दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी आज विश्व क्रिकेट में उन खिलाड़ियों में गिने जाते हैं, जो बड़े मैचों में अपनी सटीक गेंदबाजी से खेल का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। करीब 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार, दोनों दिशाओं में स्विंग और खतरनाक बाउंसर के साथ एनगिडी ने खुद को आधुनिक दौर के प्रभावी तेज गेंदबाजों में स्थापित किया है। 2025 में दक्षिण अफ्रीका को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जिताने में उनकी अहम भूमिका ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी, जहां फाइनल में दूसरी पारी में 3/38 के आंकड़े उनके मैच विनिंग योगदान का प्रमाण बने।

29 मार्च 1996 को डरबन के क्लूफ में जन्मे एनगिडी का शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा रहा। उनकी मां घरेलू कामगार और पिता स्कूल में मेंटेनेंस कर्मचारी थे, लेकिन शिक्षा और खेल में उनकी प्रतिभा ने उन्हें छात्रवृत्ति दिलाई। हिल्टन कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उन्होंने पहले रग्बी खेला, लेकिन बाद में क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित किया। यहीं उन्हें पूर्व जिम्बाब्वे ऑलराउंडर नील जॉनसन से कोचिंग मिली, जिसने उनके खेल को नई दिशा दी। आगे चलकर उन्होंने प्रिटोरिया विश्वविद्यालय से इंडस्ट्रियल सोशियोलॉजी में पढ़ाई भी की, जिससे यह साफ होता है कि उन्होंने खेल और शिक्षा दोनों को संतुलित रखा।

घरेलू क्रिकेट में एनगिडी ने 2015 अफ्रीका टी20 कप से अपनी पहचान बनानी शुरू की, जहां उनके प्रदर्शन ने उन्हें तेजी से सुर्खियों में ला दिया। अगले ही साल उन्हें इस टूर्नामेंट का प्लेयर ऑफ द ईयर चुना गया। टाइटंस के लिए खेलते हुए उन्होंने घरेलू टी20 खिताब जीतने में योगदान दिया और धीरे-धीरे फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी अपनी जगह बनाई। 2018 में आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें खरीदा, जहां उन्होंने 9 मैचों में 11 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की। बाद में दिल्ली कैपिटल्स और अन्य लीग्स जैसे मेजर लीग क्रिकेट और SA20 में भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एनगिडी का आगाज 2017 में श्रीलंका के खिलाफ टी20 मैच से हुआ, जहां उन्होंने पदार्पण मैच में ही प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता। 2018 में भारत के खिलाफ टेस्ट डेब्यू उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जब उन्होंने मैच में 7/87 के आंकड़े दर्ज किए, जिसमें दूसरी पारी में 6/39 की घातक गेंदबाजी शामिल थी। उसी साल उन्होंने वनडे क्रिकेट में भी कदम रखा और धीरे-धीरे टीम के प्रमुख गेंदबाज बन गए। 2020 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने अपने करियर का पहला वनडे पांच विकेट हॉल हासिल किया और सिर्फ 26 मैचों में 50 विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका के सबसे तेज गेंदबाज बनने का रिकॉर्ड बनाया।

टी20 प्रारूप में भी एनगिडी ने अपनी उपयोगिता साबित की, खासकर 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ पहली बार पांच विकेट लेकर उन्होंने अपनी काबिलियत का प्रदर्शन किया। हालांकि चोटों ने कई बार उनके करियर की रफ्तार को धीमा किया, लेकिन हर बार उन्होंने वापसी कर यह दिखाया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। 2019 विश्व कप और 2021 टी20 विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में उनकी मौजूदगी टीम के लिए अहम रही, जबकि 2024 टी20 विश्व कप में उन्हें रिजर्व खिलाड़ी के रूप में शामिल किया गया।

मैदान के बाहर भी एनगिडी ने अपनी आवाज बुलंद की है। 2020 में उन्होंने ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन के समर्थन में खुलकर बात की और दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट में नस्लीय मुद्दों पर चर्चा की पहल की। उनके इस रुख को जहां कुछ आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, वहीं कई पूर्व खिलाड़ियों और साथियों ने उनका समर्थन भी किया। यह दिखाता है कि एनगिडी सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी जिम्मेदारी निभाने वाले खिलाड़ी हैं।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story