बाहर होना पड़ा था। महिला सिंगल्स में ही मालविका बंसोड़ को दूसरे दौर में इसी डेनिश खिलाड़ी केयर्सफेल्ड ने मात दी थी, जबकि युवा देविका सिहाग को पूर्व ओलंपिक चैंपियन और टॉप सीड चीनी खिलाड़ी चेन यूफेई के हाथों 21-16, 21-13 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। पुरुष डबल्स में एमआर अर्जुन और हरिहरन अम्साकारुनन की जोड़ी को चीन के हू केयुआन और लिन जियांगयी ने सीधे सेटों में बाहर कर दिया, तो मिक्स्ड डबल्स में सात्विक रेड्डी कनापुरम और राधिका शर्मा की जोड़ी अमेरिका के प्रेस्ली स्मिथ और जेनी गाई से एक कड़े मुकाबले में 12-21, 25-27 से हार गई। वहीं, पुरुष सिंगल्स में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद लक्ष्य सेन और एचएस प्रणय टूर्नामेंट के पहले ही दौर में हारकर बाहर हो चुके थे।

बड़े टूर्नामेंटों से पहले भारतीय बैडमिंटन के लिए खतरे की घंटी :

कुआलालंपुर के कोर्ट पर भारतीय शटलरों का इस तरह बिखरना आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिहाज से एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। स्टार खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में युवा ब्रिगेड के पास खुद को साबित करने का यह एक सुनहरा मौका था, लेकिन कोर्ट पर निरंतरता की कमी और दबाव के क्षणों में बिखरने की कमजोरी एक बार फिर उजागर हो गई। अश्मिता चालिहा ने निश्चित रूप से अपने जुझारू खेल से प्रभावित किया, लेकिन खेल के अंतिम पलों में रणनीति में चूक उन्हें भारी पड़ गई। अब भारतीय बैडमिंटन संघ और कोचों को इस सामूहिक विफलता का बारीकी से विश्लेषण करना होगा ताकि भविष्य के वैश्विक मंचों पर देश के प्रदर्शन को सुधारा जा सके।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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