इंदौर। रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सत्र में मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम के लिए बिहार के खिलाफ मुकाबला बेहद अहम हो गया है। सोमवार से शुरू होने वाले सत्र के तीसरे मैच में मध्य प्रदेश की नजर बड़ी जीत के साथ पूरे सात अंक हासिल करने पर है। इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मुकाबले का परिणाम अंक तालिका में टीम की आगे की स्थिति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बिहार की टीम पहली बार इंदौर में कोई मैच खेलने उतरेगी। मुकाबले का बीसीसीआई की वेबसाइट पर सीधा प्रसारण भी किया जाएगा।

मध्य प्रदेश की टीम रणजी ट्रॉफी के पिछले दोनों मैचों में पहली पारी की बढ़त हासिल कर चुकी है। छह अंकों के साथ टीम अंक तालिका में चौथे स्थान पर है। तालिका में बड़ौदा 14 अंकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि दूसरे स्थान पर मौजूद उत्तर प्रदेश के 13 अंक हैं। विदर्भ की टीम 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। ऐसे में बिहार के खिलाफ मुकाबला मध्य प्रदेश के लिए अपनी स्थिति मजबूत करने का अहम अवसर है।

बिहार की टीम पिछले दोनों मैचों में करारी हार का सामना कर चुकी है। इससे टीम का मनोबल प्रभावित होने की संभावना है। मध्य प्रदेश की सितारों से सजी टीम को अपने घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा भी मिलेगा। मेजबान टीम बिहार पर दबाव बनाकर इसका लाभ उठाने की कोशिश करेगी। मध्य प्रदेश का लक्ष्य इस मुकाबले से पूरे सात अंक हासिल कर अंक तालिका में अपनी स्थिति सुधारना है।

मध्य प्रदेश के लिए इस मैच में जीत इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि आगे समूह की मजबूत टीमों से उसका सामना होना है। उन टीमों के खिलाफ अंक हासिल करना आसान नहीं होगा। मध्य प्रदेश की टीम की कमान अनुभवी कप्तान रजत पाटीदार के हाथों में है। शुभम शर्मा भी अच्छी फॉर्म में हैं। वहीं, मध्य प्रदेश की अंडर-23 टीम के कप्तान सक्षम पुरोहित को इस मुकाबले के लिए सीनियर टीम में शामिल किया गया है। पूरी संभावना है कि सक्षम सोमवार को रणजी टीम में पदार्पण करेंगे।

सक्षम पुरोहित भी इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। अंडर-23 टीम के लिए पिछले दोनों मैचों में उन्होंने प्रभावी बल्लेबाजी की थी, जिसमें एक शतक भी शामिल है। मध्य प्रदेश के गेंदबाजी आक्रमण में आवेश खान, अरशद खान, कुमार कार्तिकेय सिंह और सारांश जैन जैसे अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं। हरफनमौला खिलाड़ी आर्यन पांडे टीम को बेहतर संतुलन देते हैं। मौजूदा खिलाड़ियों की फॉर्म और घरेलू परिस्थितियों को देखते हुए कागज पर मध्य प्रदेश का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।

मध्य प्रदेश और बिहार के बीच अब तक तीन मुकाबले खेले गए हैं और बिहार की टीम इनमें से एक भी मैच नहीं जीत सकी है। दोनों टीमों के बीच पहला मुकाबला मार्च 1973 में जमशेदपुर में खेला गया था। मध्य प्रदेश ने यह मैच पहली पारी की बढ़त के आधार पर जीता था। उस समय मध्य प्रदेश की टीम में बीसीसीआई के पूर्व सचिव संजय जगदाले, अशोक जगदाले, नरेंद्र दुआ, पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर नरेंद्र मेनन और गुलरेज अली जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी शामिल थे। टीम की कमान भगवानदास सुथार ने संभाली थी।

दोनों टीमों के बीच दूसरा मुकाबला नवंबर 2003 में हुआ था, जिसमें मध्य प्रदेश ने 159 रनों से जीत दर्ज की थी। तीसरा मैच नवंबर 2024 में खेला गया था। इस मुकाबले में मध्य प्रदेश ने बिहार को पारी और 108 रनों से पराजित किया था। बिहार की टीम ने अब तक इंदौर में कोई मैच नहीं खेला है और इस बार वह पहली बार यहां मैदान पर उतरेगी।

लगातार तीन मुकाबलों के आपसी रिकॉर्ड में बढ़त और मौजूदा अंक तालिका की स्थिति मध्य प्रदेश के लिए इस मैच का महत्व बढ़ाती है। टीम की कोशिश बिहार के खिलाफ जीत के साथ पूरे सात अंक जुटाकर आगे के कठिन मुकाबलों से पहले अपनी स्थिति मजबूत करने की होगी।

Pratahkal Bureau

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