Liverpool प्रशंसकों का बड़ा फैसला: जाने क्यों स्टेडियम के भीतर डाला खर्च पर पूर्ण बहिष्कार?
टिकटों की बढ़ती कीमतों के खिलाफ लिवरपूल के प्रशंसकों ने 'नॉट ए पाउंड इन द ग्राउंड' अभियान के साथ स्टेडियम में खर्च का बहिष्कार किया। जानिए क्या है पूरी वजह।

एंफील्ड स्टेडियम में लिवरपूल और प्रतिद्वंद्वी टीम के बीच जारी मुकाबला
Liverpool fans protest ticket price hike : मशहूर फुटबॉल क्लब लिवरपूल के एंफील्ड स्टेडियम में इन दिनों फुटबॉल के जुनून के साथ-साथ विरोध की लहरें भी हिलोरे ले रही हैं। क्लब के मालिक फेनवे स्पोर्ट्स ग्रुप (FSG) द्वारा अगले तीन सीजनों के लिए टिकटों की कीमतों में मुद्रास्फीति आधारित वृद्धि की घोषणा के बाद प्रशंसकों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस फैसले के विरोध में 'स्पिरिट ऑफ शैकली' प्रशंसक समूह ने 'नॉट ए पाउंड इन द ग्राउंड' अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत समर्थकों ने मैच के दौरान स्टेडियम के भीतर किसी भी प्रकार की खरीदारी या खर्च न करने का संकल्प लिया है। यह आंदोलन न केवल क्लब के आर्थिक ढांचे को चुनौती दे रहा है, बल्कि फुटबॉल के व्यवसायीकरण और आम समर्थकों के बीच बढ़ती दूरी को भी उजागर कर रहा है।
विवाद का मुख्य केंद्र क्लब की नई मूल्य नीति है, जिसके तहत अगले साल वयस्क सीजन टिकटों की कीमतों में 21.50 पाउंड से लेकर 27 पाउंड तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। क्लब प्रबंधन ने इस 3 प्रतिशत की वृद्धि का बचाव करते हुए तर्क दिया है कि साल 2010 से अब तक परिचालन लागत और मुद्रास्फीति में 45 प्रतिशत का उछाल आया है। क्लब के अनुसार, पिछले दस वर्षों में आठ बार टिकटों की कीमतों को फ्रीज (स्थिर) रखा गया था, लेकिन अब बढ़ते खर्चों के कारण कीमतों में मामूली बदलाव अनिवार्य हो गया है। हालांकि, प्रबंधन ने यह स्पष्ट किया है कि जूनियर प्रशंसकों के लिए टिकट की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और वे पहले की तरह ही स्थिर रहेंगी।
यह विरोध प्रदर्शन केवल एंफील्ड तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मर्सरसाइड के दूसरी ओर स्टैनली पार्क स्थित एवर्टन फुटबॉल क्लब के प्रशंसकों के बीच भी इसी तरह का असंतोष देखा जा रहा है। एवर्टन के समर्थकों को भी टिकटों की कीमतों में भारी वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण अब दोनों प्रतिद्वंद्वी क्लबों के प्रशंसक समूहों ने 'मर्सरसाइड डर्बी' के दिन संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। जैसे-जैसे सीजन टिकटों के नवीनीकरण की तारीख नजदीक आ रही है, प्रशंसकों का यह एकजुट प्रयास क्लब मालिकों पर दबाव बनाने का एक सशक्त माध्यम बन गया है।
Ngumoha says Liverpool is the biggest club in the world!❤️
— LFC Transfer Room (@LFCTransferRoom) April 11, 2026
We need to hold on to this potential superstar.🌟 pic.twitter.com/T6YUQJHbkQ
इस घटनाक्रम ने इंग्लिश प्रीमियर लीग में क्लबों के राजस्व मॉडल और प्रशंसकों के अधिकारों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। समर्थकों का मानना है कि क्लबों की अत्यधिक व्यावसायिक महत्वाकांक्षाएं स्थानीय और निष्ठावान प्रशंसकों को खेल से दूर कर रही हैं। यदि यह 'बहिष्कार' अभियान सफल होता है, तो यह आने वाले समय में अन्य बड़े फुटबॉल क्लबों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी साबित हो सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या लिवरपूल प्रबंधन प्रशंसकों की भावनाओं को देखते हुए अपने फैसले पर पुनर्विचार करता है या फिर एंफील्ड की दीवारों के भीतर यह विद्रोह और अधिक उग्र रूप धारण करेगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
